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बिजली पर शिकायतें खत्म, 'सरकारें' सहमत

Fri, 05 Dec 2014 02:40 AM IST
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 05 Dec 2014 02:40 AM IST
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UP govt talks to central on power issue.

बिजली के मुद्दे पर कुछ महीने पहले तक भले ही केंद्र व यूपी के बीच तनातनी चली हो, लेकिन अब राज्य सरकार के सुर बदल गए हैं। बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय बिजली व कोयला राज्यमंत्री पीयूष गोयल व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बीच हुई मुलाकात के बाद सारी शिकवा-शिकायतें दूर हो गई हैं।

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ऊर्जा राज्यमंत्री यासर शाह का तो यहां तक कहना है कि राज्य सरकार की केंद्र से कभी कोई शिकायत रही ही नहीं। केंद्र और राज्य आपसी सहमति बनाकर आगे बढ़ रहे हैं।
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केंद्र से सहयोग का भरोसा मिलने के बाद शाह ने दावा किया कि सरकार वर्ष 2016 से शहरों को 22-24 घंटे तथा गांवों को 16-18 घंटे बिजली देने का वादा पूरा करेगी।
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उन्होंने कहा, 2019 से पूरे प्रदेश को 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए भी केंद्र ने हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है। केंद्र के सकारात्मक रुख को देखते हुए रुकी पड़ी बिजली परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

राज्य की अपेक्षाएं पूरी करेगा केंद्र

UP govt talks to central on power issue.

बृहस्पतिवार को शक्ति भवन में पत्रकार वार्ता में यासर शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री की केंद्रीय बिजली मंत्री के साथ बातचीत सकारात्मक रही। यह पहला मौका है जब कोई मुख्यमंत्री बिजली के मामले पर बातचीत के लिए केंद्रीय बिजली मंत्री से मिलने दिल्ली गया।

यह अच्छा अनुभव रहा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बिजली की स्थिति से गोयल को अवगत कराया तो अधिकारियों ने भी प्रदेश की जरूरतों को केंद्र के सामने रखा। उम्मीद है, राज्य सरकार की ओर से जो अपेक्षाएं की गई हैं केंद्र उसे पूरा करेगा और प्रदेश की बिजली व्यवस्था में सुधार होगा।

यूपी को आवंटित होगा नया कोल ब्लॉक
बकौल शाह, गोयल ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा निरस्त किए गए चंदीपाड़ा कोल ब्लॉक के स्थान पर अगले दो महीने में यूपी को 300-400 मिलियन टन क्षमता का नया स्वतंत्र कोल ब्लॉक आवंटित करने का भरोसा दिलाया है। इससे ठहरी पड़ी ओबरा सी और जवाहरपुर जैसी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

नई गाइडलाइन के हिसाब से भेजेंगे प्रस्ताव

UP govt talks to central on power issue.

यह पूछने पर कि केंद्र से जितनी वित्तीय मदद मांगी गई थी, वह नहीं मिली। क्या इससे वे संतुष्ट हैं? शाह ने कहा, केंद्र ने ट्रांसमिशन नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण के लिए पावर सिस्टम डवलपमेंट फंड के तहत 535 करोड़ रुपये की लंबित परियोजनाओं को तत्काल मंजूरी दे दी है।

2016 से गांवों और शहरों को ज्यादा बिजली आपूर्ति के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए 15,000 करोड़ तथा गांवों के फीडर अलग करने के लिए 7000 करोड़ रुपये की मांग रखी गई। इसकी मंजूरी तो नहीं दी गई लेकिन केंद्र ने विचार करने का आश्वासन जरूर दिया है। इसके लिए केंद्र की नई गाइडलाइन के हिसाब से अगले दो माह में प्रस्ताव भेजा जाएगा।

नया ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार कराने का भरोसा
प्रदेश के निजी व सार्वजनिक क्षेत्र के बिजलीघरों को कोल लिंकेज के मुताबिक पूरा कोयला उपलब्ध कराने, घाटमपुर परियोजना में आ रही अड़चनों को दूर कराने तथा एमओयू आधारित परियोजनाओं को कोल लिंकेज, पश्चिमी क्षेत्र से यूपी में बिजली पहुंचाने के लिए नया ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार कराने समेत अन्य मुद्दों पर भी केंद्रीय मंत्री ने पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया है। झांसी और जालौन में 250-250 मेगावाट के दो सोलर पावर प्लांट लगाने पर भी सहमति हुई है।

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