यूपी: सीएम योगी बोले- पहले पुलिस के हाथों में थी जंग लगी राइफल, ऑटोमैटिक हथियार थे अपराधियों के हाथ
Yogi Adityanath: सीएम योगी ने एक बार फिर से अखिलेश सरकार पर हमला करते हुए कहा कि पहले यूपी में अपराधियों का बोलबाला था।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक दौर था, जब माफिया पुलिस की खुली जीप में ऑटोमेटिक हथियार लहराते थे और पुलिसकर्मी जंग लगी राइफल लेकर अपनी जान बचाने को मजबूर थे। किसी अपराधी पर हाथ डालते ही सत्ता के गलियारों से फोन आने लगते थे। कार्रवाई अपराधी के बजाय पुलिस अधिकारी पर होती थी। वर्ष 2017 में सरकार ने पुलिस के हाथों में पड़ी राजनीतिक बेड़ियां तोड़ीं और माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। आज अपराधियों को पता है कि उत्तर प्रदेश में उनका आखिरी ठिकाना कहां है।
बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस परेड में सीएम ने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 815 दंगे हुए। इनकी आग में गरीबों की दुकानें जलीं, मजदूरों की दिहाड़ी छिनी और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। मथुरा के जवाहर बाग कांड में एसपी मुकुल द्विवेदी और थानाध्यक्ष संतोष यादव को जान गंवानी पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिलता था और पुलिस को हुक्मरानों के पालतू पशुओं को खोजने के लिए जंगलों में दौड़ाया जाता था। अब प्रदेश उपद्रव से उत्सव प्रदेश बन चुका है।
माफिया से संपत्ति जब्त, जमीन पर बन रहे गरीबों के घर
सीएम ने कहा कि प्रदेश में माफिया की 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई है। कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं। प्रयागराज में ऐसी ही जमीन पर 602 आवासों के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि एसटीएफ ने पेपर लीक माफिया, जहरीली शराब के कारोबारियों और कुख्यात अपराधियों पर कार्रवाई की है। एटीएस ने देवबंद से सीमावर्ती जिलों तक कमांड सेंटर स्थापित किए हैं।
माफिया के लिए आंसू, शहीदों के परिवारों की चिंता नहीं
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि एनकाउंटर और जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल उठाने वाले लोग दुर्दांत माफिया और आतंकियों की मौत पर मातम मनाते हैं, उनकी कब्रों पर जाते हैं, लेकिन माफिया की गोलियों से शहीद हुए पुलिसकर्मियों के बच्चों के आंसू पोंछने नहीं पहुंचते। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के अपहरण और बहन-बेटियों के अपमान के दौर में भी ऐसे लोगों को संवेदना नहीं होती थी।
छोटे अपराधों पर भी जीरो टॉलरेंस: डीजीपी
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में अपराध नियंत्रण की दस प्राथमिकताओं पर काम हो रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस आईगॉट कर्मयोगी पोर्टल पर एक करोड़ पाठ्यक्रम पूरे करने वाला देश का पहला विभाग बना है। हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित है। इस वर्ष छह हजार से अधिक नशा तस्कर गिरफ्तार हुए हैं और 26 कार्टेल ध्वस्त किए गए हैं। डीजीपी ने कहा कि छोटे अपराधों के मामलों में भी जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है।