पोषण माह के लिए सरकारी तंत्र का बेहतर इस्तेमाल करें : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पोषण माह के लिए सरकारी तंत्र का बेहतर उपयोग किया जाए। हर बात का हल संविदा और आउटसोर्सिंग नियुक्ति में न देखें। आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के साथ ही हमें बेहतर काम करना होगा। परफॉर्मेंस बेस्ड भुगतान शुरू होने से आधी समस्या सुलझ गई हैं। काम का स्तर भी बेहतर हुआ है। सीएम शनिवार को केंद्रीय महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी के साथ हुई बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने सरकारी एजेंसियों को स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े आंकड़े नीति आयोग को ठीक से भेजने की हिदायत दी। कहा, सही आंकड़े नहीं मिलने से प्रदेश की रेटिंग खराब हो रही है। सीएम ने महिला सुरक्षा को लेकर जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने और अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 60 फीसदी संस्थागत प्रसव होते हैं। इससे पता चलता है कि महिलाएं सरकारी अस्पतालों या फिर स्वास्थ्य केंद्र जाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जननी सुरक्षा योजना और मातृ वंदना योजना को आधार कार्ड से जोड़ने की तैयारी है। आयुष्मान भारत के गोल्डन कार्ड का लाभ महिलाओं को भी दिलाने के निर्देश दिए।
आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाओं पर दें ध्यान : स्मृति
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने यूपी में पोषण अभियान की जानकारी ली और केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि पोषण योजनाएं आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए प्रभावी तरीके से संचालित होती हैं, इसलिए यहां पेयजल व्यवस्था और टॉयलेट की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। अति कुपोषित बच्चों को उचित पुष्टाहार दिया जाए। इसके लिए उन्होंने कैलेंडर बनाने के निर्देश दिए। इसकी जानकारी जनप्रतिनिधियों से भी साझा की जाए।