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Lucknow News: नवजात की खरीद-फरोख्त में दो महिलाएं भी नामजद
Wed, 05 Aug 2026 02:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 05 Aug 2026 02:23 AM IST
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गुडंबा। कुर्सी रोड स्थित सेंट मेरी पॉलीक्लीनिक में नवजात (लड़का) की खरीद-फरोख्त के मामले में गुडंबा पुलिस ने दो महिलाओं के नाम एफआईआर में बढ़ाए हैं। फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोपी डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी करने की तैयारी है।
चाइल्ड लाइन को सोमवार को सूचना मिली थी कि 30 जुलाई को अस्पताल में जन्मे बच्चे को बेच दिया गया। चाइल्डलाइन हेल्पलाइन कोऑर्डिनेटर जयवती पुलिस के साथ शांतिबाग निवासी सरकारी अफसर शिव कुमार शर्मा के घर पहुंचीं। वहां उन्हें शिव कुमार की पत्नी रेनू और नवजात मिला। पूछताछ में पता चला कि नवजात को बहादुरपुर निवासी आरती ने जन्म दिया और मकान के बदले बेच दिया था। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर बच्चे को चाइल्ड लाइन के संरक्षण में दे दिया और रेनू और आरती को हिरासत में लिया था।
इंस्पेक्टर अंजनी कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में दोषी पाए जाने पर रेनू और आरती को नामजद किया गया। मंगलवार सुबह दोनों से दोबारा पूछताछ हुई, फिर उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। बच्चे की खरीद-फरोख्त के लिए फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोपी डॉक्टर शालू और डॉक्टर विनोद को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा जाएगा। दरोगा राहुल कुमार मामले की विवेचना कर रहे हैं। अस्पताल से 30 जुलाई की सीसीटीवी फुटेज और बच्चों के जन्म से संबंधित रिकॉर्ड मांगे गए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या पहले भी अस्पताल में बच्चों की खरीद-फरोख्त हुई है।
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चाइल्ड लाइन को सोमवार को सूचना मिली थी कि 30 जुलाई को अस्पताल में जन्मे बच्चे को बेच दिया गया। चाइल्डलाइन हेल्पलाइन कोऑर्डिनेटर जयवती पुलिस के साथ शांतिबाग निवासी सरकारी अफसर शिव कुमार शर्मा के घर पहुंचीं। वहां उन्हें शिव कुमार की पत्नी रेनू और नवजात मिला। पूछताछ में पता चला कि नवजात को बहादुरपुर निवासी आरती ने जन्म दिया और मकान के बदले बेच दिया था। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर बच्चे को चाइल्ड लाइन के संरक्षण में दे दिया और रेनू और आरती को हिरासत में लिया था।
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इंस्पेक्टर अंजनी कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में दोषी पाए जाने पर रेनू और आरती को नामजद किया गया। मंगलवार सुबह दोनों से दोबारा पूछताछ हुई, फिर उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। बच्चे की खरीद-फरोख्त के लिए फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोपी डॉक्टर शालू और डॉक्टर विनोद को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा जाएगा। दरोगा राहुल कुमार मामले की विवेचना कर रहे हैं। अस्पताल से 30 जुलाई की सीसीटीवी फुटेज और बच्चों के जन्म से संबंधित रिकॉर्ड मांगे गए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या पहले भी अस्पताल में बच्चों की खरीद-फरोख्त हुई है।
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