{"_id":"58eee4a14f1c1b9f36cf806d","slug":"up-cm-yogi-adityanath-removes-akhilesh-close-aides-and-makes-his-new-team","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अखिलेश के खास अफसर हटाए, योगी ने बनाई नई टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अखिलेश के खास अफसर हटाए, योगी ने बनाई नई टीम
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Updated Thu, 13 Apr 2017 08:22 AM IST
विज्ञापन
सीएम योगी आदित्यनाथ, अखिलेश यादव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के 25वें दिन 20 आईएएस अधिकारियों की तैनाती में फेरबदल कर दिया है। योगी सरकार का यह पहला बड़ा प्रशासनिक फेरबदल है। इसमें उन्होंने पिछली सरकार में आए दिन चर्चा में रहने वाले प्रमुख अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों से हटाकर प्रतीक्षा सूची में डाल दिया है। जिन अफसरों को प्रमुख पदों पर तैनाती दी है उनमें बेहतर छवि वाले शामिल हैं।
अखिलेश यादव सरकार में अहम भूमिका में रहे प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल व प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री रहीं अनीता सिंह सहित कई अफसरों को हटाकर वेटिंग में डाल दिया गया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी को प्रमुख सचिव सूचना सहित वह सभी जिम्मेदारियां सौंपी गईं हैं जो सहगल के पास थीं। अच्छी छवि के आईएएस अधिकारी मृत्युंजय कुमार नारायण को मुख्यमंत्री ने अपना सचिव बनाया है। शासन में अभी और तबादलों की संभावना है जबकि जिलों में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों में भी जल्द बड़े पैमाने पर फेरबदल हो सकती है।
प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल का पिछली सपा और बसपा राज में एक जैसा जलवा रहा है। वह दोनों सरकारों में अहम भूमिका में रहे। उनको दी गई सभी जिम्मेदारियों से हटाकर प्रतीक्षा में डाल दिया गया है। इसके अलावा प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास रमारमण का भी सपा और बसपा राज में एक जैसा जलवा रहा।
विज्ञापन
दोनों ही सरकारों में उनकी नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस वे अथारिटी में तैनाती रही। उनकी तैनाती को लेकर हाईकोर्ट तक ने तल्ख टिप्पणी की, लेकिन अखिलेश सरकार ने उन्हें नोएडा में बनाए रखने के लिए पूरी ताकत लगा दी। बाद में जब हटाना पड़ा तो तीनों ही प्राधिकरणों पर नियंत्रक की भूमिका वाली प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास की कुर्सी सौंप दी।
इसके अलावा नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण का चेयरमैन भी बनाए रखा। रमारमण की नोएडा में तैनाती के दौरान ही यादव सिंह को अच्छी तरह से फलने-फूलने का मौका मिला। ऐसे रमारमण अब वेटिंग में डाल दिए गए हैं।
विज्ञापन
अखिलेश यादव सरकार में अहम भूमिका में रहे प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल व प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री रहीं अनीता सिंह सहित कई अफसरों को हटाकर वेटिंग में डाल दिया गया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी को प्रमुख सचिव सूचना सहित वह सभी जिम्मेदारियां सौंपी गईं हैं जो सहगल के पास थीं। अच्छी छवि के आईएएस अधिकारी मृत्युंजय कुमार नारायण को मुख्यमंत्री ने अपना सचिव बनाया है। शासन में अभी और तबादलों की संभावना है जबकि जिलों में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों में भी जल्द बड़े पैमाने पर फेरबदल हो सकती है।
विज्ञापन
प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल का पिछली सपा और बसपा राज में एक जैसा जलवा रहा है। वह दोनों सरकारों में अहम भूमिका में रहे। उनको दी गई सभी जिम्मेदारियों से हटाकर प्रतीक्षा में डाल दिया गया है। इसके अलावा प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास रमारमण का भी सपा और बसपा राज में एक जैसा जलवा रहा।
विज्ञापन
दोनों ही सरकारों में उनकी नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस वे अथारिटी में तैनाती रही। उनकी तैनाती को लेकर हाईकोर्ट तक ने तल्ख टिप्पणी की, लेकिन अखिलेश सरकार ने उन्हें नोएडा में बनाए रखने के लिए पूरी ताकत लगा दी। बाद में जब हटाना पड़ा तो तीनों ही प्राधिकरणों पर नियंत्रक की भूमिका वाली प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास की कुर्सी सौंप दी।
इसके अलावा नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण का चेयरमैन भी बनाए रखा। रमारमण की नोएडा में तैनाती के दौरान ही यादव सिंह को अच्छी तरह से फलने-फूलने का मौका मिला। ऐसे रमारमण अब वेटिंग में डाल दिए गए हैं।
सहगल, अनीता, रमारमण, गुरदीप, डिंपल, दीपक व हरिओम वेटिंग में
akhilesh yadav
अखिलेश यादव के साथ लगभग पूरे समय सचिव या प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री की भूमिका में रहीं अनीता सिंह भी अब वेटिंग में है। अनीता को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव का भरोसेमंद माना जाता रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री के सचिव के रूप में लंबे समय तक तैनात रहे सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आमोद कुमार, सचिव आवास एवं शहरी नियोजन पंधारी यादव को कम महत्व का माने जाने वाले राजस्व परिषद इलाहाबाद में बतौर सदस्य भेज दिया गया है।
