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UP Budget Session : वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने छह लाख 15 हजार 518 करोड़ का पेश किया बजट, हर परिवार में कम से कम एक रोजगार

अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 26 May 2022 05:38 PM IST
सार

बजट में खास : मेरठ, बहराइच, कानपुर, आजमगढ़ और रामपुर में एटीएस सेंटर का निर्माण। वृद्धावस्था पेंशन 500 से बढ़ाकर 1000 रुपये की गई। 14 मेडिकल कॉलजों को 2100 करोड़ का बजट। निराश्रित महिला पेंशन बढ़ाकर 1000 रुपये और दिव्यांग भरण पोषण राशि 1000 की गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना। - फोटो : amar ujala
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विस्तार

योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में संकल्प पत्र के वादे पूरे करने की प्रतिबद्धता दिखाई है। योगी 2.0 सरकार ने अपने पहले बजट में संकल्प पत्र की 97 घोषणाओं को शामिल किया है। इन्हें अमलीजामा पहनाने के लिए लगभग 55 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में किया गया है। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र और किसानों की बेहतरी के साथ-साथ विकास को रफ्तार देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। बजट समग्र विकास पर जोर देते हुए सभी वर्र्गों को खुश करने की कोशिश की है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का भी ध्यान रखा गया है। बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट के नजरिये से सड़क नेटवर्क और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं को रफ्तार देने की मंशा जताते हुए धनराशि का प्रावधान किया है।

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में 2022-23 लिए 6,15,518.97 करोड़ का बजट पेश किया। विधान परिषद में नेता सदन स्वतंत्रदेव सिंह ने बजट पेश किया। बजट में 39,181.10 करोड़ रुपये की नई योजनाएं शामिल हैं। खास बात यह है कि इस बजट में विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर से जारी संकल्प पत्र की 97 घोषणाओं को शामिल करते हुए इसके लिए 54,883 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें 44 नई योजनाएं हैं।



बजट में विकास पर खास फोकस करते हुए सभी वर्गों को लुभाने की कोशिश की गई है। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विस्तार की रफ्तार तेज करने के साथ ही गांवों, किसानों, महिलाओं, युवाओं को भी तवज्जो दी गई है। बजट के जरिये सरकार ने धर्म-संस्कृति व पयर्टन विकास के अपने एजेंडे को भी आगे बढ़ाने की भी मंशा जताई है। खास बात यह है बजट में सरकार ने सभी क्षेत्रों को कुछ न कुछ सौगात देकर क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है। आकार के लिहाज से यह अब तक का सबसे बड़ा बजट है।

उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को होली-दिवाली पर मुफ्त सिलेंडर
योगी सरकार ने संकल्प पत्र के वादे के  अनुसार प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के सभी लाभार्थियों को होली-दिवाली पर दो मुफ्त सिलेंडर देने के लिए बजट में 3,301.74 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

किसानों को आलू, प्याज, टमाटर जैसी फसलों का न्यूनतम मूल्य
भाजपा ने संकल्प पत्र में किसानों को आलू, प्याज, टमाटर जैसी सभी फसलों का न्यूनतम मूल्य दिलाने का वादा किया था। इसके लिए 100 करोड़ रुपये से भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना प्रस्तावित की गई है। साथ ही बुंदेलखंड में अगले पांच वर्ष में प्रत्येक गांव में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।

निषादराज बोट सब्सिडी योजना
संक ल्प पत्र की घोषणा के अनुसार मछुवारों को एक लाख रुपये तक की नाव 40 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध कराई जाएगी।

हर परिवार में कम से कम एक रोजगार
योगी सरकार ने चुनाव में किए गए वादे के अनुसार संपूर्ण परिवार सर्वेक्षण योजना शुरू करने का एलान किया है। इसके तहत हर परिवार में कम से एक रोजगार अथवा स्वरोजगार का अवसर प्रदान किया जाएगा।

दोगुनी होंगी एमबीबीएस की सीटें
संकल्प पत्र में एमबीबीएस जैसे पाठ्यक्रमों की सीटों को दोगुना किए जाने की घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए एमबीबीएस व पीजी पाठ्यक्रमों में 60:40 की वृद्धि की जाएगी। इसके लिए 500 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। साथ ही बिजनौर, कुशीनगर, सुल्तानपुर,  गोंडा, ललितपुर, लखीमपुर खीरी, चंदौली, बुलंदशहर, सोनभद्र, पीलीभीत, औरैया, कानपुर देहात, कौशांबी तथा अमेठी में स्वशासी राज्य चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना केलिए भी बजट प्रावधान किया गया है।

बुजुर्ग पुजारियों, संतो-पुरोहितों का लिए बनेगा बोर्ड
संकल्प पत्र की घोषणा के अनुसार सरकार ने बजट में बुजुर्ग पुजारियों, संतो व पुरोहितों के कल्याण की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए बोर्ड के गठन का एलान किया है।

स्मार्ट फोन व टैबलेट के लिए 1500 करोड़
विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत युवाओं को स्मार्ट फोन व टैबलेट वितरण के लिए बजट में 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

गेंहू व धान खरीद के लिए 17,500 करोड़
समर्थन मूल्य पर गेहूं और धान खरीद को मजबूत करने के लिए बजट में 17,500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है।

सामाजिक सुरक्षा का बजट बढ़ाया
सरकार ने संकल्प पत्र के वादों के मुताबिक समाजिक सुरक्षा का बजट डेढ़ से दो गुना बढ़ाया है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए 600 करोड़, निराश्रित महिला पेंशन योजना के लिए 4,032 करोड़, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के लिए 30 करोड़, वृद्धावस्था पेंशन के लिए 7053.56 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, पर भी मेहरबानी
योगी सरकार ने बजट में अयोध्या, गोरखपुर व वाराणसी पर भी मेहरबानी दिखाई है। अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण को पूरा करने के लिए 201 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए 512 करोड़ तथा इसके दोनों तरफ औद्योगिक गलियारे के लिए 29 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वाराणसी में रोप-वे के लिए 82 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वाराणसी में सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना का भी प्रस्ताव है। प्रयागराज में 2025 में होने वाले महाकुंभ के भव्य आयोजन के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है।

वाराणसी व गोरखपुर मेट्रो परियोजना भी पकड़ेगी रफ्तार
वाराणसी एवं गोरखपुर में मेट्रो रेल परियोजना को रफ्तार देने के लिए बजट में 100 करोड़ का प्रस्ताव किया गया है।

बीते वर्ष के मुकाबले 11.86 फीसदी ज्यादा बजट
योगी सरकार द्वारा पेश किया गया 2022-23 का बजट 2021-22 के बजट के मुकाबले 11.86 फीसदी ज्यादा है। बीते साल वित्तमंत्री ने 5,50,270.78 करोड़ करोड़ रुपये का बजट पेश किया था जबकि आज पेश किए गए बजट का आकार 6,15,518.97 करोड़ रुपये है।

39,181.10 करोड़ की नई योजनाएं
योगी सरकार द्वारा पेश किए 2022-23 के बजट में 39,181.10 करोड़ रुपये की नई योजनाएं शामिल की गई हैं।

बजट एक नजर में
कुल बजट : 6,15,518.97 करोड़ रुपये
प्राप्तियां : 5,90,951.71 करोड़ रुपये
राजस्व बचत : 40,550.03 करोड़ रुपये
राजकोषीय घाटा : 81,177.97 करोड़ रुपये (सकल घरेलू उत्पाद का 3.96 फीसदी)

कहां से मिलेगा कितना राजस्व
जीएसटी :             1,24,477 करोड़
आबकारी शुल्क :        49,152 करोड़
स्टांप एवं पंजीकरण :        29,692 करोड़
वाहन कर :            10,887 करोड़    

ऐसे बढ़ा योगी सरकार के बजट का आकार
वर्ष            धनराशि (करोड़ रुपये में)        वृद्धि (प्रतिशत)

2017-18        3,84,659.71            10.87
2018-19        4,28,384.52            11.36
2019-20        4,79,701.10            11.97
2020-21        5,12,860.72            06.46
2021-22        5,50,270.78            07.29
2022-23        6,15,518.97            11.86

