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यूपी : आईटी, स्टार्टअप और डाटा सेंटर में 14000 करोड़ का निवेश, प्रदेश डिजिटल डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा
Wed, 10 Dec 2025 03:18 PM IST
आकाश द्विवेदी
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: आकाश द्विवेदी
Updated Wed, 10 Dec 2025 03:18 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश आईटी, स्टार्टअप और डेटा सेंटर निवेश का बड़ा केंद्र बन रहा है, जहाँ 14,000 करोड़ से अधिक का निवेश और हजारों रोजगार पैदा हुए हैं। इंफोसिस, एडोब, आईबीएम जैसी कंपनियों के आने से प्रदेश तेजी से राष्ट्रीय टेक हब के रूप में उभर रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
उत्तर प्रदेश ने डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की है, जिससे प्रदेश देश के प्रमुख डिजिटल डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। इंफोसिस, एडोब, आईबीएम, और टेली पर्फार्मेंस जैसी वैश्विक आईटी कंपनियों के निवेश से न केवल प्रदेश में आर्थिक प्रगति हो रही है, बल्कि लाखों की संख्या में रोजगारों का भी सृजन हो रहा है। इस सेक्टर में 14000 करोड रुपए से ज्यादा का निवेश राज्य में आया है।
प्रदेश को स्टार्टअप, आईटी सेक्टर और डाटा प्रॉसेसिंग के हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस क्रम में स्टार्टअप के विकास के लिए प्रदेश सरकार की ओर से दिये जाने वाले वित्तीय प्रोत्साहन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2021-22 में जहां स्टार्टअप प्रोत्साहन के लिए मात्र 274 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी, वहीं 2022-23 में यह बढ़कर 866 लाख रुपये और 2023-24 में 1,326 लाख रुपये तक पहुंच गई। जबकि वर्ष 2025 में स्टार्टअप प्रोत्साहन राशि के रूप में 2,600 लाख रुपये दिये जा चुके हैं।
आईटी और आईटीईएस नीति के तहत भी उत्तर प्रदेश ने निवेश और रोजगार के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। वर्ष 2025 की शुरुआत में ही 2 एलओसी से जरिये 28.34 करोड़ का निवेश और 1,600 नए रोजगार सृजित हुए जबकि सितंबर 2025 के बाद प्राप्त 3 बड़े प्रस्तावों के माध्यम से 868 करोड़ के निवेश और लगभग 7,800 रोजगार का सृजन हुआ है। इनमें इंफोसिस, एडोब, आईबीएम, और टेली पर्फार्मेंस जैसी वैश्विक आईटी कंपनियां निवेश कर,उत्तर प्रदेश को आईटी और टेक्नालॉजी निवेश के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित कर रही हैं।
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प्रदेश को स्टार्टअप, आईटी सेक्टर और डाटा प्रॉसेसिंग के हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस क्रम में स्टार्टअप के विकास के लिए प्रदेश सरकार की ओर से दिये जाने वाले वित्तीय प्रोत्साहन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2021-22 में जहां स्टार्टअप प्रोत्साहन के लिए मात्र 274 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी, वहीं 2022-23 में यह बढ़कर 866 लाख रुपये और 2023-24 में 1,326 लाख रुपये तक पहुंच गई। जबकि वर्ष 2025 में स्टार्टअप प्रोत्साहन राशि के रूप में 2,600 लाख रुपये दिये जा चुके हैं।
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आईटी और आईटीईएस नीति के तहत भी उत्तर प्रदेश ने निवेश और रोजगार के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। वर्ष 2025 की शुरुआत में ही 2 एलओसी से जरिये 28.34 करोड़ का निवेश और 1,600 नए रोजगार सृजित हुए जबकि सितंबर 2025 के बाद प्राप्त 3 बड़े प्रस्तावों के माध्यम से 868 करोड़ के निवेश और लगभग 7,800 रोजगार का सृजन हुआ है। इनमें इंफोसिस, एडोब, आईबीएम, और टेली पर्फार्मेंस जैसी वैश्विक आईटी कंपनियां निवेश कर,उत्तर प्रदेश को आईटी और टेक्नालॉजी निवेश के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित कर रही हैं।
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