एकेटीयू दीक्षांत समारोह: विश्वविद्यालयों में आज की जरूरत के अनुसार सिलेबस तैयार करने की जरूरत
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालयों के सिलेबस को आज की जरूरत के मुताबिक तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने विद्यार्थियों को सच बोलने का संकल्प लेने की अपील की है।
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि पिछले दिनों एलएंडटी के लोग आए थे। उनका कहना था कि बड़े प्रोजेक्ट के लिए काम करने वाले ट्रेंड युवाओं की कमी है। मैंने उनसे छात्रों को उनकी जरूरत के अनुसार ट्रेनिंग देने और प्लेसमेंट के लिए कहा है। उन्होंने 87 नए कोर्स तैयार किए हैं। विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम पुराने हो गए हैं, उन्हें भी नए, आज की जरूरत के अनुसार सिलेबस तैयार करने की जरूरत है। हमें ऐसी कंपनियों से एमओयू करना चाहिए, इससे रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। वे डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में मेधावियों को मेडल व डिग्री वितरित करने के बाद संबोधित कर रहीं थीं।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा है कि वे सच बोलने का संकल्प लें। एक झूठ को सच साबित करने में कई बार झूठ बोलना पड़ता है। जो आपका जीवन बर्बाद कर देगा जबकि सच की हमेशा जीत होती है। इसके कई उदाहरण भी हैं। सच बोलने, सही काम करने में आपको थोड़ा संघर्ष करना पड़ेगा किंतु नियम से ही काम करें। सच बोलना ही आपकी डिग्री है।
समारोह में मुख्य अतिथि जायडस लाइफ साइंसेज के अध्यक्ष पंकज पटेल को डीएससी की मानद उपाधि दी गई। समारोह में प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल, प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा सुभाष चंद्र शर्मा, कुलपति प्रो. पीके मिश्रा, प्रति कुलपति प्रो. मनीष गौड़, रजिस्ट्रार सचिन कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।
समारोह में केआईईटी गाजियाबाद के रोहन खुराना को चांसलर मेडल समेत 101 मेधावियों को मेडल और 48343 को डिग्री दी गई। राज्यपाल ने कहा कि आज सभी को अलग-अलग मेडल मिले हैं। किंतु गोल्ड या कांस्य मेडल से फर्क नहीं पड़ता है। आपका आचार-विचार, आपकी सोच ही मायने रखती है और इसी से आप पहचाने जाते हैं। आपने कड़ी मेहनत से डिग्री पाई है किंतु आप छोटे-बड़े चाहे जिस पद पर हों, अपने माता-पिता को कभी न भूलें। उन्होंने अपनी जरूरतों को भूलकर आपकी जरूरत पूरी की होगी, पढ़ाया होगा। आप उनके बुढ़ापे में उनका सहारा भी बनें। मैं वृद्धाश्रम में जाती हूं तो सोचती हूं कि इनके बच्चों को कैसी शिक्षा मिली है?
आईजी रेंज को नारी शक्ति पुरस्कार
दीक्षांत समारोह में राज्यपाल व अतिथियों ने आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह को उनके विशिष्ट योगदान के लिए नारी शक्ति पुरस्कार दिया गया। वहीं अभय कुमार सिंह को विशिष्ट युवा पूर्व छात्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उद्यमिता के क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए पूर्व छात्र दिलीप गुप्ता को भी पूर्व छात्र पुरस्कार दिया गया। हालांकि वे कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके।
ब्लॉकचेन तकनीकी से डिग्री वितरण
विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह में उपस्थित विद्यार्थियों को मेडल व डिग्री तो प्रदान की गई। कार्यक्रम में शामिल न होने वाले अन्य विद्यार्थियों को ब्लॉकचेन तकनीकी से डिग्री वितरण किया गया। राज्यपाल ने इसकी विधिवत शुरुआत की। विश्वविद्यालय प्रशासन आईआईटी कानपुर के सहयोग से इसकी शुरुआत कर रहा है।