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पांच एक्सप्रेस-वे, नए एयरपोर्ट, डिफेंस व इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बदलेंगे सूरत, बजट की खास बातें
Wed, 19 Feb 2020 10:08 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 19 Feb 2020 10:08 AM IST
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up budget
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश सरकार ने मौजूदा बजट में पूर्व घोषित योजनाओं को रफ्तार दी है तो पिछले बजट में छूटे हिस्सों को नई सौगात देकर साधने की कोशिश की है। बजट में एक साथ पांच एक्सप्रेस-वे, दो औद्योगिक कॉरिडोर और दो बड़े एयरपोर्ट के साथ क्षेत्र स्तर पर हवाई पट्टियों के विस्तार की योजनाएं हैं।
इसी तरह छह नए विश्वविद्यालयों व 21 राजकीय मेडिकल कॉलेजों की स्थापना प्रदेश में दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में बड़ी भूमिका अदा करेंगे। सरकार को उम्मीद है कि तीन वर्ष के भीतर घोषित इस तरह के प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को उछाल देने वाले व बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर बढ़ाने वाले साबित होंगे।
बजट की तैयारियों से जुड़े एक अधिकारी बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने बड़े विजन के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परियोजनाओं का खाका तैयार कराया है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पूरब के विकास को गति देगा तो पश्चिम को जोड़ने के लिए प्रयागराज से मेरठ तक गंगा एक्सप्रेस-वे इस बजट में पूरे फोकस के साथ लिया गया है।
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गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे व गाजीपुर-बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे पूर्वांचल में विकास की संभावनाएं बढ़ाएंगे तो बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे इस उपेक्षित क्षेत्र को रफ्तार देगा। औद्योगिक विकास की दृष्टि से पिछड़े पूर्वांचल व बुंदेलखंड क्षेत्र पर भी मुख्यमंत्री ने बराबर ध्यान दिया है। पूर्व के बजट में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर डिफेंस कॉरिडोर के निर्माण का एलान हुआ था।
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इसी तरह छह नए विश्वविद्यालयों व 21 राजकीय मेडिकल कॉलेजों की स्थापना प्रदेश में दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में बड़ी भूमिका अदा करेंगे। सरकार को उम्मीद है कि तीन वर्ष के भीतर घोषित इस तरह के प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को उछाल देने वाले व बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर बढ़ाने वाले साबित होंगे।
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बजट की तैयारियों से जुड़े एक अधिकारी बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने बड़े विजन के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परियोजनाओं का खाका तैयार कराया है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पूरब के विकास को गति देगा तो पश्चिम को जोड़ने के लिए प्रयागराज से मेरठ तक गंगा एक्सप्रेस-वे इस बजट में पूरे फोकस के साथ लिया गया है।
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गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे व गाजीपुर-बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे पूर्वांचल में विकास की संभावनाएं बढ़ाएंगे तो बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे इस उपेक्षित क्षेत्र को रफ्तार देगा। औद्योगिक विकास की दृष्टि से पिछड़े पूर्वांचल व बुंदेलखंड क्षेत्र पर भी मुख्यमंत्री ने बराबर ध्यान दिया है। पूर्व के बजट में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर डिफेंस कॉरिडोर के निर्माण का एलान हुआ था।
इस काम को हाथ में लेने का फायदा ये हुआ कि डिफेंस कॉरिडोर के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्रदेश सरकार को हाल ही में संपन्न डिफेंस एक्सपो में मिल चुके हैं। अब इसी तरह पूर्वांचल के लिए औद्योगीकरण की पहल करते हुए गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की घोषणा कर दी गई है।
यह पहला मौका है जब इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट पर इतना फोकस है। इसी तरह पूर्वांचल में कुशीनगर का अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अपने अंतिम चरण में है तो पश्चिम में गौतमबुद्धनगर का जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट अर्थव्यवस्था को बड़ी ताकत दे सकता है।
मध्य यूपी में अयोध्या में श्रीराम एयरपोर्ट इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने का काम करेगा। इसके अलावा रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम से अलग-अलग क्षेत्र में हवाई सेवाएं शुरू करने की योजना है। एक्सप्रेस-वे व एयर-वे से जुड़े प्रोजेक्ट जैसे-जैसे पूरे होंगे, इनके नतीजे नजर आने लगेंगे। ये काम तय समय में पूरे हों, इसके लिए आवश्यक बजट की पूरी व्यवस्था की जा रही है।
एक्सप्रेस-वे व दो इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए 5,921.92 करोड़ तथा नोएडा में जेवर एयरपोर्ट व अयोध्या में श्रीराम एयरपोर्ट के साथ क्षेत्रीय हवाई सेवाओं के लिए 2600 करोड़ की व्यवस्था की गई है। नई योजनाओं के अलावा फोकस प्राथमिकता वाली पुरानी योजनाओं में कन्या सुमंगला, शबरी संकल्प योजना, मातृ वंदना योजना के लिए भरपूर आवंटन दिया गया है। सरकार चार बजट के जरिए प्रदेश के हर हिस्से तक पहुंच गई है।
यह पहला मौका है जब इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट पर इतना फोकस है। इसी तरह पूर्वांचल में कुशीनगर का अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अपने अंतिम चरण में है तो पश्चिम में गौतमबुद्धनगर का जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट अर्थव्यवस्था को बड़ी ताकत दे सकता है।
मध्य यूपी में अयोध्या में श्रीराम एयरपोर्ट इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने का काम करेगा। इसके अलावा रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम से अलग-अलग क्षेत्र में हवाई सेवाएं शुरू करने की योजना है। एक्सप्रेस-वे व एयर-वे से जुड़े प्रोजेक्ट जैसे-जैसे पूरे होंगे, इनके नतीजे नजर आने लगेंगे। ये काम तय समय में पूरे हों, इसके लिए आवश्यक बजट की पूरी व्यवस्था की जा रही है।
एक्सप्रेस-वे व दो इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए 5,921.92 करोड़ तथा नोएडा में जेवर एयरपोर्ट व अयोध्या में श्रीराम एयरपोर्ट के साथ क्षेत्रीय हवाई सेवाओं के लिए 2600 करोड़ की व्यवस्था की गई है। नई योजनाओं के अलावा फोकस प्राथमिकता वाली पुरानी योजनाओं में कन्या सुमंगला, शबरी संकल्प योजना, मातृ वंदना योजना के लिए भरपूर आवंटन दिया गया है। सरकार चार बजट के जरिए प्रदेश के हर हिस्से तक पहुंच गई है।
पांच एक्सप्रेस-वे पर एक साथ काम
- पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण 1400 करोड़
- बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का निर्माण 750 करोड़
- गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे निर्माण व भूमि क्रय 400 करोड़
- गंगा एक्सप्रेस-वे प्रयागराज से मेरठ 2000 करोड़
- बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि क्रय व निर्माण कार्य 200 करोड़
- बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के समानांतर डिफेंस कॉरिडोर 150 करोड़
- गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के समानांतर औद्योगिक गलियारा 200 करोड़
- आगरा से लखनऊ एक्सप्रेस वे का सुदृढ़ीकरण 160 करोड़
- विभिन्न एक्सप्रेस-वे के लिए पूर्व में लिए गए ऋण व ब्याज भुगतान 961.92 करोड़
ये छह विश्वविद्यालय बन रहे एक साथ
- प्रयागराज में लॉ यूनिवर्सिटी
- गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय
- यूपी पुलिस फोरेंसिक यूनिवर्सिटी
- सहारनपुर राज्य विश्वविद्यालय
- आजमगढ़ राज्य विश्वविद्यालय
- अलीगढ़ राज्य विश्वविद्यालय
इन 21 जिलों में बन रहे नए मेडिकल कॉलेज
एटा, गाजीपुर, देवरिया, प्रतापगढ़, फतेहपुर, मिर्जापुर, सिद्धार्थनगर, हरदोई, बिजनौर, कुशीनगर, सुल्तानपुर, गोंडा, ललितपुर, लखीमपुर खीरी, चंदौली, बुलंदशहर, सोनभद्र, पीलीभीत, औरैया, कानपुर देहात, कौशांबी।
प्रमुख नई योजनाएं
- लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल
- वाराणसी व गोरखपुर में भी मेट्रो
- वाराणसी में सीपेट के वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना
- मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना
- मथुरा में कॉलेज ऑफ डेयरी साइंस
- गोरखपुर व भदोही में पशु चिकित्सा महाविद्यालय
- मुरादाबाद में गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र
- मथुरा में कृष्ण कुटीर आश्रय सदन
- महिलाओं से बलात्कार व पॉक्सो एक्ट से संबंधित वादों के निस्तारण के लिए नए न्यायालयों की स्थापना।
- लखनऊ के दारुलशफा में विधायकों के लिए श्रेणी-5 के 40 आवास व एक 10 मंजिला बहुखंडीय भवन का निर्माण।
- मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना
- मुख्यमंत्री युवा उद्यमिता विकास अभियान
- एक सैनिक स्कूल की स्थापना
- दिव्यांग दंपतियों के लिए अनुदान की पालनहार योजना
- राजभवन लखनऊ में पंचतंत्र वन
- बुंदेलखंड व पूर्वांचल में मूक-बधिर बच्चों के लिए एक-एक संकेत जूनियर हाईस्कूल
- झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना
- अयोध्या में तुलसी स्मारक भवन