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Lucknow: युवाओं ने दूर की पशुपालकों की समस्याएं, मोबाइल एप से घर बैठे मिलती है पशु चिकित्सक की सलाह

Sun, 12 Feb 2023 11:29 AM IST
नवीन दलाल अतुल भारद्वाज, अमर उजाला, लखनऊ
अतुल भारद्वाज, अमर उजाला, लखनऊ Published by: नवीन दलाल Updated Sun, 12 Feb 2023 11:29 AM IST
सार

सुल्लतानपुर के दो युवाओं ने अपने स्टार्टअप से पशुपालकों के लिए राहत का कार्य किया है। जिसके माध्यम से पशुपालकों को घर बैठे ही पशुओं की बीमारी के लिए चिकित्सक की सलाह मिली है। वहीं इसी मोबाइल एप से पौष्टिक चारे व पशुओं की दवाएं भी खरीदी जा सकती है।

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Two youths of Sultanpur solved problems of cattle rearers through mobile app
आगोश बरनवाल - फोटो : amar ujala

विस्तार

शहरी या ग्रामीण, दोनों ही जगह पशुपालकों की सबसे बड़ी दो समस्याएं होती हैं। एक, अपने पशु को क्या खिलाएं जिससे दूध का उत्पादन बढ़े। दूसरा, पशु को बीमारी होने पर कहां से सही सलाह लें। इन समस्याओं का समाधान सुल्तानपुर के चार युवाओं ने अपने स्टार्टअप ई-फीड के जरिए किया है। इस मोबाइल एप ई-फीड पर पोषक तत्वों की गणना उनके न्यूट्रिशन कै लकुलेटर से की जा सकती है। यहां से पौष्टिक चारे व पशुओं की दवाएं भी खरीदी जा सकती है। इसके अलावा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800 270 7065 पर कॉल कर पशु चिकित्सक से उचित सलाह भी ली जा सकती है।

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दो युवा आईआईटी, एक मणिपाल यूनिवर्सिटी व एक बीबीडी यूनिवर्सिटी से हैं पढ़े
आईआईटी धनबाद से ग्रेजुएट और स्टार्टअप के संस्थापकों में शामिल आगोश बरनवाल ने बताया कि वह सुल्तानपुर के अकबरपुर तहसील में आने वाले मिहिरपुर से आते हैं। यही पास के गांव के साथी अंकित पटेल आईआईटी मुंबई, कुमार रंजन एमटेक मणिपाल यूनीवर्सिटी, रवि कुमार चौहान बीबीडी यूनीवर्सिटी के साथ मिलकर ई-फीड पर काम शुरू किया। खुद गांव से होने की वजह से पशुपालकों की समस्या से बखूबी रूबरू थे। यही वजह थी कि इस क्षेत्र को हमने अपने स्टार्टअप के लिए चुना।
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उन्होंने बताया कि इस एप से केवल 18 महीने में करीब 1.50 करोड़ रुपये की बिक्री की है। वह भी तब जब पशु चिकित्सक से सलाह पूरी तरह मुफ्त है। केवल पशु चिकित्सक बुलाने पर ही चार्ज देना होता है जोकि बहुत होता है। आगोश का कहना है कि 40 लाख से अधिक पशुपालकों को हमने डिजिटल रूप से प्रशिक्षित किया है।

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कानपुर की कंपनी ने लॉन्च की दो रुपये में नमकीन

केवल बड़े पैकेट ही बेहतर कमाई की गारंटी नहीं देते। कानपुर की कंपनी मतलबी नमकीन ने दो रुपये में नमकीन बेचकर इसको साबित किया है। कंपनी के सेल्सहेड नितिन सचान ने बताया कि 34 साल से इस कारोबार में हम हैं। करीब 65 करोड़ रुपये की बिक्री सालाना करते हैं।

इस दो रुपये के पैकेट से करीब पांच फीसदी बिक्री हमको कुल कारोबार की मिलती है। दूर-दराज के इलाकों में इस पैकेट की बहुत मांग है। जबकि, हम 50 ग्राम से लेकर 1.5 किलो तक के पैकेज हम बनाते हैं। पैकिंग में भी इनोवेशन हमने शुरू किए हैं। इसमें 10 रुपये, 20 रुपये के पैक में जिपर और डेढ़ किलो के पैक में हैंगर शामिल किया गया है।

किराए पर ड्रोन से फसलों में कराएंगे दवा का स्प्रे
बैल कोल्हू के नाम से सरसों का बड़ा ब्रांड बना चुकी बीएल एग्रो अब किसानों तक ड्रोन तकनीक पहुंचाएगी। सहयोगी कंपनी लीड कनेक्ट्स के वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट योगेश सिंह ने बताया कि अग्रणी मिशन में कंपनी ने नोएडा में ड्रोन निर्माण का काम शुरू किया है। बरेली के परसाखेड़ा एक केंद्र भी शुरू किया गया है।

यहां से टीमें बनाकर ड्रोन का उपयोग कर दवाओं का फसलों में उपयोग शुरू कराया जा रहा है। इन ड्रोन से दवाओं का स्प्रे किराए पर किया जाएगा। ड्रोन की कीमत लाखों में होने की वजह से हर किसान के लिए इसे खरीदना संभव नहीं है। हमारी कोशिश है कि आने वाले दिनों में कम कीमत केड्रोन भी बनाएं जिससे इनको खरीदना आसान हो सके।
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