UP Budget 2024: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले- ये बजट प्रभु श्रीराम को समर्पित है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी सरकार का ये बजट समग्र विकास की अवधारणा के साथ प्रभु श्रीराम को समर्पित है। उन्होंने कहा कि हमने बिना कोई अतिरिक्त कर लगाए प्रदेश के राजस्व को बढ़ाया है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रभु श्रीराम को समर्पित 2024-25 का बजट प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास का आर्थिक दस्तावेज हैं। विधानसभा में बजट पेश करने के बाद विधान भवन के तिलक हॉल में प्रेस से मुखातिब मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 जनवरी 1950 को उत्तर प्रदेश की स्थापना हुई थी, यह वर्ष यूपी का अमृतकाल है। यह बजट अमृतकाल में विकास के लक्ष्यों को प्राप्त कर, अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई प्रदान करने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दस खरब अमेरिकी डॉलर का राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्यमंत्री योगी ने तुलसीदास की चौपाई जेहि महुं आदि मध्य अवसाना प्रभु प्रतिपाद्ध राम भगवाना... का जिक्र करते हुए कहा कि बजट की शुरुआत, मध्य और बजट के अंत में भी प्रभु श्रीराम हैं। बजट के विचार और संकल्प में एक-एक शब्द में श्रीराम हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम लोक मंगल के पर्याय हैं, लोक मंगल को समर्पित है यह बजट समग्र संकल्पों को पूरा करने वाला जन कल्याण का बजट है। उन्होंने कहा कि उत्सव, उद्योग और उम्मीद यह ही नए यूपी की नई तस्वीर।
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उन्होंने कहा कि आस्था, अंत्योदय और अर्थव्यवस्था को समर्पित 7 लाख 36 हजार 437 करोड़ रुपये का बजट है। ये यूपी का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। उन्होंने कहा कि बजट में 2023-24 की तुलना में 6.70 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। बजट अर्थव्यवस्था को विस्तार देने की डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता को प्रस्तुत करता है। बजट में 2, 03,742.38 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए रखा गया है। उन्होंने कहा कि जब पैसा इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर खर्च होगा तो रोजगार का सृजन भी होगा और अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। बजट यूपी को देश की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में स्थापित करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्पों को साकार करने में अहम भूमिका का निर्वहन करेगा।
नई योजनाओं में भी युवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बजट में 24,863.57 करोड़ की नई परियोजनाएं भी हैं। युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान एक नई योजना लागू की जाएगी। इसमें प्रदेश के युवाओं को सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए पांच लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। यूपी में रोजगार प्रोत्साहन कोष का गठन किया जाएगा। इसमें प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, अप्रेंटिंसशिप की योजना को वित्त पोषण की कार्यवाही से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने बताया कि इनोवेशन एवं रिचर्स के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, स्टेट ऑफ आर्ट टेक्नोलॉजी के प्रयोग को प्रोत्साहन देने के लिए भी बजट प्रावधान किया है। आईटीआईटी कानपुर में मेडिकल रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी की स्थापना और 500 बेड के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की स्थापना की जाएगी। सीएम कन्या सुंगमल योजना की धनराशि 15 से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने का प्रावधान है। निजी नलकूपों के किसानों को बिजली उपलब्ध करा सकें इसके लिए नि:शुल्क विद्युत आपूर्ति के लिए प्रावधान किया है।
किसान से राम तक रहा बजट का सफर
2017-18 का बजट प्रदेश के अन्नदाता किसानों को समर्पित था। 2018-19 का बजट प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास को समर्पित किया था। 2019-20 का बजट मातृ शक्ति को समर्पित करते हुए मिशन शक्ति के अभियान को आगे बढ़ाया था। 2020-21 का बजट प्रदेश की युवा ऊर्जा को समर्पित था। 2021-22 का बजट प्रदेश के स्वावलंबन से सशक्तिकरण के अभियान और 2022-23 का बजट अंत्योदय से आत्मनिर्भरता का बजट रहा है। 2023-24 का बजट सरकार ने त्वरित एवं सर्व समावेशी के विकास के लिए समर्पित किया था। 2024-25 का बजट प्रभु श्रीराम को समर्पित किया है।
इस तरह आर्थिक तरक्की करता गया यूपी
उन्होंने कहा कि 2016-17 में प्रदेश की जीडीपी 12.50 लाख करोड़ रुपये थी और 2024-25 में 25 लाख करोड़ रुपये हो गई है। दोगुनी से अधिक हो गई है।
- मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रति व्यक्ति आय को दोगुना किया गया है।
- उत्तर प्रदेश की 2016-17 में देश की छठी अर्थव्यवस्था थी आज नंबर दो की अर्थव्यवस्था है।
- 2016-17 में बेरोजगारी की दर 19.2 प्रतिशत थी, वर्तमान समय में घटकर 2.4 प्रतिशत हो गई है।
बैंक का सीडी रेश्यो 46 फीसदी था अब 57 फीसदी से अधिक हुआ है।