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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: High Court Rules — Fetus Over Five Months Old to be Treated as a Person; Orders Separate Compensation in C

UP: हाईकोर्ट ने कहा- पांच माह से अधिक के गर्भस्थ शिशु को व्यक्ति माना जाएगा, मौत पर अलग मुआवजा देने का आदेश

Sat, 21 Mar 2026 09:51 AM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Sat, 21 Mar 2026 09:51 AM IST
सार

हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पांच माह से अधिक गर्भस्थ शिशु को व्यक्ति मानते हुए उसकी मृत्यु पर अलग मुआवजा देने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि गर्भस्थ शिशु भी स्वतंत्र जीवन है। फैसले में महिला के साथ शिशु की मौत पर भी अलग क्षतिपूर्ति सुनिश्चित की गई।

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UP: High Court Rules — Fetus Over Five Months Old to be Treated as a Person; Orders Separate Compensation in C
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक अहम फैसले में कहा है कि पांच माह से अधिक उम्र के गर्भस्थ शिशु को भी कानून की नजर में एक व्यक्ति माना जाएगा। इसलिए यदि किसी दुर्घटना में गर्भ में पल रहे शिशु की मौत होती है, तो उसे एक स्वतंत्र जीवन की हानि मानते हुए अलग से मुआवजा दिया जाएगा।

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यह फैसला न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की एकल पीठ ने सुखनंदन द्वारा दाखिल अपील पर सुनाया। यह अपील रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल, लखनऊ के 18 फरवरी 2025 के आदेश के खिलाफ की गई थी।
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मामला 2 सितंबर 2018 का है। भानमती नाम की एक गर्भवती महिला बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ते समय गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उस समय वह 8–9 महीने की गर्भवती थी और दुर्घटना में गर्भस्थ शिशु की भी मृत्यु हो गई।
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रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल ने महिला की मौत पर परिजनों को 8 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया था, लेकिन गर्भस्थ शिशु के लिए कोई मुआवजा नहीं दिया। इसके खिलाफ परिजनों ने हाईकोर्ट में अपील की।


हाईकोर्ट ने विभिन्न न्यायालयों के फैसलों और कानूनी सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा कि गर्भस्थ शिशु भी एक स्वतंत्र जीवन होता है। यदि दुर्घटना में उसकी मृत्यु होती है, तो उसे बच्चे की मृत्यु के समान माना जाएगा। अदालत ने ट्रिब्यूनल के फैसले में बदलाव करते हुए महिला के लिए दिए गए 8 लाख रुपये के अलावा गर्भस्थ शिशु की मृत्यु पर भी 8 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।

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