दंगे के लिए गठित सहाय आयोग का फिर बढ़ा कार्यकाल
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मुजफ्फरनगर दंगे की जांच के लिए गठित जस्टिस विष्णु सहाय आयोग का कार्यकाल छह माह बढ़ा दिया गया है। यह दूसरी बार है जब आयोग का समय बढ़ाया गया है।
इस आयोग के सचिव दिलीप कुमार ने राज्य सरकार से जांच पूरी करने के लिए छह माह का और समय मांगा था। सरकार ने इस पर बुधवार को फैसला किया।
आयोग के सचिव ने राज्य सरकार को भेजे अपने पत्र में कहा था कि अभी जांच के कई पहलुओं पर छानबीन शेष है, लिहाजा छह माह का समय और दिया जाए।
दो महीने के लिए हुआ था गठन
जस्टिस विष्णु सहाय ने आयोग द्वारा जांच पूरी करने के लिए छह माह का अतिरिक्त समय मांगने की पुष्टि की।
मूल रूप से सांप्रदायिक हिंसा की जांच के लिए गठित जस्टिस विष्णु सहाय आयोग का गठन दो माह के लिए हुआ था।
आयोग का कार्यकाल 11 नवंबर 2013 को समाप्त हो गया था लेकिन उसने इससे पहले ही कार्यकाल छह माह बढ़ाने का आग्रह राज्य सरकार से किया था। राज्य सरकार द्वारा बढ़ाए गए ये छह महीने भी अब पूरे हो रहे हैं।
इसके साथ ही आयोग ने छह माह का और समय मांग लिया है जिसे सरकार ने मंजूरी दे दी है।
काम बचा है इसलिए बढ़ा कार्यकाल
जस्टिस सहाय के अनुसार अब तक आयोग ने इस हिंसा में प्रभावित सात सौ लोगों के शपथ पत्र लिए हैं।
इसके अलावा आयोग के पास मुआवजे के संबंध में पहुंची लगभग तीन हजार दरख्वास्तों को संबंधित जिलों के डीएम को संदर्भित किया जा चुका है।
जस्टिस सहाय ने कहा कि अभी काफी कार्य बाकी है और इसी वजह से आयोग के सचिव ने समय बढ़ाने का औपचारिक आग्रह किया।
राज्य सरकार ने इस मामले में बुधवार को फैसला कर लिया। प्रमुख सचिव गृह अनिल कुमार गुप्त ने बताया कि राज्य सरकार ने आयोग का कार्यकाल छह महीने और बढ़ा दिया है।