UP ATS And NIA Raid: लखनऊ से एनआईए ने दबोचा पीएफआई का सक्रिय सदस्य, बहराइच व बाराबंकी से संदिग्ध गिरफ्तार
एनआईए द्वारा पीएफआई की फंडिग को लेकर देश भर में की जा रही छापेमारी में लखनऊ, बहराइच व बाराबंकी से संदिग्ध युवको को हिरासत में लिया गया है। स्थानीय पुलिस ने इस संबंध में कुछ भी बताने से इनकार किया है।
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एनआईए (राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण) व केंद्रीय सुरक्षा बल की टीम ने बृहस्पतिवार को इंदिरानगर के ए-ब्लॉक में रहने वाले मोहम्मद वसीम अहमद उर्फ बबलू को गिरफ्तार किया है। वसीम पीएफआई (पापुरल फ्रंट ऑफ इंडिया) का सक्रिय सदस्य है। उसके पास से एनआईए ने लैपटॉप, तीन मोबाइल, डायरी, बैंक पासबुक व कुछ राष्ट्र विरोधी दस्तावेज भी बरामद किये गये हैं। एनआईए की टीम ने लवकुशनगर में रहने वाले उसके दोस्त को भी हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताद की जा रही है। यह आपरेशन एनआईए की टीम ने बृहस्पतिवार तड़के 3 बजे के करीब शुरू किया था।
गाजीपुर थानाक्षेत्र के इंदिरानगर ए-ब्लॉक में वसीम अपने परिवार के साथ रहता है। वसीम का तीन मंजिला भवन है। ऊपरी हिस्से में चाचा अपने परिवार के साथ रहते हैं। बृहस्पतिवार सुबह करीब 3 बजे 50 सदस्यी एनआईए की टीम ने दबिश दी। गुपचुप तरीके से टीम वसीम के घर में दाखिल हुई। वहां उसके कमरे की तलाशी ले रही थी। इसी दौरान घर की महिलाएं जग गई। उन्होंने विरोध शुरू किया। हालांकि एनआईए व अर्ध सैनिक बलों की सख्ती के आगे एक न चली। वसीम को टीम जब लेकर जाने लगी तो महिलाओं ने विरोध किया। इस पर एनआईए ने पहले तो समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब मामला बिगड़ने लगा तो अफसरों ने सभी को कॉल डिटेल व रिकार्डिंग सुनाई। इसके बाद परिवार की महिलाएं पीछे हट गई। करीब 45 मिनट तक वसीम के मकान की तलाशी अभियान जारी रहा। इसके बाद वसीम को पुलिस वैन से लेकर टीम निकल गई।
खुद को दर्जी बताता था वसीम
पड़ोसियों ने बताया कि वसीम खुद को दर्जी बताता था। भूतनाथ में सेंट डामनिक स्कूल के सामने गांधी मार्केट में उसके पिता सलीम की एस. टेलर्स नाम से दुकान है। इस दुकान पर वसीम कभी नहीं बैठा। पिता सलीम उससे अलग मल्हौर में रहते हैं। पिता उसकी गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर इंदिरानगर पहुंचे थे। उन्होंने सिर्फ इतना ही बोला कि इस कार्रवाई के बारे में उन्हें ज्यादा नहीं पता है। वसीम उनका बड़ा बेटा है लेकिन वह दुकान पर कभी नहीं बैठा। छोटा बेटा मुन्ना दुकान में पहले हाथ बंटाता था। लेकिन इस समय वह सऊदी में है।
पाकिस्तान का झंडा फहराने की घोषणा से सामने आया था नाम
वसीम अहमद काफी लंबे समय से राष्ट्र विरोध गतिविधियों में शामिल था। नौ साल पहले उसने अपने घर पर पाकिस्तान का झंडा फहराने की घोषणा की थी। इसकी जानकारी होने पर पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया था। यह वसीम का पहला राष्ट्र विरोधी कृत्य था। इसके बाद दोबारा दिसंबर 2019 में सीए/एनआरसी के विरोध में पुराने लखनऊ में हिंसक प्रदर्शन हुआ। आगजनी व तोड़फोड़ में कई जाने गई थी। इस मामले में वह जनवरी 2020 में जेल भेजा गया था।
आधा किलोमीटर का दायर सुरक्षा बलों ने घेरा
इंदिरानगर ए-ब्लॉक के लोगों की बृहस्पतिवार सुबह जब नींद खुली तो हर तरफ अर्ध सैनिक बल अत्याधुनिक असहलों के साथ मुस्तैद दिखे। एनआईए ने सुरक्षा को देखते हुए गोपनीय आपरेशन में अर्धसैनिक बलों की मदद ली थी। टीम पूरी तरह से तैयार होकर आयी थी कि अगर विरोध प्रदर्शन होगा तो कैसे निपटना है। इसी लिए आधा किलोमीटर का दायर अपने घेरे में ले लिया। पूरा एरिया सील कर दिया गया। आवागमन बंद कर दिया गया। जो लोग घरों की छतों पर थे उनको भी घर के अंदर रहने का निर्देश दिया गया। वहीं सुबह सात बजे टीम ने वसीम के परिजनों को भी साथ लेकर गई। जहां पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
बहराइच के जरवलरोड थाना क्षेत्र के जरवल कस्बा कटरा दक्षिण निवासी कमरुद्दीन उर्फ बब्बू कारपेंटर का काम करता था। इसके साथ ही वह पीएफआई से भी जुड़ा था। लोगों का दावा है कि वह जरवल में संगठन का अध्यक्ष भी था हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। बुधवार को वह काम करके अपने घर शाम को गया था और अपने परिवार के साथ खाना खाकर सो रहा था। भोर में एनआईए की टीम पहुंची और कमरुद्दीन को हिरासत में लेकर चली गई। टीम ने युवक के घर की तलाशी ली व कुछ जरूरी दस्तावेज व दो मोबाइल फोन जब्त कर लिए। एसपी केशव कुमार चौधरी ने इसकी पुष्टि की है।
उधर, बाराबंकी में एनआईए व एटीएस की टीम ने बृहस्पतिवार की भोर कुर्सी थाना क्षेत्र के गौराहार मजरे के बहरौली गांव में एक मकान में छापा मार कर नदीम को गिरफ्तार किया है। नदीम पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का कोषाध्यक्ष बताया जा रहा है। जांच एजेंसी उसके दो मोबाइल फोन, लैपटॉप, डायरी व किताबें भी अपने साथ ले गई है। नदीम लखनऊ में ही रहता था लेकिन बुधवार को वह सीतापुर के महमूदाबाद गया था और वहां से अपने गांव गौरा हार पहुंचा था।