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यूपी: खाद कंपनियों के ब्रांड पर नकली डीएपी का खेल, किसान सेवा केंद्र से 820 बोरियां बरामद, एक गिरफ्तार
Sat, 17 Oct 2026 07:34 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sat, 17 Oct 2026 07:34 PM IST
सार
Fake fertilizers in UP: एसटीएफ के डिप्टी एसपी प्रमेश कुमार शुक्ला के मुताबिक सूचना मिल रही थी कि प्रदेश में अलग-अलग खाद कंपनियों के नाम पर नकली खाद की खेप मंगाकर बेची जा रही है।
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यूपी में नकली खाद का खेल।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
एसटीएफ ने खाद कंपनियों के नाम पर नकली डीएपी खाद बेचने वाले गिरोह का खुलासा किया है। टीम ने हरदोई में छापा मारकर 820 बोरी नकली डीएपी खाद बरामद की है। मौके से लखीमपुर खीरी निवासी अखिलेश कुमार को गिरफ्तार किया गया है। खाद को ट्रक से किसान सेवा केंद्र पर उतारा जा रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि खाद भारत डीएपी और भूमि क्रांति डीएपी ब्रांड के नाम पर मंगाई गई थी।
एसटीएफ के डिप्टी एसपी प्रमेश कुमार शुक्ला के मुताबिक सूचना मिल रही थी कि प्रदेश में अलग-अलग खाद कंपनियों के नाम पर नकली खाद की खेप मंगाकर बेची जा रही है। इस पर एसटीएफ की टीमों को सक्रिय किया गया। 16 अक्तूबर को हरदोई के पिहानी थाना क्षेत्र के डेलपांडरवा गांव स्थित हरियाली किसान सेवा केंद्र पर नकली खाद की बड़ी खेप उतरने की जानकारी मिली। टीम ने मौके पर छापा मारकर ट्रेलर नंबर एचआर 46 जी 5567 को जब्त किया। इसी ट्रेलर से नकली खाद उतारी जा रही थी। उस पर ब्रांडेड खाद का प्रिंट था।
कागजों में कुछ और, खेप पहुंच रही थी दूसरी जगह
जांच में खाद से संबंधित ई-वे बिल अहम कड़ी बना। एसटीएफ के मुताबिक बिल में सामग्री के कॉलम में रॉ ग्रेन्यूल्स दर्ज था। साथ ही सामान को हिसार, हरियाणा से ओडिशा भेजे जाने का विवरण दिया गया था। जबकि एसटीएफ ने ये खेप हरदोई के किसान सेवा केंद्र पर बरामद हुई। अब खाद की ढुलाई से जुड़े दस्तावेजों और वास्तविक खेप की जांच की जा रही है।
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रजनीश के कहने पर मंगाई थी खाद
एसटीएफ के मुताबिक गिरफ्तार अखिलेश कुमार ने पूछताछ में बताया कि डेलपांडरवा स्थित हरियाली किसान सेवा केंद्र का प्रोपराइटर कुलदीप सिंह है, लेकिन केंद्र का संचालन रजनीश सिंह करता है। अखिलेश ने बताया कि रजनीश सिंह के कहने पर उसने हिसार से नकली खाद मंगाई थी। इसे हिसार की मेसर्स श्री कृष्ण सुदामा एग्रो ट्रेडिंग नाम की फर्म से मंगाया गया था। हालांकि खाद की आपूर्ति, उसकी वास्तविक गुणवत्ता और दस्तावेजों में दर्ज विवरण की जांच जारी है।
फर्जी बिल भी मिले
एसटीएफ ने मौके से फर्जी बिल-बाउचर, एक मोबाइल फोन, आधार कार्ड और घड़ी बरामद की है। एसटीएफ अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नकली खाद कहां तैयार की जा रही थी और इसे किन-किन स्थानों पर बेचने की योजना थी।
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एसटीएफ के डिप्टी एसपी प्रमेश कुमार शुक्ला के मुताबिक सूचना मिल रही थी कि प्रदेश में अलग-अलग खाद कंपनियों के नाम पर नकली खाद की खेप मंगाकर बेची जा रही है। इस पर एसटीएफ की टीमों को सक्रिय किया गया। 16 अक्तूबर को हरदोई के पिहानी थाना क्षेत्र के डेलपांडरवा गांव स्थित हरियाली किसान सेवा केंद्र पर नकली खाद की बड़ी खेप उतरने की जानकारी मिली। टीम ने मौके पर छापा मारकर ट्रेलर नंबर एचआर 46 जी 5567 को जब्त किया। इसी ट्रेलर से नकली खाद उतारी जा रही थी। उस पर ब्रांडेड खाद का प्रिंट था।
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कागजों में कुछ और, खेप पहुंच रही थी दूसरी जगह
जांच में खाद से संबंधित ई-वे बिल अहम कड़ी बना। एसटीएफ के मुताबिक बिल में सामग्री के कॉलम में रॉ ग्रेन्यूल्स दर्ज था। साथ ही सामान को हिसार, हरियाणा से ओडिशा भेजे जाने का विवरण दिया गया था। जबकि एसटीएफ ने ये खेप हरदोई के किसान सेवा केंद्र पर बरामद हुई। अब खाद की ढुलाई से जुड़े दस्तावेजों और वास्तविक खेप की जांच की जा रही है।
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रजनीश के कहने पर मंगाई थी खाद
एसटीएफ के मुताबिक गिरफ्तार अखिलेश कुमार ने पूछताछ में बताया कि डेलपांडरवा स्थित हरियाली किसान सेवा केंद्र का प्रोपराइटर कुलदीप सिंह है, लेकिन केंद्र का संचालन रजनीश सिंह करता है। अखिलेश ने बताया कि रजनीश सिंह के कहने पर उसने हिसार से नकली खाद मंगाई थी। इसे हिसार की मेसर्स श्री कृष्ण सुदामा एग्रो ट्रेडिंग नाम की फर्म से मंगाया गया था। हालांकि खाद की आपूर्ति, उसकी वास्तविक गुणवत्ता और दस्तावेजों में दर्ज विवरण की जांच जारी है।
फर्जी बिल भी मिले
एसटीएफ ने मौके से फर्जी बिल-बाउचर, एक मोबाइल फोन, आधार कार्ड और घड़ी बरामद की है। एसटीएफ अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नकली खाद कहां तैयार की जा रही थी और इसे किन-किन स्थानों पर बेचने की योजना थी।