गन्ने की मिठास बढ़ाने को 1340 करोड़

विधानसभा में बजट प्रस्तुत करते वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना साथ में मुख्यमंत्री
विधानसभा में बजट प्रस्तुत करते वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना साथ में मुख्यमंत्री - फोटो : अमर उजाला
बजट में प्रदेश सरकार ने गन्ना विकास विभाग (चीनी उद्योग) के लिए 1340 करोड़ का प्रावधान किया है। इसमें सबसे ज्यादा हिस्सा सहकारी चीनी मिलों के अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान के लिए रखा गया है। उप्र सहकारी चीनी मिलों के किसानों को गन्ने का अवशेष बकाया भुगतान के लिए एक हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। चीनी मिलों के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण के लिए 380 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। इनमें सहकारी चीनी मिल ननौता की कार्यक्षमता में सुधार के लिए 25 करोड़, सहकारी चीनी मिन स्नेह रोड बिजनौर में एथनॉल उत्पादन की आसवनी स्थापना के लिए 50 करोड़, सहकारी चीनी मिल गजरौला में आसवनी स्थापना परियोजना के ऋण केलिए 50 करोड़, सहकारी चीनी मिल साठा अलीगढ़ और सुल्तानपुर की क्षमता वृद्घि के लिए 50 करोड़, 11 चीनी मिलों के बायलर पर वैट स्क्रबर के लिए 10 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।

 इसके अलावा 22 सहकारी चीनी मिलों के 44 बायलरों पर ऑनलाइन स्टेक मॉनीटरिंग सिस्टम केलिए डेढ़ करोड़ एवं अन्य विभिन्न कार्यों केलिए भी बजट का प्रबंध किया गया है। आर्थिक रूप से बीमार आठ चीनी मिलों के सेवानिवृत कर्मचारियों केबकाया भुगतान के लिए एवं आर्थिक रूप से कमजोर चार सहकारी चीनी मिलों के कर्मचारियों केबकाया भुगतान के लिए 25 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। चीनी मिल मोहिउद्दीनपुर मेरठ में आसवनी की स्थापना के लिए 20 करोड़, बुढवल (बाराबंकी) आसवनी स्थापना एवं अन्य कार्य परियोजना ऋण के लिए 50 करोड़, उप्र राज्य चीनी निगम की मिलों की क्षमतावृद्घि, आसवनी स्थापना, प्रदूषण संयंत्र, जीर्णोद्घार आदि के लिए 95 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।

वाराणसी में रोपवे तो गोरखपुर में दौड़ेगी मेट्रो
शहरी क्षेत्र केलोगों के बेहतर ट्रांसपोर्ट सेवा मुहैया कराने को लेकर भी सरकार ने बजट में पहल की है। वर्ष 2022-23 के लिए पेश बजट में सरकार ने कानपुर और आगरा में संचालित मेट्रो रेल प्रोजेक्टों के लिए जहां पिछले साल से अधिक बजट दिया है, वहीं प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रोपवे प्रोजेक्ट शुरू करने के संकल्प को पूरा करने के लिए बजट में 82 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जबकि गोरखपुर में मेट्रो रेल परियोजना के लिए भी 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

इसी प्रकार कानपुर और आगरा की निर्माणाधीन मेट्रो परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए इस बार बजट में वृद्धि की गई है। इस बार के बजट में किए गए प्रस्ताव के मुताबिक सरकार ने 11 हजार 76 करोड़ रुपये की लागत वाले कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए इस बार बजट में 747 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है, जबकि पिछले साल इस प्रोजेक्ट के लिए 597 करोड़ रुपये ही दिए थे। इसी तरह 8330 करोड़ की लागत की आगरा मेट्रो रेल परियोजना के  के लिए इस बार 597 करोड़ की व्यवस्था की गई है, जबकि पिछले साल मात्र 478 करोड़ रुपये ही मिले थे। इसके अलावा गोरखपुर और वाराणसी में मेट्रो रेल परियोजना शुरू करने से संबंधित तैयारियां शुरू करने के लिए भी बजट में 100 करोड़ की धनराशि की व्यवस्था की है।

साढ़े चार करोड़ परिवारों को रोजगार से युवाओं में जगेगी आस
प्रदेश में हर परिवार से एक व्यक्ति को रोजगार देने के अपने संकल्प पर सरकार ने काम शुरू कर दिया है। इससे करीब 24 करोड़ आबादी वाले प्रदेश के लगभग साढ़े चार करोड़ परिवार लाभान्वित होंगे। सरकार ने इसके लिए हर परिवार का सर्वे कराने का निर्णय किया है। बजट प्रस्तुत करते हुए सरकार ने इस दिशा में अपनी प्रतिबद्धतता भी जताई है। यही नहीं बजट में सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स उद्योग नीति के अंतर्गत 05 वर्षों में 40,000 करोड़ रुपये के निवेश और 04 लाख व्यक्तियों के लिए रोजगार सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही मनरेगा योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में 32 करोड़ मानव दिवस सृजन किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अंतर्गत 800 इकाईयों की स्थापना कराकर 16000 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य है। माध्यमिक शिक्षा में शिक्षक चयन में साक्षात्कार समाप्त कर 40,402 शिक्षकों का चयन एवं 7540 पदों का सृजन किया गया है। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं हैं। लगभग 3000 नर्सों को राजकीय मेडिकल कॉलेजों/अस्पतालों में नियुक्ति दी गई व लगभग 10,000 नये पद सृजित किये गये हैं जो आगामी वर्षों में भरे जाएंगे।

सुरक्षा, सुविधा और व्यवस्था पर जोर
बजट में कानून-व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए सुरक्षा-व्यवस्था को दुरुस्त करने पर जोर दिया गया है। सेफ सिटी परियोजना व महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान है। वहीं चालू योजनाओं को रफ्तार देने के लिए 7100 करोड़ रुपये से अधिक की व्यवस्था की गई है।
- 276.66 करोड़ : उप्र विशेष सुरक्षा बल के गठन के लिए
- 730.88 करोड़ : यूपी 112 योजना के सुदृढ़ीकरण के लिए
- 523.34 करोड़ : लखनऊ, गौतमबुद्घनगर, आगरा, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज में सेफ सिटी योजना के तहत महिलाओं की सुरक्षा के लिए
250 करोड़ : थानों में सुरक्षा उपकरणों व अस्त्र-शस्त्र के लिए
1965 करोड़ : पुलिस विभाग के आवासीय, अनावासीय भवन व पुलिस लाइन्स के लिए
42 लाख : मेरठ व बहराइच में कमांडो सेंटर के लिए  
1703 करोड़ :  लखनऊ, गोरखपुर, बदायूं में महिला बटालियन के लिए
1700 करोड़ : अलीगढ़, आजमगढ़, बस्ती, चित्रकूटधाम, देवीपाटन, मिर्जापुर, प्रयागराज और सहारनपुर मंडल में एंटी करप्शन आर्गनाइजेशन यूनिट की स्थापना के लिए  

 

राजकीय महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज के लिए खर्च होंगे दस करोड़ रुपये

विधानसभा में बजट प्रस्तुत करते वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना साथ में मुख्यमंत्री
विधानसभा में बजट प्रस्तुत करते वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना साथ में मुख्यमंत्री - फोटो : amar ujala
प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज की स्थापना के लिए सरकार ने बजट में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके साथ ही राजकीय महाविद्यालयों के निर्माणाधीन भवनों को पूरा करने के लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इस क्रम में प्रदेश में 75 नये राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना का निर्माण कार्य प्रगति पर है। असेवित मंडलों में राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए 10 लाख रुपये की टोकन मनी की व्यवस्था की गई है। राजकीय महाविद्यालयों में खेलकूद इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना के लिए 1 करोड़ 72 लाख रुपये की बजट में व्यवस्था की गई है। वहीं उच्च शिक्षा निदेशालय में ई-कंटेंट रिकार्डिंग स्टूडियो निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र के लिए 1.16 करोड़ रुपये
छात्रों को मुफ्त ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण के लिए संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी में स्थापित किए जा रहेऑन लाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र के लिए 1 करोड़ 16 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।

बेसिक शिक्षा
नॉलेज बेस्ड रिस्पांस टू स्कूलिंग एंड टीचिंग परियोजना के लिए दस करोड़ रुपये

सरकार ने यूपी-नॉलेज बेस्ड रिस्पांस टू स्कूलिंग एंड टीचिंग (उत्कृष्ट) परियोजना के क्रियान्वयन के लिए दो अलग-अलग मदों में दस करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था की है। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2021 (नाबार्ड पोषित) के अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों उच्चीकृत किए जाने व स्मार्ट क्लास की स्थापना के लिए एक लाख रुपये की टोकन व्यवस्था की गई है। वहीं समग्र शिक्षा अभियान के लिए 18,670 करोड़ 72 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

निशुल्क यूनिफॉर्म के लिए 370 व मिड डे मील के लिए तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक
वित्तीय वर्ष 2022-2023 के बजट में कक्षा-1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं के लिए नि:शुल्क यूनिफॅार्म, स्वेटर, स्कूल बैग व जूता-मोजा की धनराशि योजना के लिए 370 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। इसी तरह मध्याह्न भोजन योजना के लिए 3548 करोड़ 93 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। साथ ही फल वितरण के लिए 166 करोड़ 71 लाख रुपये की व्यवस्था भी प्रस्तावित की गई है।

रसोइयों की ड्रेस के लिए दस करोड़ की व्यवस्था
मिड डे मील के लिए चलने वाली किचेन में रसोइयों के लिए परिधान, वस्त्र आदि की व्यवस्था के लिए सरकार ने वर्तमान सत्र में दस करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था की है।

माध्यमिक शिक्षा
संस्कृत पाठशालाओं के अनुदान के लिए 324 करोड़ 41 लाख रुपये व सैनिक स्कूलों के संचालन के लिए 98 करोड़ 38 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। वहीं समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विभिन्न निर्माण व अवस्थापना विकास के कार्यों के लिए बजट में 836 करोड़ 80 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में सभाकक्ष व जरूरी कक्षों के निर्माण के लिए एक करोड़ व निदेशक के जर्जर आवास व संलग्न कार्यालय कक्षों के जीर्णोद्धार के लिए दो करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास
31 नए आईटीआई पीपीपी मॉडल पर चलेंगे : विभिन्न जिलों में स्थापित नए राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में से 31 को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने का लक्ष्य है। वहीं उप्र कौशल विकास मिशन द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-2023 में लगभग 2 लाख युवाओं को पंजीकृत करके प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश के चार राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को मॉडल आईटीआई के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है।

निशुल्क राशन वितरण और गैस सिलिंडर के लिए 6571 करोड़

विधानसभा में बजट प्रस्तुत करने जाते वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना साथ में मुख्यमंत्री
विधानसभा में बजट प्रस्तुत करने जाते वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना साथ में मुख्यमंत्री - फोटो : amar ujala
निशुल्क खाद्यान्न वितरण एवं एलपीजी सिलिंडर वितरण के लिए सरकार ने बजट में 657194.10 लाख रुपये की व्यवस्था की है। ये सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं और इनमें बजट का भरपूर इंतजाम किया गया है। प्रदेश सरकार प्रतिमाह लगभग 15 करोड़ राशन कार्ड धारकों को निशुल्क खाद्यान्न, साबुत चना, आयोडाइज्ड नमक, रिफाइंड सोयाबीन ऑयल आदि का वितरण कर रही है। यह सरकार की बेहद महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसके अलावा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थियों को निशुल्क दो सिलिंडर रिफिल दिए जाते हैं। दोनों ही योजनाओं के लिए सरकार ने बजट में 657194.10 लाख रुपये की व्यवस्था की है। इसी में उपभोक्ता संरक्षण राज्य आयोग कार्यालय परिसर में सोलर पैनल की स्थापना के लिए 41.50 लाख रुपये तथा विधिक माप विज्ञान विभाग में दो वाहनों की खरीद के लिए 18 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।

पीडब्ल्यूडी के बजट में 2204 करोड़ का इजाफा
योगी सरकार ने अपने बजट में सड़कों और पुलों को प्राथमिकता पर रखा है। पीडब्ल्यूडी के लिए 31658 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे नई सड़कों और पुलों के निर्माण के साथ ही पुराने कामों की दशा सुधारने पर जोर दिया गया है। पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले विभाग के बजट में 2204 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। वर्ष 2021-22 में पीडब्ल्यूडी के लिए बजट प्रावधान 29454 करोड़ रुपये का था।

वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में सड़कों और सेतुओं के निर्माण के लिए 18 हजार 561 करोड़ रुपये का प्रावधान है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड की योजनाओं के लिए 700 करोड़ रुपये मिलेंगे। इससे पुराने पुलों की दशा सुधारी जा सकेगी। शहरों में जाम से निपटने के लिए बाईपास, रिंग रोड और फ्लाईओवर के लिए 600 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। वाराणसी में राजघाट पुल से रामनगर तक फोरलेन मॉडल सड़क के लिए 500 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। रेलवे ओवरब्रिज के लिए 1250 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रमुख व अन्य जिला मार्गों के लिए 2600 करोड़ दिए गए हैं। राज्य राजमार्गों (स्टेट हाईवे) के लिए 1600 करोड़ रुपये का प्रावधान है। राज्य सड़क निधि में स्वीकृत सड़कों के निर्माण के लिए सरकार चालू वित्त वर्ष में 3750 करोड़ रुपये देगी। इस तरह से देखा जाए तो पिछले वित्त वर्ष में इन मदों में पीडब्ल्यूडी को 23000 करोड़ रुपये का प्रावधान था, जिसमें इस बार काफी वृद्धि की गई है।

पीएमजीएसवाई की सड़कों के नवीनीकरण पर ध्यान
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पंचवर्षीय अनुरक्षण के बाद नवीनीकरण के लिए 63.15 करोड़ रुपये का प्रावधान है। राज्य राजमार्गों के नए कार्यों के लिए 300 करोड़ रुपये मिलेंगे। सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए 100 करोड़ का बजट है। कृषि उपज की बिक्री की सुविधा के तहत सड़केंबनाने पर 100 करोड़ दिए जाएंगे। नाबार्ड की मदद से आरआईडीएफ योजना के तहत संपर्क मार्र्गों व लघु सेतुओं के निर्माण के लिए 700 करोड़ रुपये का प्रावधान है। विश्व बैंक की सहायता से प्रस्तावित उत्तर प्रदेश कोर रोड नेटवर्क परियोजना के लिए 50 करोड़ दिए गए हैं। पीडब्ल्यूडी में कंप्युटराइजेशन के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था है।

विक्रमादित्य मार्ग पर अतिथि गृह के लिए 12 करोड़
लखनऊ में विक्रमादित्य मार्ग स्थित अतिथि गृह ‘गोमती’ का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए 12 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर ली गई है।
बजट के ये भी आकर्षण
- ग्रामीण सेतुओं के लिए 275.76 करोड़
- नए रेलवे फ्लाईओवर और अंडरपास के लिए 315.16 करोड़
- नाबार्ड पोषित नए सेतुओं के निर्माण के लिए 475 करोड़
- इलाहाबाद हाईकोर्ट में महाधिवक्ता कार्यालय के निर्माण के लिए 3.50 करोड़
- कार्यालय भवनों के पुनरुद्धार के लिए एक करोड़
- जिलों में कार्यालय भवनों के निर्माण के लिए तीन करोड़
- अनावासीय भवनों के लिए पांच करोड़
- शासकीय भवनों के डीपीआर के लिए पांच करोड़
- निरीक्षण भवनों के लिए 25 करोड़
- राजभवन परिसर में भवन निर्माण के लिए चार करोड़ व अधिकारी हॉस्टल के लिए 1.50 करोड़
 

सेहत सुधार के लिए ढांचागत विस्तार

यूपी विधानसभा में बजट सत्र
यूपी विधानसभा में बजट सत्र - फोटो : अमर उजाला
राज्य सरकार ने बजट में कई ऐसे प्रावधान किए हैं जिससे सेहत सुधार के लिए चलाए जा रहे अभियानों को गति मिलेगी। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मद में करीब 19 हजार करोड़ के बजट की व्यवस्था की गई है। इसमें अस्पतालों को संसाधन युक्त बनाने से लेकर नए डॉक्टर तैयार करने के प्रावधान किए गए हैं। हालांकि यह पिछले साल से करीब दो हजार करोड़ कम है। सरकार ने एमबीबीएस और पीजी की सीटें बढ़ाने के लिए 500 करोड़ रुपये का इंतजाम किया है।

बजट में 14 नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण के लिए 2100 करोड़ का इंतजाम किया गया है। ये मेडिकल कॉलेज बिजनौर, कुशीनगर, सुल्तानपुर, गोंडा, ललितपुर, लखीमपुर खीरी, चंदौली, बुलंदशहर, सोनभद्र, पीलीभीत, औरैया, कानपुर देहात, कौशांबी व अमेठी में बनेंगे। इन कॉलेजों के बनने के बाद प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या 59 हो जाएगी।  स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए 50 करोड़ का प्रावधान कर भविष्य की रणनीति बनाई गई है। अयोध्या, बस्ती, बहराइच, फिरोजाबाद और शाहजहांपुर के मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए 10547 करोड़ का प्रावधान कर ग्रामीणों की सेहत पर ध्यान देने की प्रतिबद्धता दोहराई है। सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं की स्थापना के लिए 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

एचपीवी वैक्सीन के लिए 50 करोड़
सरकार ने महिलाओं में बच्चेदानी के कैंसर के इलाज को लेकर गंभीरता दिखाई है। इस कैंसर में लगने वाली एचपीवी वैक्सीन के लिए 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे नौ से 14 साल की करीब एक लाख बालिकाओं का टीकाकरण किया जा सकेगा।

यूनानी पद्धति से होगा शोध
बजट में यूनानी चिकित्सा पद्धति को भी तवज्जो दी गई है। राजकीय तकमील उत्बि कॉलेज एवं चिकित्सालय लखनऊ में महिलाओं के मासिक धर्म की अनियमितता पर शोध किया जाएगा। इसके लिए 11.56 लाख का बजट दिया गया है। इसी कॉलेज में गठिया रोग के लिए 30 लाख का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में 10 यूनानी चिकित्सालयों के निर्माण के लिए एक करोड़ की व्यवस्था की गई है।

स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रमुख घोषणाओं के लिए बजट
- अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विवि लखनऊ के निर्माण कार्य के लिए 100.45 करोड़ रुपये।
- पंडित दीन दयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के लिए 50 करोड़ रुपये।
- असाध्य रोगों की चिकित्सा के लिए 100 करोड़ रुपये।
- गोरखपुर में आयुष विवि के  लिए 113.52 करोड़ रुपये।
- प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत योजना के लिए 620 करोड़।
- आयुष्मान भारत के लिए 500 करोड़ और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए 250 करोड़।
- प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में 320 करोड़।
- आशा कार्यकर्ता एवं शहरी आशा संगिनी को मिलने वाले प्रतिपूर्ति के लिए 300 करोड़।

अटल आवासीय विद्यालयों के लिए 300 करोड़
पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों एवं अनाथ बच्चों के लिए बनाए जा रहे अटल विद्यालयों की स्थापना के लिए बजट में 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन बच्चों को कक्षा छह से 12 तक गुणवत्तापूर्ण निशुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान किए जाने के लिए प्रदेश के सभी 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। इसके लिए सरकार ने 300 करोड़ रुपये बजट में दिए हैं।

कामगार और श्रमिक आयोग का गठन किया
कामगारों और सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए बजट के दौरान उप्र कामगार  और श्रमिक (सेवायोजन और रोजगार) आयोग का गठन करने की घोषणा की गई। आयोग श्रमिकों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य को सुनियोजित ढंग से प्राप्त करने के लिए काम करेगा।
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