महिलाओं को खास सुविधा देगी योगी सरकार, हर जिले में खोलेगी आशा ज्योति केंद्र
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यूपी सरकार सभी जिलों में महिलाओं के लिए आशा ज्योति केंद्र खोलने जा रही है। इन केंद्रों से यौन उत्पीड़न, बलात्कार, एसिड अटैक, तीन तलाक व घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को कानूनी व चिकित्सीय मदद दी जाएगी। आशा ज्योति केंद्रों में डॉक्टर, पुलिस व मनोवैज्ञानिकों की तैनाती होगी जो इन महिलाओं की मदद करेंगे।
केंद्र सरकार के सहयोग से अखिलेश सरकार ने 11 जिलों में रानी लक्ष्मीबाई आशा ज्योति केंद्रों की स्थापना की थी। अब योगी सरकार ने इन केंद्रों की स्थापना सभी जिलों में करने का निर्णय लिया है।
महिला कल्याण विभाग इसका खाका तैयार कर रहा है। प्रमुख सचिव महिला कल्याण रेणुका कुमार ने बताया कि आशा ज्योति केंद्रों में महिलाओं को एक छत के नीचे सभी विभागों की सुविधाएं एक साथ मिलेंगी।
पीड़िताओं को कानूनी सहायता दिलाने के लिए अच्छे वकील भी यहीं उपलब्ध कराए जाएंगे। ये केंद्र 24 घंटे काम करेंगे और यहां दो-दो काउंसलर तैनात किए जाएंगे। इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
पीड़िताओं को दी जाएगी रोजगारपरक ट्रेनिंग
आशा ज्योति केंद्रों में आने वाली पीड़ित महिलाओं को आजीविका चलाने के लिए उन्हें रोजगारपरक प्रशिक्षण भी देने की योजना है। जिससे वे किसी का मोहताज बनकर जीवन न बसर करें। इन केंद्रों को लाइवलीहुड सेंटर के तौर पर भी विकसित किया जाएगा।
मौके पर पहुंचकर दी जाएगी मदद
181 महिला हेल्पलाइन नंबर के जरिए पीड़िताओं को मौके पर मदद दी जा रही है। इस कॉल सेंटर का विस्तार किया जाएगा। इन केंद्रों में आने वाली कॉलों को संबंधित जिले के आशा ज्योति केंद्रों को ट्रांसफर किया जाएगा।
इसके बाद संबंधित केंद्रों से उन्हें मौके पर मदद दी जाएगी। इसके लिए प्रत्येक केंद्र में एक-एक वाहन की भी व्यवस्था की जाएगी। पीड़िताओं को इन वाहनों के जरिए आशा ज्योति केंद्रों में भी लाया जाएगा।
प्रत्येक केंद्र पर खर्च होंगे पांच करोड़
प्रत्येक आशा ज्योति केंद्र की स्थापना पर पांच करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। इसके अलावा सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने बजट से स्टाफ व अन्य सुविधाएं मुहैया करानी होंगी।
इन केंद्रों के संचालन के लिए एक प्रशासक की नियुक्ति की जाएगी। प्रशासक महिला कल्याण विभाग की ओर से रखे जाएंगे।
अभी इन जिलों में चल रहे केंद्र
लखनऊ, आगरा, बरेली, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, कन्नौज, इलाहाबाद, गोरखपुर व वाराणसी।