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उन्नाव कांड: वेंटिलेटर हटाते ही बिगड़ी पीड़िता की हालत, मेडिकल बोर्ड ने दी दिल्ली एयरलिफ्ट की सहमति

Fri, 02 Aug 2019 12:39 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 02 Aug 2019 12:39 AM IST
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Unnao rape case victim condition becomes critical after removing ventilator.
फाइल फोटो

केजीएमयू के चिकित्सकों ने गुरुवार को ट्रॉमा में भर्ती उन्नाव की रेप पीड़िता व उसके वकील को वेंटिलेटर से हटाकर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखकर जांच की, लेकिन कुछ ही मिनट में दोनों की हालत बिगड़ने लगी। चिकित्सकों ने दो बार यह परीक्षण किया, पर सांसें उखड़ने पर दोनों को फिर से वेंटिलेटर पर रखना पड़ा।

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इस बीच सुप्रीम कोर्ट द्वारा रेप पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट तलब करने व चिकित्सकों से उसे एयरलिफ्ट कराने और उसका उपचार केजीएमयू में संभव है या नहीं? के बारे में पूछताछ के बाद गठित मेडिकल बोर्ड ने पीड़िता को दिल्ली एयरलिफ्ट करने की सहमति दे दी है।
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केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि रेप पीड़िता और उसके अधिवक्ता की हालत स्थिर है। दोनों बिना वेंटिलेटर के रह सकते हैं या नहीं? इसकी जांच के लिए दोपहर में वेंटिलेटर हटाया गया था। लेकिन कुछ मिनट बाद ही दोनों की हालत बिगड़ने लगी तो उन्हें फिर वेंटिलेटर सपोर्ट दिया गया। कुछ देर बाद फिर वेंटिलेटर हटाकर परीक्षण किया गया, लेकिन इस बार भी वही हालात रहे।

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केजीएमयू में भी किया जा सकता है रेप पीड़िता का इलाज

Unnao rape case victim condition becomes critical after removing ventilator.
उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार इसी ट्रक में भिड़ी थी - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने कहा कि आज फिर पीड़िता व उसके वकील को वेंटिलेटर से हटाकर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखकर देखा जाएगा। उधर, सुप्रीम कोर्ट के सवाल-जवाब के बाद गठित छह सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने दिल्ली एयरलिफ्ट करने की सहमति देते हुए कहा है कि रेप पीड़िता का उपचार केजीएमयू में ही किया जा सकता है।

फिलहाल केजीएमयू प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट को दोनों सवालों के जवाब और पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट भेज दी है। मेडिकल बोर्ड में ट्रॉमा सर्जरी व ट्रॉमा वेंटिलेटर यूनिट के डॉक्टर, ट्रॉमा सेंटर प्रभारी, ट्रॉमा सेंटर एमएस व केजीएमयू सीएमएस शामिल हैं।

सवालों से बचते रहे डिप्टी सीएम

Unnao rape case victim condition becomes critical after removing ventilator.
डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा - फोटो : amar ujala

केजीएमयू में हुए कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा रेप पीड़िता को लेकर पूछे सवाल पर बचते रहे। कहा, कि पीड़िता को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई गई है। सीबीआई जांच की बात उठी तो उसे भी मान लिया गया है।

डॉ. शर्मा से जब यह पूछा गया कि भाजपा कह रही है कि सेंगर को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है, जबकि ऐसा कोई प्रमाण नहीं है। इस पर उन्होंने कहा कि मैं आपसे बहस नहीं कर रहा हूं। पार्टी अध्यक्ष ही पार्टी का प्रमाण है।

राज्य महिला आयोग ने पीड़िता का लिया हाल

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विमला बाथम व सदस्य सुनीता बंसल ने बृहस्पतिवार को केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में पीड़िता और उसके परिवारीजनों का हाल जाना। आयोग ने चिकित्सकों से इलाज में किसी तरह की कोताही न बरतने के निर्देेश दिए हैं। आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि वेंटीलेटर यूनिट इंचार्ज डॉ. जीपी सिंह और सीएमएस ट्रॉमा सेंटर डॉ. यूबी मिश्रा से मुलाकात कर पीड़िता और उसके परिवारीजनों का हाल जाना।

परिवारीजनों ने बताया कि पीड़िता की हालत स्थिर है। फिलहाल स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार न आने की बात कही है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को मुआवजा आदि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घायलों के परिवारीजनों को आश्वस्त किया कि आयोग उनकी हर तरह की मदद करेगा। इसके पहले 29 जुलाई को आयोग की तीन सदस्यीय टीम ट्रॉमा सेंटर गई थी।

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