ग्रेटर नोएडा व नोएडा के सीईओ दीपक अग्रवाल, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विजय कुमार यादव को हटाकर वेटिंग में रख दिया गया है। पिछली सरकार में अवैध खनन बड़ा मुद्दा बना। मामला हाईकोर्ट में गया और कोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश किया। यह जांच चल रही है। विधानसभा चुनाव की गहमागहमी के दौरान तत्कालीन खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को बर्खास्त तक किया गया। उन्हीं के साथ अपर मुख्य सचिव भूतत्व एवं खनिकर्म डॉ. गुरदीप सिंह को भी हटा दिया गया था, लेकिन सपा की आंतरिक कलह के दबाव में जब गायत्री की मंत्रिमंडल में फिर वापसी हुई तो गुरदीप भी पुरानी कुर्सी पाने में सफल हो गए। अब गुरदीप भी प्रतीक्षा सूची में डाल दिए गए हैं। उनकी जगह वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राज प्रताप सिंह को लेनी है।
योगी सरकार की नई खनन नीति बनाने से लेकर विभाग को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी सिंह संभालेंगे। यशभारती सम्मान वितरण को लेकर चर्चा में रहे सचिव एवं निदेशक संस्कृति डॉ. हरिओम भी वेटिंग में भेज दिए गए हैं।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में पुष्टाहार के नाम पर होने वाली अंधेरगर्दी सपा से लेकर बसपा सरकार खासा चर्चा में रही। बिना टेंडर सैकड़ों करोड़ का पुष्टाहार बांटने की बात सामने आई। विभाग की प्रमुख सचिव डिंपल वर्मा को भी हटा दिया गया है। उन्हें भी नई तैनाती नहीं दी गई है। अनीता सी. मेश्राम अब सचिव बाल विकास एवं पुष्टाहार की जिम्मेदारी देखेंगी।
ग्रेटर नोएडा व नोएडा के सीईओ दीपक अग्रवाल, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विजय कुमार यादव को हटाकर वेटिंग में रख दिया गया है। पिछली सरकार में अवैध खनन बड़ा मुद्दा बना। मामला हाईकोर्ट में गया और कोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश किया। यह जांच चल रही है। विधानसभा चुनाव की गहमागहमी के दौरान तत्कालीन खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को बर्खास्त तक किया गया। उन्हीं के साथ अपर मुख्य सचिव भूतत्व एवं खनिकर्म डॉ. गुरदीप सिंह को भी हटा दिया गया था, लेकिन सपा की आंतरिक कलह के दबाव में जब गायत्री की मंत्रिमंडल में फिर वापसी हुई तो गुरदीप भी पुरानी कुर्सी पाने में सफल हो गए। अब गुरदीप भी प्रतीक्षा सूची में डाल दिए गए हैं। उनकी जगह वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राज प्रताप सिंह को लेनी है।
योगी सरकार की नई खनन नीति बनाने से लेकर विभाग को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी सिंह संभालेंगे। यशभारती सम्मान वितरण को लेकर चर्चा में रहे सचिव एवं निदेशक संस्कृति डॉ. हरिओम भी वेटिंग में भेज दिए गए हैं।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में पुष्टाहार के नाम पर होने वाली अंधेरगर्दी सपा से लेकर बसपा सरकार खासा चर्चा में रही। बिना टेंडर सैकड़ों करोड़ का पुष्टाहार बांटने की बात सामने आई। विभाग की प्रमुख सचिव डिंपल वर्मा को भी हटा दिया गया है। उन्हें भी नई तैनाती नहीं दी गई है। अनीता सी. मेश्राम अब सचिव बाल विकास एवं पुष्टाहार की जिम्मेदारी देखेंगी।
आलोक को अवस्थापना की कमान, भुवनेश से कमिश्नर का चार्ज हटा
सीएम योगी आदित्यनाथ
आलोक सिन्हा सपा राज में लंबे समय तक मेरठ में कमिश्नर के पद पर तैनात रहे। योगी ने आलोक को वहां से हटाकर प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास तथा एनआरआई विभाग की जिम्मेदारी दी है। नोएडा विकास प्राधिकरण के चेयरमैन का कार्य भी वह देखेंगे। सचिव व्यावसायिक शिक्षा भुवनेश कुमार को लखनऊ के मंडलायुक्त के पद से कार्यमुक्त कर दिया गया है। भुवनेश की गिनती अच्छे अफसरों में होती है। योगी ने कुमार को मौजूदा जिम्मेदारी के साथ सचिव प्राविधिक शिक्षा का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। अब मेरठ और लखनऊ के मंडलायुक्त की कुर्सी खाली हो गई है।
अमित मोहन को नोएडा, ग्रेनो के सीईओ की भी जिम्मेदारी
शासन ने निवेश आयुक्त अमित मोहन प्रसाद को मौजूदा पदों के साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण गौतमबुद्धनगर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।
रणवीर यूपीएसआईडीसी के नए एमडी
यूपीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक अमित कुमार घोष को हटाकर वेटिंग में डाल दिया गया है। अमित की पिछले दिनों केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को हरी झंडी मिली थी। आयुक्त एवं निदेशक हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग तथा प्रबंध निदेशक केस्को रणवीर प्रसाद को एमडी यूपीएसआईडीसी, यूपी लघु उद्योग निगम, आयुक्त एवं निदेशक उद्योग कानपुर नगर के पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
अमित मोहन को नोएडा, ग्रेनो के सीईओ की भी जिम्मेदारी
शासन ने निवेश आयुक्त अमित मोहन प्रसाद को मौजूदा पदों के साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण गौतमबुद्धनगर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।
रणवीर यूपीएसआईडीसी के नए एमडी
यूपीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक अमित कुमार घोष को हटाकर वेटिंग में डाल दिया गया है। अमित की पिछले दिनों केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को हरी झंडी मिली थी। आयुक्त एवं निदेशक हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग तथा प्रबंध निदेशक केस्को रणवीर प्रसाद को एमडी यूपीएसआईडीसी, यूपी लघु उद्योग निगम, आयुक्त एवं निदेशक उद्योग कानपुर नगर के पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।