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UP: 64.82 करोड़ की धोखाधड़ी में सरकारी कर्मचारी की भी भूमिका, अभी नाम नहीं किया गया सार्वजनिक
Thu, 22 Jan 2026 03:52 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 22 Jan 2026 03:52 PM IST
सार
64.82 करोड़ की धोखाधड़ी में सीबीआई ने एफआईआर में अज्ञात सरकारी कर्मचारी को भी आरोपी बनाया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वह यूपीएफसी का कर्मचारी है या बैंक।
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
यूपी फॉरेस्ट कॉरपोरेशन (यूपीएफसी) की एफडी रकम से जुड़ी 64.82 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में एक सरकारी कर्मचारी की भी संलिप्तता सामने आई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आरोपी को एफआईआर में शामिल किया है लेकिन अभी उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। यह स्पष्ट नहीं है कि वह यूपीएफसी का कर्मचारी है या बैंक का; जांच जारी है।
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जानकारी के अनुसार, दीपक संजीव सुवर्णा ने अपने साथी अनीस उर्फ मनीष के साथ मिलकर खुद को यूपीएफसी का अधिकारी बताकर बैंक ऑफ इंडिया, लखनऊ सदर शाखा में फर्जी खाता खुलवाया। इसके बाद उन्होंने यूपीएफसी की एफडी से 64.82 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
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इसमें से 6.95 करोड़ रुपये छह फर्मों में ट्रांसफर किए गए, जिनमें से चार करोड़ रुपये फ्रीज कर रिकवर करवा लिए गए। सीबीआई आरोपियों की कॉल डिटेल खंगाल रही है, जिससे सरकारी कर्मचारी की भूमिका भी उजागर होने की संभावना है।
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