धर्म परिवर्तन पर हरकत में आई राज्य सरकार
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आगरा में धर्म परिवर्तन का मामला गरमाने के बाद राज्य सरकार हरकत में आ गई है। सभी जिलों की खुफिया इकाई (एलआईयू) को अलर्ट किया गया है।
वहीं सभी जोन के आईजी, रेंज के डीआईजी व जिलों के कप्तानों को धर्मांतरण की अपने स्तर पर सूचनाएं जुटाने के लिए कहा गया है। पुलिस कप्तानों को धर्म परिवर्तन कराने वालों को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार की चिंता है कि जैसे-जैसे सूबे में विधानसभा चुनाव करीब आएगा, ऐसे मामले बढ़ सकते हैं। लिहाजा सरकार ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की तैयारी कर ली है। इसके तहत एलआईयू को इस बाबत सूचनाएं जुटाने को कहा गया है।
अफसरों से कहा गया है कि वह छोटी से छोटी घटनाओं पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करें और उच्चाधिकारियों के साथ ही शासन को भी जानकारी दें। पुलिस अफसरों को ग्रामीण इलाकों पर खास नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों धर्म परिवर्तन कराने वाले अधिक सक्रिय
अफसरों का कहना है कि ऐसी घटनाएं ग्रामीण इलाकों में ज्यादा हो रही हैं। जहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, वहां धर्म परिवर्तन करने वाले लोग ज्यादा सक्रिय हैं। यह भी देखा जा रहा है कि धर्म परिवर्तन कराने वाले किसी राजनीतिक दल विशेष से तो नहीं जुड़े हैं।
गौरतलब है कि आगरा के देवनगर स्थित बस्ती के 56 परिवार के 380 सदस्यों को बीपीएल कार्ड, आधार कार्ड व अन्य आधारभूत सुविधाएं देने के नाम पर धर्म परिवर्तन करा दिया गया था। इस मामले में इब्राहिम नाम के व्यक्ति ने एफआईआर भी दर्ज कराई थी।
इस पर आईजी कानून-व्यवस्था ए. सतीश गणेश का कहना है कि आगरा की घटना के बाद एहतियाती कदम उठाते हुए सभी जिलों के कप्तानों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस कप्तानों को किसी भी कीमत में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न होने देने के लिए कहा गया है।
वहीं, प्रमुख सचिव गृह कमल सक्सेना का कहना है कि आगरा के प्रकरण को सरकार ने गंभीरता से लिया है। पुलिस अफसरों को धर्म परिवर्तन कराने वाले लोगों को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।