{"_id":"5d375a4f8ebc3e6cd05ab97e","slug":"unmarried-daughters-to-get-same-right-in-property-as-son-up-govt-will-bring-law","type":"story","status":"publish","title_hn":"अविवाहित बेटियों को उत्तराधिकार में हर स्तर पर बेटों के समान हक देने को बनेगा कानून","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अविवाहित बेटियों को उत्तराधिकार में हर स्तर पर बेटों के समान हक देने को बनेगा कानून
Wed, 24 Jul 2019 01:46 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Wed, 24 Jul 2019 01:46 AM IST
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को प्रदेश कैबिनेट की बैठक में राजस्व संहिता संशोधन अध्यादेश-2019 को राज्य संहिता संशोधन विधेयक-2019 के रूप में पारित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसमें अविवाहित बेटियों को संपत्ति के उत्तराधिकार में परिवार के हर स्तर पर बेटे के बराबर स्थान देने का प्रावधान भी शामिल है।
इसके अंतर्गत राजस्व संहिता में समय-समय पर किए गए संशोधनों को एक साथ कानून का हिस्सा बनाए जाने के लिए अध्यादेश लाया गया था। अलग-अलग कैबिनेट के निर्णयों से ये संशोधन पहले ही लागू हो चुके हैं। अब इसे विधेयक के जरिये कानून का हिस्सा बनाने की तैयारी है।
इसमें प्रशासनिक व्यवस्था के लिए समय-समय पर लिए गए निर्णय भी शामिल हैं। कैबिनेट ने राजस्व संहिता की धारा 24, 38, 66, 69, 72, 77, 80, 81, 89, 94, 95, 96, 97, 103, 104, 105, 108, 110 व 210 में किए गए संशोधनों को विधेयक के रूप में राज्य विधानमंडल में पेश करने की अनुमति दे दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके अंतर्गत राजस्व संहिता में समय-समय पर किए गए संशोधनों को एक साथ कानून का हिस्सा बनाए जाने के लिए अध्यादेश लाया गया था। अलग-अलग कैबिनेट के निर्णयों से ये संशोधन पहले ही लागू हो चुके हैं। अब इसे विधेयक के जरिये कानून का हिस्सा बनाने की तैयारी है।
विज्ञापन
इसमें प्रशासनिक व्यवस्था के लिए समय-समय पर लिए गए निर्णय भी शामिल हैं। कैबिनेट ने राजस्व संहिता की धारा 24, 38, 66, 69, 72, 77, 80, 81, 89, 94, 95, 96, 97, 103, 104, 105, 108, 110 व 210 में किए गए संशोधनों को विधेयक के रूप में राज्य विधानमंडल में पेश करने की अनुमति दे दी है।
विज्ञापन