फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Cooperative societies will make farmers do commercial farming business, income will increase

यूपी: सहकारी समितियां किसानों से कराएंगी व्यावसायिक खेती-कारोबार, बढ़ेगी कमाई, लखनऊ से शुरू होगा प्रोजेक्ट

Mon, 29 Jan 2024 08:14 AM IST
रोहित मिश्र महेंद्र तिवारी, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
महेंद्र तिवारी, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 29 Jan 2024 08:14 AM IST
सार

किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें खेती में आ रही नई तकनीकी से अवगत कराने के लिए सहकारी सीमितियां किसानों से व्यवसायिक खेती कराएंगी। 
 

विज्ञापन
UP: Cooperative societies will make farmers do commercial farming business, income will increase
व्यवसायिक खेती को मिलेगा बढ़ावा।

विस्तार

प्रदेश की बहुउद्देशीय कृषि सहकारी समितियां (बीपैक्स) किसानों से अब व्यावसायिक व औद्यानिक कृषि तथा कारोबार का काम भी कराएंगी। इससे समितियों से जुड़कर काम करने वाले कृषक उत्पादक समूहों (एफपीओ) के किसानों व स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की आय में वृद्धि की राह खुलेगी। लखनऊ में मॉडल के तौर पर यह पहल हो रही है, आगे पूरे प्रदेश में इसके विस्तार की योजना है।

विज्ञापन


शासन के निर्देश पर सहकारिता विभाग ने बीपैक्स को मनरेगा से होने वाले कार्यों से जुड़कर किसानों की आय में वृद्धि के लिए अतिरिक्त प्रयास की जिम्मेदारी दी है। बीपैक्स ने इसके लिए स्थानीय एफपीओ से एमओयू करना शुरू कर दिया है। समितियां समूह से जुड़े किसानों को मनरेगा के अंतर्गत व्यावसायिक व औद्यानिक कृषि के लिए आवश्यक सामग्री व तकनीकी सहयोग देंगी। इनके उत्पाद को अपने व्यावसायिक प्लेटफाॅर्म पर डिस्प्ले व बिक्री का अवसर देंगी तथा खरीद की व्यवस्था भी कराएंगी। 
विज्ञापन


कृषि विभाग में एफपीओ सेल के राज्य सलाहकार पीएस ओझा ने बताया कि प्रमुख सचिव सहकारिता बीएल मीणा ने प्रदेश के सभी सीडीओ, जिलाधिकारियों व मंडलायुक्तों को इस तरह की पहल के लिए निर्देश जारी किए हैं। मॉडल के तौर पर लखनऊ जिले के तीन ब्लॉकों माल, चिनहट और सरोजनीनगर में यह पहल शुरू हो रही है। लखनऊ में प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन के लिए मुख्य विकास अधिकारी अजय जैन के निर्देशन में कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


800 एकड़ में होगी लेमनग्रास, खस, बांस और सहजन की खेती
तीनों ब्लॉकों में बीपैक्स से चार एफपीओ का एमओयू हुआ है। इन एफपीओ के किसानों से 800 एकड़ में (200-200 एकड़ के क्लस्टर में) लेमनग्रास, खस, बांस और सहजन की व्यावसायिक खेती कराई जाएगी। खस की खेती गोमती व सई नदी के किनारे होगी। बांस की खेती नदियों में खुले नालों के मिलने वाले स्थान के आसपास कराई जाएगी। लेमनग्रास व सहजन सहफसली के रूप में ली जाएगी, यह अतिरिक्त आय का साधन होंगी। लखनऊ के चार एफपीओ निराला हर्बल बायो इनर्जी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी गौरी सरोजनी नगर, भटगांव कृषक उत्पादक सहकारी समिति भटगांव सरोजनीनगर, जेवीकेएस बायो इनर्जी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी माल और अमृत आग्रेनिक प्रोड्यूसर कंपनी चिनहट को मौका मिला है।


पहले से ये लाभ
- 200-200 एकड़ लेमनग्रास, खस व बांस की खेती से प्रति एकड़ की दर से कुल 600 को रोजगार।
- 200 एकड़ सहजन से प्रति एकड़ तीन रोजगार की दर से 600 को रोजगार।
- 800 एकड़ में लागत-3.69 करोड़, आय-10.66 करोड़।
- 1090 लोगों को मनरेगा से 100 दिन रोजगार का अवसर।
- स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सहजन व खस की पत्ती तोड़ने-सुखाने, लेमनग्रास की आसवनी करने और बांस के हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट तैयार करने में काम मिलेगा। प्रतिदिन 900 से 1200 रुपये की आय हो सकेगी।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed