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जनता के हित के लिए अखिलेश सरकार ने लिए बड़े फैसले, पढ़ें

Tue, 01 Sep 2015 09:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 01 Sep 2015 09:22 PM IST
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UP govt takes big decision in cabinat meeting.

प्रदेश कैबिनेट ने लोहिया ग्रामीण आवास योजना की नियमावली में संशोधन कर आवासों के आवंटन का रास्ता साफ कर दिया है। वित्त वर्ष 2015-16 से लाभार्थियों का चिह्नांकन नए निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। शासन ने 20 फ रवरी, 2013 को आवास के लाभार्थियों के चयन के लिए गाइडलाइन बनाई थी। अब इसमें संशोधन कर दिया गया है।

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इस तरह होगा आवंटन
- लोहिया समग्र योजना में सबसे पहले ऐसे लोगों को आवास आवंटित होगा जो सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत जनगणना 2011 के सर्वे से छूट गए हों और जिनकी वार्षिक आय 36,000 रुपये से कम हो। उसका आवास विहीन होना और पूरी तरह से कच्चे मकान में रहते होना भी जरूरी है।
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इस तरह लोगों को चयनित करने के बाद गांव में इन्दिरा आवास योजना के लिए तैयार की गई पात्रता सूची में से वरीयता क्रम के आधार पर परिवारों को चयनित किया जाएगा।
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- प्रत्येक लोहिया ग्राम में इस अनिवार्य कोटे से अधिकतम 25 लोहिया आवासों का आवंटन किया जाएगा। कैबिनेट ने लोहिया ग्रामों के लिए आवंटित कुल लोहिया आवासों का 10 प्रतिशत अंश जिलाधिकारी के पास अतिरिक्त रूप से रखने को कहा है।

यदि किसी लोहिया ग्राम में लोहिया आवास के लिए 25 लाभार्थी भी पात्र न हों तो 25 में से बाकी बचे लोहिया आवास जिलाधिकारी आवंटित करेंगे। हर जिले में सामान्य, अनुसूचित जाति, जनजाति व अल्पसंख्यक परिवारों के लिए लोहिया आवासों के लक्ष्य का निर्धारण ग्राम्य विकास आयुक्त करेंगे।

मल्टीप्लेक्स खोलने वालों के लिए खोला छूट का पिटारा

UP govt takes big decision in cabinat meeting.

राज्य सरकार ने नगर निगम क्षेत्रों और नोएडा व ग्रेटर नोएडा में मल्टीप्लेक्स खोलने वालों को मनोरंजन कर में छूट देने के लिए एक बार फिर प्रोत्साहन योजना शुरू करने का निर्णय किया है।

इससे जहां युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, वहीं जनता को उच्च कोटि का मनोरंजन उपलब्ध होगा। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय किया गया।

राज्य सरकार ने इसके पहले वर्ष 2010 में मल्टीप्लेक्स खोलने के लिए प्रोत्साहन योजना शुरू की थी, जो गत 31 मार्च को समाप्त हो गई। इसलिए इसे दुबारा शुरू करने का निर्णय किया गया है।

इसके मुताबिक नगर निगम सीमा क्षेत्र, नोएडा व ग्रेटर नोएडा में बनने वाले मल्टीप्लेक्स पर पहले साल मनोरंजन कर में 100 फीसदी, दूसरे व तीसरे साल 75 प्रतिशत, चौथे व पांचवें साल 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी।

यह लाभ उत्तर प्रदेश चलचित्र नियमावली 1951 के मुताबिक 31 मार्च 2020 तक मल्टीप्लेक्स में सिनेमा दिखाने का लाइसेंस प्राप्त करने वाले को छूट दी जाएगी।

इसी तरह कोई यदि 31 मार्च 2015 तक मल्टीप्लेक्स खोलने का लाइसेंस प्राप्त न कर सका हो, तो उसे 31 मार्च 2016 तक लाइसेंस लेने पर इस छूट की सुविधा देने का भी निर्णय किया गया है।

ग्रीन पार्क में बनेगा नया ड्रेसिंग रूम व प्लेयर्स पवेलियन

UP govt takes big decision in cabinat meeting.

राज्य सरकार कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए उसमें नए ड्रेसिंग रूम और प्लेयर्स पवेलियन का निर्माण कराएगी। इसके लिए आवास विकास परिषद को कार्यदायी संस्था नामित किया जाएगा।

इसके निर्माण पर 3357.58 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए कार्य की लागत सीमा को शिथिल किया गया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

व्यय वित्त समिति के निर्देशानुसार निर्माण के लिए प्रस्तावित विशिष्ट प्रकृति के कार्यों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पूर्व में अनुमोदित कार्यमदों व लागत के आधार पर 2351.96 लाख रुपये का प्रस्ताव किया गया था।

इसलिए इस लागत को बढ़ाने की जरूरत थी। राज्य सरकार कानपुर  के ग्रीन पार्क स्टेडियम को आईसीसी व बीसीसीआई के आधुनिक मानक के अनुसार बनाना चाहती है ताकि यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के किक्रेट मैच हो सकें।

फ्रोजेन मीट, पोल्ट्री व फिश अब और महंगी

UP govt takes big decision in cabinat meeting.

