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Lucknow: निर्माण कार्यों में घपले पर यूपीआरएनएन के दो अभियंता सस्पेंड, मनमाने ढंग से किया फंड डायवर्जन
Sat, 27 Aug 2022 11:01 PM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: आकाश दुबे
Updated Sat, 27 Aug 2022 11:01 PM IST
सार
पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद के निर्देश पर यूपीआरएनएन के प्रबंध निदेशक संजय तिवारी ने दोनों अभियंताओं को सस्पेंड कर दिया है। दोनों के खिलाफ आगे की जांच आरएनएन के महाप्रबंधक (तकनीकी) को सौंपी गई है।
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- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
निर्माण कार्यों में घपले पर उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के दो अभियंता सस्पेंड कर दिए गए हैं। इनकी कारस्तानी से उच्चाधिकारी भी हतप्रभ हैं। निगम की मुरादाबाद इकाई में कार्यरत इकाई प्रभारी व स्थानिक अभियंता मुकेश सिंघल ने संबंधित जेई व एई की बिना रिपोर्ट के ही 60 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। इतना ही नहीं बिना सक्षम अधिकारी के अनुमोदन के 55 लाख रुपये एक परियोजना से दूसरी परियोजना में ट्रांसफर कर दिया। मुकेश सिंघल के साथ ही अपने अधिकार क्षेत्र से परे जाकर हस्ताक्षर करने वाले सहायक अभिंयता (सिविल) अखिलेश प्रताप सिंह को भी निलंबित कर दिया गया है।
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आरएनएन से मिली जानकारी के अनुसार, अनियमितताओं की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। इस समिति की जांच रिपोर्ट 18 अगस्त को मुख्यालय को उपलब्ध कराई गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन कार्यों में गंभीर दुराचरण मिला है। इकाई प्रभारी व स्थानिक अभियंता ने बिल-वाउचर पर लेखाकार के हस्ताक्षर के बिना ही भुगतान किए, जोकि गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता है।
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परियोजना में भुगतान से पहले कार्य की प्रगति के बाबत संबंधित जेई व एई की रिपोर्ट लगनी जरूरी होती है लेकिन इनके बजाय एई (सिविल) अखिलेश सिंह से हस्ताक्षर करवा दिए। जबकि, अखिलेश का उस परियोजना से कोई लेना-देना ही नहीं था। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया स्थानिक अभियंता व इकाई प्रभारी मुकेश सिंघल और सहायक अभियंता (सिविल) अखिलेश प्रताप सिंह उत्तरदायी ठहराए गए।
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