{"_id":"64605c8e05a319450c09f679","slug":"up-assembly-by-election-bjp-alliance-strategy-worked-against-sp-many-messages-emerged-from-victory-2023-05-14","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी विधानसभा उप चुनाव: सपा के मुकाबले कारगर रही BJP गठबंधन की रणनीति, स्वार व छानबे में जीत से निकले कई संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी विधानसभा उप चुनाव: सपा के मुकाबले कारगर रही BJP गठबंधन की रणनीति, स्वार व छानबे में जीत से निकले कई संदेश
Sun, 14 May 2023 09:30 AM IST
शाहरुख खान
सुधीर कुमार सिंह, अमर उजाला, लखनऊ
सुधीर कुमार सिंह, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 14 May 2023 09:30 AM IST
सार
आजम का अभेद्य किला माने जाने वाले रामपुर में सपा की लगातार हार को प्रदेश के बदलते सियासत के लिए एक बड़ा संदेश भी माना जा सकता है। इससे पहले सपा रामपुर लोकसभा उप चुनाव भी हार चुकी है। वहीं, स्वार सीट पर जीत ने भाजपा के मुस्लिम विरोधी होने के आरोपों को खारिज किया है।
विज्ञापन
अपना दल एस की रिंकी कोल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उपचुनाव में स्वार और छानबे विधानसभा सीटों पर अपना दल (एस) की जीत ने जहां भाजपा से संबंधों को और मजबूत किया है, वहीं रामपुर में आजम खां के गढ़ वाली स्वार सीट पर सपा की हार ने पार्टी को आइना भी दिखाया है। यहां से हिंदू उम्मीदवार उतारना सपा की रणनीतिक चूक साबित हुई। देखा जाए तो सपा के मुकाबले भाजपा गठबंधन की रणनीति ज्यादा कारगर रही।
हालांकि मिर्जापुर की छानबे सीट पर अपना दल की उम्मीदवार रिंकी कोल की जीत को सहानुभूति की लहर का नतीजा माना जा रहा है। स्वार सीट भाजपा ने अपना दल (एस) को देकर और मुस्लिम उम्मीदवार उतारकर सपा के लिए कड़ी चुनौती पेश की। वहीं, सपा ने रणनीति बदलते हुए यहां से हिंदू उम्मीदवार को मैदान में उतारा। लेकिन असफल रही।
आजम का अभेद्य किला माने जाने वाले रामपुर में सपा की लगातार हार को प्रदेश के बदलते सियासत के लिए एक बड़ा संदेश भी माना जा सकता है। इससे पहले सपा रामपुर लोकसभा उप चुनाव भी हार चुकी है। वहीं, स्वार सीट पर जीत ने भाजपा के मुस्लिम विरोधी होने के आरोपों को खारिज किया है।
विज्ञापन
स्वार में भले ही अपना दल (एस) का उम्मीदवार मैदान में था, लेकिन रणनीति भाजपा की थी। अनुप्रिया पटेल और आशीष पटेल के साथ ही भाजपा ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना को कमान सौंपी थी। वही, सीएम योगी ने भी रामपुर में चुनावी सभा करके वहां की जनता को संप्रदायवाद व जातिवाद के स्थान पर विकासवाद की सोच रखने का संदेश दिया था।
विज्ञापन
हालांकि मिर्जापुर की छानबे सीट पर अपना दल की उम्मीदवार रिंकी कोल की जीत को सहानुभूति की लहर का नतीजा माना जा रहा है। स्वार सीट भाजपा ने अपना दल (एस) को देकर और मुस्लिम उम्मीदवार उतारकर सपा के लिए कड़ी चुनौती पेश की। वहीं, सपा ने रणनीति बदलते हुए यहां से हिंदू उम्मीदवार को मैदान में उतारा। लेकिन असफल रही।
विज्ञापन
आजम का अभेद्य किला माने जाने वाले रामपुर में सपा की लगातार हार को प्रदेश के बदलते सियासत के लिए एक बड़ा संदेश भी माना जा सकता है। इससे पहले सपा रामपुर लोकसभा उप चुनाव भी हार चुकी है। वहीं, स्वार सीट पर जीत ने भाजपा के मुस्लिम विरोधी होने के आरोपों को खारिज किया है।
विज्ञापन
स्वार में भले ही अपना दल (एस) का उम्मीदवार मैदान में था, लेकिन रणनीति भाजपा की थी। अनुप्रिया पटेल और आशीष पटेल के साथ ही भाजपा ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना को कमान सौंपी थी। वही, सीएम योगी ने भी रामपुर में चुनावी सभा करके वहां की जनता को संप्रदायवाद व जातिवाद के स्थान पर विकासवाद की सोच रखने का संदेश दिया था।
लोस चुनाव के लिए भी बड़ा संदेश है परिणाम
स्वार में सपा की हार को आगामी लोकसभा चुनाव के लिए बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है मुस्लिम सीधे तौर पर भाजपा के साथ खड़ा दिखने में भले ही हिचक रहा हो, पर गठबंधन में शामिल दलों के जरिए वह नए प्रयोग के लिए तैयार है।
अगर यह सही है तो लोकसभा चुनाव में भी इसका असर दिखेगा। दोनों सीटों पर मिली जीत से भाजपा और अपना दल (एस) के सियासी रिश्ते और मजबूत होंगे। वहीं, यह भी माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में अपना दल भाजपा के सीटों को लेकर दावेदारी भी बढ़ाएगा।
अपना दल को आधे से अधिक वोट
स्वार सीट पर हुए उपचुनाव के परिणाम भी मतदाताओं के नजरिए में आ रहे बदलाव का संकेत हैं। यहां अपना दल के उम्मीदवार शफीक अहमद अंसारी को 50.81 फीसदी मत मिले हैं, जो 2022 के विधानसभा चुनाव की तुलना में 20.29 प्रतिशत अधिक हैं।
2022 में अपना दल को मात्र 30.52 फीसदी ही वोट मिले थे। सपा उम्मीदवार अनुराधा चौहान को 44.35 फीसदी वोट मिले हैं, जो पिछली बार की तुलना में करीब 14.84 फीसदी कम है।