फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP have to provide account of Rs 10,000 crore to Finance Commission

लखनऊ : आठ साल बाद भी अरबों का हिसाब नहीं दिया राज्यों ने, यूपी को उपलब्ध कराना है 10 हजार करोड़ का लेखा

Sat, 23 Sep 2023 05:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा महेंद्र तिवारी, लखनऊ
महेंद्र तिवारी, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 23 Sep 2023 05:49 AM IST
सार

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने राज्यों के मुख्य सचिवों से आवंटित धनराशि के संपूर्ण खर्च का उपभोग प्रमाणपत्र 30 अक्तूबर तक उपलब्ध कराने को कहा है। यूपी को सर्वाधिक 10 हजार करोड़ रुपये का हिसाब देना है।

विज्ञापन
UP have to provide account of Rs 10,000 crore to Finance Commission
सांकेतिक तस्वीर... - फोटो : Social Media

विस्तार

तेरहवें वित्त आयोग को खत्म हुए आठ साल बीतने वाले हैं लेकिन राज्यों ने आयोग से मिली धनराशि का अब तक पूरा हिसाब नहीं दिया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने राज्यों के मुख्य सचिवों से आवंटित धनराशि के संपूर्ण खर्च का उपभोग प्रमाणपत्र 30 अक्तूबर तक उपलब्ध कराने को कहा है। यूपी को सर्वाधिक 10 हजार करोड़ रुपये का हिसाब देना है।

विज्ञापन


केंद्र सरकार ने 13 वें वित्त आयोग की अवधि 2010-11 से 2014-15 के बीच विभिन्न कार्यों के लिए राज्यों को 80,027 करोड़ रुपये का आवंटन किया था। यूपी को 10,010.02 करोड़ रुपये जारी किए थे। इसमें एनपीआरडीजी, लोकल बॉडी ग्रांट, राज्य आपदा मोचक निधि व राष्ट्रीय आपदा मोचक निधि व परफार्मेंस ग्रांट के रूप में दी जाने वाली धनराशि शामिल नहीं है।
विज्ञापन


केंद्रीय वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (वित्त आयोग डिविजन) में उप सचिव अनिल गैरोला ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि राज्यों से पूरे या आंशिक उपभोग प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं हुए हैं। इसका मतलब है कि दी गई राशि पूरी या आंशिक खर्च नहीं हुई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे में जारी संपूर्ण धनराशि का हिसाब 30 अक्तूबर तक उपलब्ध कराया जाए। गैरोला ने कहा है कि यदि उपभोग प्रमाणपत्र आंशिक दिए गए हैं तो पूरी राशि के लिए मदवार नया उपभोग प्रमाणपत्र उपलब्ध कराएं। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने अपर मुख्य सचिव वित्त को इस संबंध में कार्यवाही के लिए निर्देशित किया है।

इन कार्यों में खर्च बजट का यूपी को देना है हिसाब। मद और धनराशि (करोड़ रुपये में)...

  • कैपिसिटी बिल्डिंग 5.00
  • न्याय तंत्र के विस्तार 246.48
  • यूनिक आईडी 59.00
  • डिस्ट्रिक्ट इनोवेशन फंड 35.00
  • आईएमआर 17.66
  • कर्मचारी व पेंशनर डाटाबेस 2.50
  • सांख्यिकी सिस्टम 28.00
  • प्राथमिक शिक्षा 5040.00
  • वन 80.48
  • अतिरिक्त ऊर्जा 87.76
  • जल सेक्टर प्रबंधन 341.00
  • सड़क व पुलों की मरम्मत 2830.00
  • राज्य केंद्रित आवश्यकता 1216.31
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed