यूपी: लंबी चुप्पी के बाद बोलीं अपर्णा, नाराजगी को लेकर दी सफाई, कहा- परिवार में बात रखना नाराज होना नहीं
Aparna Yadav: सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव ने बुधवार को उप्र राज्य महिला आयोग के उपाध्यक्ष पद पर कार्यभार संभाल लिया है। इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लग रहे थे।
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कद के मुताबिक पद नहीं मिलने को लेकर नाराजगी की चर्चाओं के बीच भाजपा नेत्री और सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव ने बुधवार को उप्र राज्य महिला आयोग के उपाध्यक्ष पद पर कार्यभार संभाल लिया है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की पत्नी के साथ आयोग पहुंची अपर्णा ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से बातचीत में अपनी नाराजगी की चर्चाओं पर सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि मैं नाराज नहीं हूं। संगठन और सरकार ने मुझे बड़ी जिम्मेदारी दी है। कार्यभार में हुई देरी पर अपर्णा ने कहा कि वह सही समय की प्रतीक्षा कर रही थी, आज राधाष्टमी है, इसलिए उन्होंने आज के दिन ही कार्यभार ग्रहण करने का फैसला किया था।
बता दें कि सरकार ने 3 सितंबर को ही राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष और अपर्णा समेत दो उपाध्यक्षों को नियुक्त किया था। अध्यक्ष बबीता चौहना और दूसरी उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने कार्यभार ग्रहण कर लिया था, लेकिन अपर्णा ने पद नहीं संभाला तो उनकी नाराजगी की चर्चाएं शुरू हो गई थी। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए अपर्णा ने खुद की नाराजगी की चर्चाओं को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ अपनी कुछ बातों को रखी थी। परिवार में अपनी बात कहने को नराजगी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने भाजपा को बड़ा परिवार बताते हुए कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी है। पहले मैं एकलव्य की तरह अपने कार्यों में जुटी थी, अब संगठन के शीर्ष सदस्यों के मार्गदर्शन के बाद मैं अर्जुन की तरह अपने लक्ष्य को प्राप्त करूंगी।
अपर्णा ने कहा कि राज्य महिला आयोग एक बड़ा प्लेटफार्म है। इसके जरिए हम महिलाओं पर होने वाले अपराधिक मामलों में न्याय दिलाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हमने पहले भी महिलाओं के लिए तमाम काम किया है। एंटी रेप कानून पर भी काम किया। सड़कों पर महिलाओं के हक के लिए लड़ी हूं और उनकी आवाज उठाई है। वहीं, अपर्णा के साथ आई नम्रता पाठक ने कहा कि उपाध्यक्ष पद छोटा पद नहीं है। महिलाओं के लिए काम करने का संकल्प बड़ा होता है।
अपराधी को कोई जाति नहीं होती
मंगेश यादव के एनकाउंटर से जुड़े सवाल पर अपर्णा ने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती है। आतंकियों में सबसे अधिक मुसलमानों का नाम आता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि सभी मुसलमानों को आतंकी मान लिया जाए। उन्होंने कहा कि मंगेश यादव के एनकाउंटर की जांच होनी चाहिए और सरकार जांच करा भी रही है। पुलिस कोई कार्रवाई करती है तो उसकी पूरी छानबीन कर लेती है। यदि आरोप लगते हैं तो मामले की जांच होनी चाहिए।
सपा अध्यक्ष ने भी दी थी बधाई
उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद शिवपाल यादव की ओर से बधाई दिए जाने के बारे में अपर्णा ने कहा कि परिवार की सदस्य हूं तो बधाई तो मिलेगी है। मैं परिवार की हूं और रहूंगी। भाजपा में शामिल होने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मुझे बधाई दी थी। जो परिवार का संस्कार है, उसका पालन तो होना ही चाहिए।