यूपी: लखनऊ में बनेगी देश की पहली नाइट सफारी, 900 एकड़ में होगा विस्तार, ये विशेषताएं करेंगी आकर्षित
Jungle Safari in Lucknow: यूपी की राजधानी में जंगल सफारी बनने जा रही है। यह देश की पहली और विश्व की पांचवीं नाइट सफारी होगी। सितंबर 2026 तक इसे शुरू करने का निश्चिय किया गया है।
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राजधानी व प्रदेश वासियों को देश की पहली और विश्व की पांचवीं नाइट सफारी का उपहार मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदिन्यनाथ ने इसकी आधारिक घोषणा कर दी है। सीएम ने दिसंबर 2026 तक पर्यटकों के लिए खोलने के निर्देश दिए।
कालीदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर मंगलवार को मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित कुकरैल नाइट सफारी पार्क एवं जू की समीक्षा की। सीएम ने कहा कि निर्माण कार्य हर हाल में जून 2026 तक पूरा कर लिया जाए। वन्य जीवों के लाने की समुचित व्यवस्था शुरू कर दी जाए। इकोनामी के लिए सस्टेनेबल मॉडल विकसित किया जाएं। 72 फीसदी एरिया में ग्रीनरी विकसित की जाए और यहां सौर ऊर्जा को प्रकल्पों को भी स्थान दिया जाए।
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है नाइट सफारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नाइट सफारी प्रोजेक्ट राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है, इसके निर्माण के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, नई दिल्ली से अनुमति प्राप्त हो गई है। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में दिसंबर 2026 में देश को पहली नाइट सफारी का उपहार मिल जाए। नाइट व डे सफारी का निर्माण चरणबद्ध रूप से होगा। लखनऊ में यह लगभग 900 एकड़ से अधिक में फैली होगी।
विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करेगी सफारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुकरैल नाइट सफारी का निर्माण हो जाने के पश्चात यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर आ जाने के फलस्वरूप विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करेगी। कुकरैल नाइट सफारी परियोजना को लखनऊ स्थित अन्य पर्यटन स्थलों से भी जोड़ा जाएगा।
जानवरों को चिह्नित करने की प्रक्रिया हो शुरू
मुख्यमंत्री ने कहा कि जानवरों को चिह्नित करने, यहां लाने व क्वारंटीन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाए। कुकरैल नाइट सफारी परियोजना के अंतर्गत ईको टूरिज्म जोन भी विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के प्रकल्पों को स्थान दिया जाए। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिया कि यहां क्वारंटीन सेंटर, वेटनरी हॉस्पिटल, पोस्ट ऑपरेशन व ऑपरेशन थियेटर की भी समुचित व्यवस्था हो। यहां कैफेटेरिया, 7 डी थियेटर, ऑडिटोरियम, पार्किंग आदि की भी सुविधा हो। उन्होंने कहा कि एडवेंचर जोन के तहत सुपरमैन जिपलाइन, आर्चरी, जिप लाइन, बुरमा ब्रिज, पैडल बोट, स्काई रोलर, फाउंटेन, किड्स एक्टिविटी के लिए जंगल एनिमल थीम, स्काई साइकिल आदि विकसित किया जाए। डे सफारी का विस्तार दूसरे चरण में होगा। बैठक में प्रदेश सरकार के वन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, शासन व वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
नाइट-डे सफारी की होगी यह विशेषता-
- नाइट सफारी क्षेत्र में इंडियन वॉकिंग ट्रे, इंडियन फुटहिल, इंडियन वेटलैंड, एरिड इंडिया व अफ्रीकन वेटलैंट की थीम पर विकसित किए जाने वाले क्षेत्र मुख्य आकर्षण होंगे।
- पर्यटकों द्वारा नाइट सफारी पार्क के अवलोकन के लए 5.5 किमी. ट्रामवे तथा 1.92 किमी. का पाथवे माध्यम से किया जाएगा।
- नाइट सफारी में मुख्यतः एशियाटिक लॉयन, घड़ियाल, बंगाल टाइगर, उड़न गिलहरी, तेंदुआ, हॉयना आदि मुख्य आकर्षण होंगे।
- कुकरैल नााइट सफारी परियोजना के अंतर्गत विश्व स्तरीय वन्य जीव चिकित्सालय व रेस्क्यू सेंटर का निर्माण भी प्रस्तावित है।
- कुकरैल वन क्षेत्र में स्थापित होने वाले जू में कुल 63 इनक्लोजर बनाए जाएंगे।
- जू में सारस क्रेन, स्वांप डियर, हिमालयन भालू, साउथ अफ्रीकन जिराफ, अफ्रीकन लॉयन व चिंपाजी मुख्य आकर्षण होंगे।
- जू को अफ्रीकन सवाना, इनक्रेडिबल इंडिया, इंजीनियर्ड वेटलैंड नामक थीम क्षेत्रों पर विकसित किया जाएगा।