UP: राजधानी में शहीद पथ पर 23 किमी लंबी फोर लेन एलिवेटेड रोड बनेगी, राजनाथ सिंह ने गडकरी को भेजा प्रस्ताव
राजधानी में यातायात दबाव कम करने के लिए शहीद पथ के ऊपर लगभग 23 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। परियोजना से एयरपोर्ट से कमता तक सिग्नल मुक्त यात्रा संभव होगी। इससे लाखों लोगों को जाम से राहत मिलेगी और शहर की परिवहन व्यवस्था अधिक सुगम बनेगी।
विस्तार
शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए एक बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीद पथ के ऊपर करीब 22-23 किलोमीटर लंबी फोर लेन एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को भेजा है। यह परियोजना कानपुर रोड स्थित अमौसी एयरपोर्ट से अयोध्या रोड पर कमता चौराहा तक सिग्नल फ्री सफर सुनिश्चित करेगी। एनएचएआई और एलडीए ने इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर काम तेज कर दिया है।
बुधवार को इस प्रोजेक्ट को लेकर सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी और एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार के साथ बैठक भी की। इसके बनने से करीब 10 लाख की आबादी को फायदा होगा सांसद प्रतिनिधि ने बताया कि शहीद पथ वर्तमान में शहर की लाइफलाइन बना हुआ है। इस पर भविष्य में भी वाहनों का दबाव निरंतर बढ़ता रहेगा, इसके दृष्टिगत एलीवेटेड कॉरिडोर यथाशीघ्र बनवाया जाना अति आवश्यक है।
साथ ही इसकी डिजाइन में विशेष ध्यान रखा जाए कि हाईकोर्ट के समीप कमता चौराहे इन्टरसेक्शन पर क्वलॉवर लीफ के माध्यम से ट्रैफिक संचालन का प्राविधान हो क्योंकि इस स्थान पर निरंतर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है।
सीतापुर हाईवे पर भिटौली क्रासिंग के ऊपर निर्मित फ्लाईओवर के लोकार्पण समारोह में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने स्वयं भी चिंता व्यक्त की थी कि शहीद पथ पर प्रायः जाम और दुर्घटनाओं की सूचना प्राप्त होती रहती है और इसके निराकरण हेतु शहीद पथ के ऊपर एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जाने की आवश्यकता है।
इसको देखते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भूतल परिवहन मंत्री से अनुरोध किया गया है कि शहीद पथ की चौड़ाई के विस्तार की आवश्यकता है मगर दोनों ओर सड़क पट्टी (कॉरिडोर) उपलब्ध न होने के कारण इसे चौड़ा किया जाना संभव नहीं हो पा रहा है। इन परिस्थितियों में इसके ऊपर एलिवेटेड कॉरिडोर की फिजिबिलिटी का परीक्षण कराकर निर्माण कराया जाय जिससे कि आवागमन सुगम और सुरक्षित हो सके।
यह होगा फायदा
सांसद प्रतिनधि ने कहा कि एलिवेटेड सड़क के बनने से इकाना स्टेडियम, सुल्तानपुर सड़क और लुलु मॉल जाने वाले हजारों वाहनों को शहर के यातायात जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। क्रिकेट मैच के दिनों और सप्ताहांत पर लगने वाले भीषण जाम से स्थायी राहत मिलेगी।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि यह सड़क अमौसी एयरपोर्ट से कमता चौराहा तक का सफर पूरी तरह सिग्नल रहित बना देगी। यह दो मंजिला मॉडल रोड बनेगी और निर्माण के दौरान नीचे शहीद पथ का यातायात प्रभावित नहीं होगा।
इसलिए जरूरी है एलिवेटेड कॉरिडोर
सांसद प्रतिनिधि ने बताया कि साल 1981 के मास्टर प्लान में करीब 24 किमी लंबे लिंक रोड निर्माण के लिए मात्र फोर लेन का कॉरिडोर नियत किया गया था उसी पर शहीद पथ का निर्माण हुआ और यह इसके बनते बनते दोनों ओर आवासीय एवं व्यावसायिक गतिविधियां अत्यधिक तेजी से विकसित हुईं, जिससे एक नए लखनऊ शहर का विकास हुआ। पास जनपदों से लोग माइग्रेट होकर लखनऊ में बस गये।
वर्तमान में नगर की आबादी लगभग 45 लाख और आरटीओ में पंजीकृत वाहनों की संख्या 29 लाख हो गई है। जबकि शहीद पथ की घोषणा के समय वर्ष 2001 की जनगणना में आबादी मात्र लगभग 22 लाख थी और आरटीओ में पंजीकृत वाहनों की संख्या लगभग पांच लाख थी।