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यूपी : विदेशों से आ रही भड़काऊ कॉल का पता लगाने में केंद्रीय एजेंसियां भी जुटीं, यूपी एटीएस भी कर रही है जांच
Thu, 12 Aug 2021 10:42 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 12 Aug 2021 10:42 AM IST
सार
विदेशों से आ रही भड़काऊ फोन कॉल को लेकर सुरक्षा एजेसियां हलकान हैं। 56 सेकेंड की रिकार्डेड कॉल में देश के अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झंडा न फहराने देने की धमकी दी जा रही है।
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विस्तार
विदेशों से आ रही भड़काऊ फोन कॉल को लेकर सुरक्षा एजेसियां हलकान हैं। 56 सेकेंड की रिकार्डेड कॉल में देश के अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झंडा न फहराने देने की धमकी दी जा रही है। अब इस तरह की कॉल का पता लगाने में केंद्रीय एजेंसियां भी लग गई हैं। यूपी में इसकी जांच एटीएस को सौंपी गई है।
जानकारी के अनुसार पंजाब के सिख फार जस्टिस के घोषित आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की ओर से वीओआईपी कॉल की जा रही है। इसमें न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और यूएस के नंबरों को इस्तेमाल किया जा रहा है। पन्नू मौजूदा समय में कनाडा में बताया जा रहा है। पिछले महीने खालिस्तान के लिए जनमत संग्रह की कॉल आ रही थी, उसके पीछे भी पन्नू ही बताया जा रहा है। इसकी जांच पहले साइबर क्राइम को दी गई थी। साइबर क्राइम के एडीजी राम कुमार का कहना है कि पन्नू देश-प्रदेश का माहौल खराब करना चाहता है। उन्होंने बताया कि यह फोन कॉल विदेशों में बैठ कर इंटरनेट के जरिए की जा रही है इस लिए उस तक पहुंच पाना मुश्किल हो रहा है।
एटीएस भी कर रही है जांच
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 15 अगस्त के मौके पर तिरंगा न फहराने देने की धमकी के मामले की जांच यूपी एटीएस भी कर रही है। एटीएस के आईजी जीके गोस्वामी ने बताया कि प्रदेश में हजारों लोगों के पास इस तरह की काल आ रही है। इसका पता लगाया जा रहा है और केंद्रीय एजेंसियों से भी मदद ली जा रही है।
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पहले भी आ चुकी है इस तरह की काल
इस तरह की फोन कॉल पहले भी लोगों के पास आ चुकी है। पिछले वर्ष भी 15 अगस्त के मौके पर तिरंगा न फहराने देने की धमकी दी गई थी। उक्त कॉल के पीछे भी गुरपतवंत सिंह पन्नू का नाम सामने आया था। उससे पहले मई 2018 में प्रदेश के लगभग एक दर्जन विधायकों के पास धमकी भरे व्हाट्स एप मैसेज आए थे। उनसे पैसों तक की मांग की गई थी।
इस मैसेज के पीछे दाऊद इब्राहिम के धुर विरोधी अली बुदेश का हाथ बताया जा रहा था। अली बुदेश पिछले कई सालों से बहरीन में रह रहा है। केंद्रीय एजेंसियों ने विधायकों के पास आ रहे मैसेज की जांच की तो पता चला कि यह व्हाट्स एप मैसेज पाकिस्तान से आ रहे थे। बाद में अपने आप ही मैसेज आने बंद हो गए थे।
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जानकारी के अनुसार पंजाब के सिख फार जस्टिस के घोषित आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की ओर से वीओआईपी कॉल की जा रही है। इसमें न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और यूएस के नंबरों को इस्तेमाल किया जा रहा है। पन्नू मौजूदा समय में कनाडा में बताया जा रहा है। पिछले महीने खालिस्तान के लिए जनमत संग्रह की कॉल आ रही थी, उसके पीछे भी पन्नू ही बताया जा रहा है। इसकी जांच पहले साइबर क्राइम को दी गई थी। साइबर क्राइम के एडीजी राम कुमार का कहना है कि पन्नू देश-प्रदेश का माहौल खराब करना चाहता है। उन्होंने बताया कि यह फोन कॉल विदेशों में बैठ कर इंटरनेट के जरिए की जा रही है इस लिए उस तक पहुंच पाना मुश्किल हो रहा है।
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एटीएस भी कर रही है जांच
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 15 अगस्त के मौके पर तिरंगा न फहराने देने की धमकी के मामले की जांच यूपी एटीएस भी कर रही है। एटीएस के आईजी जीके गोस्वामी ने बताया कि प्रदेश में हजारों लोगों के पास इस तरह की काल आ रही है। इसका पता लगाया जा रहा है और केंद्रीय एजेंसियों से भी मदद ली जा रही है।
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पहले भी आ चुकी है इस तरह की काल
इस तरह की फोन कॉल पहले भी लोगों के पास आ चुकी है। पिछले वर्ष भी 15 अगस्त के मौके पर तिरंगा न फहराने देने की धमकी दी गई थी। उक्त कॉल के पीछे भी गुरपतवंत सिंह पन्नू का नाम सामने आया था। उससे पहले मई 2018 में प्रदेश के लगभग एक दर्जन विधायकों के पास धमकी भरे व्हाट्स एप मैसेज आए थे। उनसे पैसों तक की मांग की गई थी।
इस मैसेज के पीछे दाऊद इब्राहिम के धुर विरोधी अली बुदेश का हाथ बताया जा रहा था। अली बुदेश पिछले कई सालों से बहरीन में रह रहा है। केंद्रीय एजेंसियों ने विधायकों के पास आ रहे मैसेज की जांच की तो पता चला कि यह व्हाट्स एप मैसेज पाकिस्तान से आ रहे थे। बाद में अपने आप ही मैसेज आने बंद हो गए थे।