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UP Budget 2025: वित्तमंत्री ने शेर-ओ-शायरी से बांधा समां, बोले- 'जिस दिन से चला हूं मेरी मंजिल पर नजर है...'

Thu, 20 Feb 2025 04:38 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 20 Feb 2025 04:38 PM IST
सार

यूपी विधानसभा में बजट भाषण पढ़ते हुए वित्त मंत्री ने शायरी पढ़कर यूपी सरकार की प्रशंसा की। उनकी शेर ओ शायरी के सामने विपक्ष भी बेदम नजर आया।

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UP Budget 2025: UP Finance Minister addressed the gathering with poetry
- फोटो : amar ujala

विस्तार

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में योगी सरकार का नौवां बजट भाषण पढ़ते हुए शेरो शायरी के माध्यम से प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का बखान किया तो वहीं विपक्ष पर तीखे वार भी किये। उन्होंने बताया कि 2017 से पहले क्या स्थिति थी और विगत 7 वर्ष में योगी सरकार ने जो कार्य किये हैं, उससे स्थिति में कितना बदलाव हुआ है। इसके लिए उन्होंने शेर-ओ-शायरी का भी भरपूर उपयोग किया। 

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विगत वर्ष प्रदेश में निवेश पर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों की प्रशंसा की और कहा...
जिस दिन से चला हूं मेरी मंजिल पर नजर है
आंखों ने कभी मील का पत्थर नहीं देखा।

इसी तरह, कानून व्यवस्था पर प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि किसी भी समाज के सामाजिक आर्थिक उत्थान के लिये सुदृढ़ कानून व्यवस्था का होना पहली शर्त है। जब हमारी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में कार्यभार सम्भाला था उस समय प्रदेश किस प्रकार की विषम कानून व्यवस्था और गुण्डाराज की गिरफ्त में था यह सभी को मालूम है। हमारे तेजस्वी मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्ग निर्देशन में हमारी सरकार द्वारा प्रदेश में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेन्स की नीति अपनाते हुए गुण्डों, माफियाओं और हर अपराध पेशा लोगों के विरूद्ध अभियान चला कर कार्यवाही की गयी।
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कश्ती चलाने वालों ने जब हार के दी पतवार हमें।
लहर-लहर तूफान मिले और संग-संग मझधार हमें।
फिर भी दिखलाया है हमने और आगे दिखा भी देंगे।
इन हालातों में आता है दरिया करना पार हमें।

प्रदेश में चिकित्सा व्यवस्था में सरकार की उपलब्धियों का भी उन्होंने बखान किया। उन्होंने कहा कि आज से सात-आठ साल पहले प्रदेश में चिकित्सा सुविधायें अत्यन्त जर्जर अवस्था में थीं। प्रत्येक वर्ष प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में संक्रामक रोगों से बड़े पैमाने पर मौतें हुआ करती थीं। प्रदेश में रोगों की पहचान, रोकथाम और इलाज की व्यवस्थायें जनसामान्य को उपलब्ध नहीं थीं। हमने कोविड वैश्विक बीमारी का दौर भी देखा जिसके दौरान प्रदेश में जिस कुशलता के साथ इस विभीषिका का सामना किया गया उसकी प्रशंसा विश्व स्तर पर की गई। आज प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं का प्रसार जिस प्रकार हुआ है और लगातार हो रहा है वह अदभुत है-
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रात कितनी ही भले हो स्याह आखिर में उसे, मात खानी ही पड़ेगी रोशनी के हाथ से।

अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास में किये गये कार्यों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री बोले, जब वर्ष 2017 में हमने कार्यभार सम्भाला था उस समय प्रदेश में औद्योगिक विकास पूरी तरह से रुका पड़ा था। उद्योग प्रदेश से विस्थापित हो रहे थे। उस समय कोई यह कल्पना भी नहीं कर सकता था कि प्रदेश में उद्योग-धन्धे आयेंगे भी, परन्तु दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और लक्ष्य प्राप्ति के अथक प्रयासों से कुछ भी सम्भव है-

लोग कहते हैं बदलता है जमाना अक्सर
खास वो हैं जो जमाने को बदल देते हैं।

प्रदेशवासियों की मूलभूत सुविधा जल को लेकर प्रदेश सरकार ने जो योजनाएं चलायीं, उनका भी जिक्र किया गया। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत प्रदेश के समस्त 2.67 करोड ग्रामीण परिवारों को क्रियाशील गृह नल संयोजन प्रदान कर शुद्ध एवं सत्त पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। लक्ष्य के सापेक्ष 2.34 करोड़ घरों में क्रियाशील गृह नल संयोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। पीने का पानी घर में उपलब्ध होने का महत्व वहीं समझ सकता है जिसके पास यह सुविधा नहीं हो और जिसके घर की महिलाओं, बच्चों को पीने के पानी के लिये दूर-दराज से पानी भरकर लाने के लिये रोज घर से निकलना पड़ता हो। घरों में नल से पानी उपलब्ध होने से इन परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिली है-

कोई ना हो उदास तो समझो बसन्त है
हर घर में हो उल्लास तो समझो बसन्त है
जो कंठ तरसते रहे पानी को हमेशा
बुझ जाये उनकी प्यास तो समझो बसन्त है।

 

ऊर्जा की उपलब्धियों को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि 2017 के पहले प्रदेश में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई थी। न छात्रों को पढ़ाई के लिये बिजली मिलती थी, न ही किसानों को सिंचाई के लिये। अस्पतालों और औद्योगिक इकाईयों को बिजली नहीं मिलती थी। गर्मियों में पूरे प्रदेश की जनता बदहाल रहती थी। रातों में शहर के शहर अंधेरे में डूबे रहते थे। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। लोगों के घरों में रोशनी है, गर्मियों में निर्बाध बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है.प किसानों को सिंचाई के लिये बिजली उपलब्ध है। हमारी सरकार ने इस भावना के साथ कार्य किया है-

अजमते जिन्दगी की कसम है हमें, जर्रे-जर्रे में महफिल सजा देंगे हम, तेरे दीवारों-दर जगमगा देंगे हम।

अवस्थापना सुविधाओं के विकास को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिस प्रकार अवस्थापना सुविधाओं का चतुर्दिक विकास और आवागमन की सुविधाओं का द्रुत गति से विस्तार हुआ है, वह वर्ष 2017 के पहले प्रदेश में रही सरकार के लिये सपने में भी शायद सम्भव नहीं था। परन्तु-

 

लोग यहां ख्वाब दिखाते हैं अक्सर
हर एक ख्वाब को सच कर दिया है योगी ने।

उन्होंने प्रदेशवासियों के जीवन में आये बदलाव और योगी सरकार के प्रयासों पर कहा कि हमारी सरकार प्रदेशवासियों को एक सुरक्षित, स्वस्थ, सभ्य और खुशहाल समाज मुहैया कराने तथा प्रदेश में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य कर रही है। हमारा मानना है कि...

तुम सोच रहे हो बस, बादल की उड़ानों तक
मेरी तो निगाहें हैं, सूरज के ठिकानों तक

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