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यूपी बेसिक शिक्षा विभाग: ट्रांसफर और आदेशों में उलझकर रह गए शिक्षक, मेडिकल की सुविधाएं भी अधर में

Mon, 04 Sep 2023 07:28 PM IST
रोहित मिश्र अक्षय कुमार, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अक्षय कुमार, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 04 Sep 2023 07:28 PM IST
सार

बेसिक के विद्यालयों में शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया फरवरी 2022 में शुरू हुई थी। अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। एक दशक बाद हो रही पदोन्नति प्रक्रिया से शिक्षकों को पहले काफी उम्मीद थी।

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UP Basic Education Department: teachers stuck in transfer and orders
कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं प्राइमरी टीचर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

प्रदेश में हर विद्यालय को निपुण यानी सुव्यवस्थित बनाने की कवायद चल रही है, लेकिन हो उल्टा रहा है। चाहे दस साल बाद शुरू हुई पदोन्नति प्रक्रिया हो, एक दशक बाद हो रहे तबादले या फिर मेडिकल सुविधा। सब अधर में। अगस्त में कई बार विभिन्न जिलों से आए शिक्षकों ने लखनऊ में धरना दिया और सीएम आवास का घेराव की कोशिश की। इन सब वजहों से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इतना ही नहीं कुछ जिलों में एकल शिक्षक वाले विद्यालय भी बंद हो गए हैं।

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बेसिक के विद्यालयों में शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया फरवरी 2022 में शुरू हुई थी। अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। एक दशक बाद हो रही पदोन्नति प्रक्रिया से शिक्षकों को पहले काफी उम्मीद थी, लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। हाल में शिक्षकों ने इस मामले में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक व महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद से मिलकर अपनी बात रखी है। इसी तरह लंबी कवायद के बाद विभाग ने जून अंत में 16614 शिक्षकों का एक से दूसरे जिले तबादला किया। तबादला पाए काफी शिक्षकों को कार्यमुक्त करने से रोक दिया गया। इसमें सामान्य शिक्षक ही नहीं कैंसर व अन्य गंभीर बीमारी से प्रभावित शिक्षक भी शामिल हैं। कार्यमुक्त करने के लिए आए दिन शिक्षक लखनऊ में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
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समस्या यहीं नहीं खत्म हुई। तबादला पाए जो शिक्षक कार्यमुक्त हो गए, उन्हें अब तक विद्यालय का आवंटन नहीं हुआ है। विद्यालय का आवंटन न होने से और पुराने शिक्षकों के कार्यमुक्त हो जाने से एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में महीनों से पठन-पाठन ठप है। कुछ जगहों पर वैकल्पिक व्यवस्था की गई, किंतु वह प्रभावी नहीं हो पा रही है। वहीं तबादला पाए शिक्षकों की आवश्यक प्रक्रिया न पूरी होने से उनका दो महीने से वेतन नहीं जारी हुआ। ऐसे में उनके सामने परिवार का खर्च चलाने में दिक्कत आ रही है। हाल में शिक्षकों ने इसके लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा से मिलकर पीड़ा बताई थी। इन सबके साथ ही एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले व जिले के अंदर परस्पर तबादले की लाइन में भी सैकड़ों शिक्षक हैं, क्योंकि एक से दूसरे जिले के तबादले में उन्हें लाभ नहीं मिला। लेकिन विभाग में इन प्रक्रियाओं की गाड़ी हिचकोले खाते हुए चल रही है। ऐसे में शिक्षक मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। वहीं, स्कूलों में इससे पठन-पाठन भी प्रभावित हो रहा है।

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एक नंबर के लिए अभ्यर्थी 25 दिन से धरने पर

UP Basic Education Department: teachers stuck in transfer and orders
शिक्षक अलग-अलग मुद्दों पर धरना देते रहते हैं। - फोटो : अमर उजाला
प्राथमिक विद्यालयों में तैनाती पाए शिक्षक ही नहीं यहां तैनाती के लिए प्रयास कर रहे भावी शिक्षक भी परेशान हैं। 69000 शिक्षक भर्ती में एक नंबर से नियुक्ति पाने से वंचित लगभग 1200 अभ्यर्थी ईको गार्डन में 25 दिन से धरना दे रहे हैं। इनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने दस माह पहले नौ नवंबर 2022 को एक अंक बढ़ाने के लिए निर्देश दिए थे। परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने भी इसके लिए अर्ह अभ्यर्थियों की सूची बेसिक शिक्षा विभाग को भेज दी है। लेकिन विभाग इस पर कार्यवाही नहीं कर रहा है। ऐसे में वे नियुक्ति के लिए भटक रहे हैं।

69000 शिक्षक भर्ती का आरक्षण मामला कोर्ट में

69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण का मामला काफी दिनों से हाईकोर्ट में चल रहा है। इसमें न्याय की उम्मीद लगाए भावी शिक्षक भी परेशान हैं। विभाग यहां भी अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रहा है। वहीं, हाल में हुए एक से दूसरे जिले में तबादला पाए 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों की सांसे भी अटकी हैं। पहले तो विभाग ने उन्हें कार्यमुक्त करने से रोक दिया, विरोध-प्रदर्शन के बाद उन्हें कार्यमुक्त करने का निर्णय लिया है। किंतु अभी उनका अलग से डाटा तैयार किया जा रहा है।

साढ़े चार लाख से ज्यादा शिक्षक 

- प्रदेश में 1.36 लाख स्कूल
- लगभग 4.53 लाख शिक्षक
- लगभग 1.91 करोड़ बच्चे

सबके अपने-अपने बयान 

UP Basic Education Department: teachers stuck in transfer and orders
सभी प्रक्रियाएं अधर में होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। - फोटो : सोशल मीडिया
शिक्षकों की एक भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही है। इसे लेकर विभाग की नीयत भी साफ नहीं है। ऐसे में शिक्षक परेशान हैं। अगर शिक्षक परेशान रहेंगे तो इसका असर पठन-पाठन पर पड़ेगा। विभाग में एक भी योजना पूरी नहीं होती और दूसरी लाद दी जाती है। बेसिक के स्कूल और यहां के शिक्षक एक प्रयोगशाला बनकर रह गए हैं। - वीरेंद्र मिश्रा, प्रदेश प्रवक्ता, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ यूपी

जमीनी हकीकत से विभाग अनजान

विभाग की शिक्षकों को लाभ देने की इच्छा शक्ति या इरादा ही नहीं है। पदोन्नति किए बिना पहले शिक्षकों का तबादला किया और अब वापस कर रहे हैं। स्थानांतरित शिक्षक दो महीने से बीएसए के यहां उपस्थिति लगा रहे हैं और स्कूल बंद हैं। विभाग आदेश तो निकालता है, लेकिन उसकी जमीनी हकीकत नहीं समझता है। शिक्षकों, शिक्षक प्रतिनिधियों से वार्ता न करके निर्णय लिए जाते हैं। - सुधांशु मोहन, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ

इसी सप्ताह शुरू होगी स्कूल आवंटन प्रक्रिया

शिक्षकों से जुड़ी सभी प्रक्रिया को पूरी करने के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर इसे निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल आवंटन की प्रक्रिया इसी सप्ताह शुरू हो जाएगी और इसके साथ ही वेतन भी जारी करने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। एक से दूसरे जिले में परस्पर तबादले के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं, इसके लिए भी जल्द निर्णय लिया जाएगा। शिक्षकों की संख्या और डाटा काफी बड़ा होने के कारण थोड़ा समय लग रहा है। सभी प्रक्रिया को जल्दी से पूरा कर पठन-पाठन सामान्य किया जाएगा। - विजय किरन आनंद, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

शिक्षकों को नहीं होने देंगे कोई दिक्कत : संदीप

एक से दूसरे जिले में तबादला पाए शिक्षको के स्कूल आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जल्द स्कूल आवंटन हो जाएगा। शिक्षकों के रुके वेतन भी जल्द जारी करवाएंगे। एकल स्कूलों में तबादले से अगर दिक्कत है तो इसे दिखवाएंगे। पदोन्नति की प्रक्रिया भी जल्द पूरी कराई जाएगी। जिले के अंदर परस्पर तबादले के आवेदन ले लिए गए हैं, लेकिन बीच सत्र तबादले से पढ़ाई प्रभावित होगी इसलिए इसे आगे छुट्टी में किया जाएगा। शिक्षकों को कोई दिक्कत नहीं होने देंगे। उन्हें पठन-पाठन के लिए बेहतर माहौल व सुविधाएं देंगे। - संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
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