राज्य सरकार प्रोसेस्ड ऑर फ्रोजेन मीट, पोल्ट्री और फिश पर अब डेढ़ के स्थान पर दो प्रतिशत वैट वसूलेगी। इससे वाणिज्य कर विभाग को सालाना 160 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय किया गया। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश में इस पर दो प्रतिशत व गुजरात में ढाई प्रतिशत की दर से वैट लिया जा रहा है।

50 करोड़ रुपये तक के काम कर सकेगा आरईएस
द्वितीय श्रेणी की राजकीय निर्माण एजेंसियां अब 50 करोड़ रुपये तक के काम कर सकेंगी। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई। अभी तक लागू व्यवस्था में ये अधिकतम 25 करोड़ रुपये के काम ही कर सकती थीं।

प्रथम श्रेणी की राजकीय निर्माण एजेंसियां-लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम और कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (उत्तर प्रदेश जल निगम) के काम की लागत सीमा पहले की तरह असीमित रखी गई है।

द्वितीय श्रेणी की राजकीय निर्माण एजेसिंयों-ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग, उत्तर प्रदेश समाज कल्याण निर्माण निगम और उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद केलिए मानकीकृत भवनों की निर्माण सीमा 25 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये और गैर मानकीकृत भवनों की लागत सीमा 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 25 करोड़ रुपये कर दी गई है।

इसी तरह से तृतीय श्रेणी की राजकीय निर्माण एजेंसियों-उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन और उत्तर प्रदेश विधायन एवं निर्माण सहकारी संघ (पैकफेड) के लिए मानकीकृत भवनों की लागत सीमा 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये और गैर मानकीकृत भवनों की लागत सीमा 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दी गई है।

दालों पर स्टॉक लिमिट 30 सितंबर तक बढ़ी

UP govt takes big decision in cabinat meeting.

प्रदेश में सभी प्रकार की दालों पर स्टॉक लिमिट 30 सितंबर 2015 तक बढ़ा दी गई है। केंद्र सरकार ने पूरे देश में दालों पर लागू स्टॉक लिमिट को 30 सितंबर तक बढ़ाने का फैसला किया है। उसी के तहत कैबिनेट ने भी इस प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।

इसके तहत प्रदेश में फुटकर विक्रेता सभी प्रकार की दालों सहित 50 क्विंटल तथा थोक विक्रेता व कमीशन एजेंट 1500 क्विंटल ही अपने स्टॉक में रख सकेंगे।

वहीं, दाल मिलों के संचालक 30 दिन की उत्पादन क्षमता के बराबर स्टॉक अपने पास रख सखेंगे। इससे अधिक स्टॉक मिलने पर संबंधित विक्रेता, कमीशन एजेंट या मिल मालिकों पर कार्रवाई होगी।

सरकारी अस्पतालों में मुफ्त अल्ट्रासाउंड का रास्ता साफ

UP govt takes big decision in cabinat meeting.

सरकारी अस्पतालों में मुफ्त अल्ट्रासाउंड जांच का रास्ता साफ हो गया है। मंगलवार को अखिलेश यादव की कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग के इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 7 अगस्त को इसकी घोषणा की थी। इससे करीब सात लाख से अधिक मरीजों को फायदा होगा।

इस योजना से सरकार पर करीब छह करोड़ रुपये सालाना का भार आने की उम्मीद है। अभी अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मरीजों को 100 रुपये का शुल्क देना पड़ता है।

सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं को पहले से ही मुफ्त अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल रही है। बीपीएल मरीजों से भी इस जांच का एक भी पैसा नहीं लिया जाता है।

ऐसे में सरकार ने सभी मरीजों को यह सुविधा देने का निर्णय किया गया है। इस योजना के तहत अस्पताल के ओपीडी में आने वाले मरीजों को यदि डॉक्टर अल्ट्रासाउंड जांच लिखते हैं तो वे अस्पताल में ही इसकी निशुल्क जांच करा सकेंगे।

प्रदेश सरकार ने सूबे के सभी राजकीय अस्पतालों में 238 अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाई हैं। इनके अलावा 155 कलर डॉप्लर अल्ट्रासाउंड मशीनें भी लगी हुई हैं। इन सभी में मरीजों से अल्ट्रासाउंड जांच का पैसा नहीं लिया जाएगा। कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों की तर्ज पर सरकारी अस्पतालों में ऐसी मशीनों की व्यवस्था करेंगे जिससे मरीजों को 24 घंटे जांच हो सके।

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