खादी व एमएसमई की 9844 यूनिट लगाकर 55 हजार नौकरियां देगी योगी सरकार
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खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में खादी और एमएसएमई की 9844 इकाइयां स्थापित की जाएंगी और 55 हजार लोगों को रोजगार दिया जाएगा। इसी तरह मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना में 2000 इकाइयां लगाने का लक्ष्य है। विभाग ने 4431 इकाइयों का चयन कर बैंकों को प्रस्ताव भेज दिया है।
बुधवार को एनेक्सी के मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बातचीत में अपने विभाग की छह महीने की उपलब्धियां गिनाते हुए पचौरी ने बताया कि पिछली सरकार में कम्बल के कारखाने बंद हो गए थे। हमने भदोही में ज्ञानपुर का बंद कारखाना पुन: शुरू कराया है। सरकार अब केवल प्रदेश में निर्मित खादी पर ही छूट देगी। छूट की सीमा 10 से बढ़ाकर 15 प्रतिशत की गई है।
इस छूट में दस प्रतिशत हिस्सा समितियों और पांच प्रतिशत सीधे बुनकरों को दिया जाएगा। छूट की सीमा को भी सरकार ने 108 दिन से बढ़ाकर 12 महीने कर दिया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में नई वस्त्रोद्योग नीति तैयार की जा रही है। इस नीति से हथकरघा, रेशम तथा सभी प्रकार के वस्त्र उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की राशि 111 करोड़ से बढ़ाकर 276 करोड़ कर दी गई है।
बुनकर की बेटी की शादी में देंगे 20 हजार
मंत्री ने बताया कि बुनकर की बेटी की शादी में सरकार 20 हजार रुपये की मदद देगी। हमारा विभाग बुनकरों की न्यूनतम मजदूरी तय करने की भी योजना बना रहा है। यदि न्यूनतम मजदूरी निर्धारित हो गई तो बुनकरों की एक बड़ी समस्या हल हो जाएगी। विभाग खादी फॉर यूथ और खादी फॉर नेशन के संकल्प के साथ काम कर रहा है।
यह उपलब्धियां भी बताईं
- सोलर चरखे से खादी उत्पादन के लिए सेवापुरी वाराणसी में 500 सोलर चरखों का लोकार्पण किया गया।
- सरकार जल्द ही खादी नीति लेकर आ रही है। इससे रोजगार बढ़ेगा और बुनकरों को उचित मूल्य मिलेगा।
- राजधानी के डालीबाग में खादी प्लाजा भवन अक्तूबर में बनकर तैयार होगा। भवन में खादी उत्पादों की बिक्री होगी।
- शहतूत की खेती के लिए 28 बोरिंग और 10 फार्मों में सौर ऊर्जा संचालित सिंचाई सुविधाओं का विकास।
- रेशम फार्मों में अवस्थापना सुविधा और मशीनरी खरीदने के लिए 15.70 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई।