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यूपी: विधानसभा में बेसिक शिक्षा मंत्री का एलान, प्रदेश में कोई भी स्कूल बंद नहीं कर रही है सरकार

Tue, 12 Aug 2025 07:12 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Tue, 12 Aug 2025 07:12 PM IST
सार

UP Primary School: यूपी में परिषदीय स्कूलों के विलय की बातों के बीच  बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार कोई भी स्कूल बंद नहीं कर रही है।

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UP: Basic Education Minister's announcement in the Assembly, the government is not closing any school in the
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह। फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार कोई भी स्कूल बंद नहीं कर रही है। जिन स्कूलों का विलय किया गया है, उनका यू-डायस कोड बरकरार रहेगा। नई शिक्षा नीति में कक्षा एक में दाखिले के लिए छह वर्ष की आयु निर्धारित की गई है, लिहाजा विलय के दायरे में आए स्कूलों में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के सहयोग से प्ले ग्रुप खो जा रहे हैं। इससे कक्षा एक में जाने से पहले बच्चों को लिखना-पढ़ना सिखाया जा सकेगा।

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बेसिक शिक्षा मंत्री प्रश्नकाल में सपा सदस्य पंकज पटेल, अनिल प्रधान और प्रभु नारायण सिंह द्वारा छात्र-शिक्षक अनुपात को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 50 बच्चों की संख्या वाले स्कूलों में 2 शिक्षक और एक शिक्षा मित्र तैनात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने विलय व्यवस्था का राजनीतिकरण कर लोगों को गुमराह किया है, जबकि सच्चाई यह है कि सरकार ने शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए हैं। वर्तमान में परिषदीय विद्यालयों में कुल नामांकित छात्रों की संख्या लगभग 1.48 करोड़ से अधिक है। 
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परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की कुल संख्या 6.28 लाख से अधिक है। प्राथमिक विद्यालयों में 1,04,93389 बच्चे नामांकित हैं। इनको शिक्षा देने के लिए 3,38,590 शिक्षक और 1,43,450 शिक्षा मित्र नियुक्त हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 43,01,483 बच्चों को पढ़ाने के लिए 1,20,860 शिक्षक और 25,223 अनुदेशक तैनात हैं। प्राथमिक शिक्षा में 30:1 और उच्च प्राथमिक शिक्षा में 35:1 का अनुपात का अनुपालन हो रहा है। 
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उन्होंने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि 2017 से 2025 तक सरकार ने जितना काम किया, उतना किसी भी पूर्ववर्ती सरकार ने नहीं किया। इस वर्ष 27 लाख से अधिक बच्चों का नामांकन हुआ है। सपा सरकार के समय 3.45 करोड़ बच्चे शिक्षा से दूर थे, जबकि मौजूदा सरकार ने अभियान चलाकर बच्चों को घर से निकालकर स्कूल तक पहुंचाने का कार्य किया है। शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए मॉडल कंपोजिट विद्यालय बनाए जा रहे हैं। 30 करोड़ की लागत से प्रत्येक विद्यालय का निर्माण होगा और हर जिले में दो विद्यालय बनेंगे। योगी सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को ऊंचाई तक ले जाने के लिए संकल्पित है।

50 से कम संख्या वाले स्कूलों का ही विलय

मंत्री ने बताया कि 1 किमी के दायरे और 50 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों का ही विलय किया गया है। विलय हुए स्कूलों को संसाधनयुक्त विद्यालयों में समाहित किया गया है, ताकि बच्चों को बेहतर सुविधा और निकटतम स्कूल की पहुंच मिले। अब तक 3000 से अधिक विद्यालय आईसीडीएस के साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं और इनके लिए 19,484 एसीसीई की संविदा पर नियुक्ति की जा चुकी है।
 
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