यूपी: लखनऊ में बाढ़ का पानी उतरा, अब जहरीले जीवों का खतरा, निकल रहे सांप; गंदगी, दुर्गंध से लोग परेशान
लखनऊ के फैजुल्लागंज में बाढ़ का पानी उतरने के बाद गंदगी, दुर्गंध और जहरीले जीवों का खतरा बढ़ गया है। सफाई के दौरान कई घरों में सांप निकलने की घटनाएं सामने आई हैं। लोग खुद चूना और ब्लीचिंग पाउडर खरीदकर सफाई कर रहे हैं। प्रभारी मंत्री ने स्वच्छ पेयजल, राशन और सफाई अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं।
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फैजुल्लागंज में बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब लोगों के सामने गंदगी, दुर्गंध और संक्रामक बीमारियों से बचाव की चुनौती खड़ी हो गई है। घरों और गलियों में जमा कीचड़ साफ करने के दौरान जहरीले जीवों का भय भी सताने लगा है। कई घरों में सफाई के दौरान सांप निकलने की घटनाएं सामने आई हैं। स्थानीय लोग नगर निगम की सफाई और छिड़काव व्यवस्था का इंतजार करने के बजाय खुद ब्लीचिंग पाउडर और चूना खरीदकर सफाई करने में जुटे हैं।
सफाई के दौरान घरों में निकल रहे सांप
फैजुल्लागंज के दाउदनगर और आसपास की बस्तियों में बाढ़ का पानी उतरने के बाद घरों में कीचड़ और गंदगी जमा है। लोगों के मुताबिक, नरकुल बस्ती में सफाई के दौरान एक ही दिन में सांप के 10 से अधिक बच्चे निकले। एक अन्य घर में भी सांप निकलने की बात सामने आई है। इससे बाढ़ प्रभावित परिवारों में डर बना हुआ है। लोगों को आशंका है कि पानी उतरने के बाद सांप और दूसरे जहरीले जीव घरों और आसपास की जगहों में छिपे हो सकते हैं।
खुद खरीदकर ला रहे ब्लीचिंग पाउडर और चूना
शुक्रवार दोपहर करीब 12:40 बजे दाउदनगर की मामा कॉलोनी में लोग अपने घरों से कीचड़ निकालने और सफाई करने में जुटे थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि बाढ़ के दौरान घरों में कई फीट तक पानी भर गया था। पानी भरने से दरवाजे खराब हो गए और कई घरों की बोरिंग भी काम करना बंद कर गई।
लोगों का कहना है कि घरों और गलियों की सफाई के लिए वे खुद ब्लीचिंग पाउडर और चूना खरीद रहे हैं। एक प्रभावित व्यक्ति ने बताया कि उसने दो पैकेट ब्लीचिंग पाउडर खरीदकर सफाई की। वहीं, मामा कॉलोनी में एक व्यक्ति करीब सात सौ रुपये की चूने की बोरी और अन्य सामान लेकर पहुंचा। उसके घर से पानी निकल चुका है, लेकिन रास्ते में अब भी करीब दो फीट पानी जमा होने की बात कही गई।
दुकानों का सामान खराब, घरों की नींव को नुकसान
बाढ़ के पानी ने लोगों के घरों के साथ कारोबार को भी नुकसान पहुंचाया है। किराना दुकानों में रखा बिस्कुट और अन्य खाद्य सामान खराब हो गया। कई जगह अब भी पानी भरा होने से लोगों की परेशानी बनी हुई है। लंबे समय तक पानी जमा रहने के कारण मकानों की नींव और दीवारों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है। कुछ परिवारों के सामने खाने-पीने के सामान की समस्या है और प्रभावित लोग राशन के लिए फोन कर मदद मांग रहे हैं।
31 में से 26 इलाकों में बिजली बहाल
बाढ़ प्रभावित फैजुल्लागंज के 31 इलाकों में से 26 में शुक्रवार तक बिजली आपूर्ति बहाल होने की जानकारी सामने आई। हालांकि, कई स्थानों पर जलभराव और गंदगी के कारण सामान्य जनजीवन पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सका है। लोग घरों की सफाई, पेयजल और जरूरी सामान की व्यवस्था करने में लगे हैं।
16 दिन बाद प्रभावित क्षेत्र पहुंचे प्रभारी मंत्री
प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने शुक्रवार को फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने और प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। मंत्री ने स्वच्छ पेयजल और राशन की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए विशेष अभियान चलाने और प्रभावित इलाकों में साफ-सफाई पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों का सर्वे कराकर राहत पहुंचाई जाए। जरूरतमंदों को अगले 10 से 15 दिनों तक राहत उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान महापौर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त गौरव कुमार और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब फैजुल्लागंज के लोगों की सबसे बड़ी जरूरत घरों और गलियों की सफाई, सुरक्षित पेयजल, राशन और बीमारियों से बचाव की व्यवस्था है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि नगर निगम नियमित सफाई और कीटनाशक छिड़काव कराए, ताकि बाढ़ के बाद पैदा हुई मुश्किलों से जल्द राहत मिल सके।