मां की लाश के साथ तीन दिन तक सोते रहे दो बेटे
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लखनऊ के मानकनगर के स्लीपर ग्राउंड क्षेत्र में शराबी बेटे तीन दिन तक मां की लाश के साथ सोते रहे। भीषण गर्मी में शव बुरी तरह से खराब हो गया। शुक्रवार को बेटों ने गुपचुप शव जलाने की कोशिश की तो शव की दशा देखकर मोहल्लेवालों को मामला गड़बड़ लगा।
शक होने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बेटों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
मानकनगर एसओ मुस्तकीम अहमद ने बताया कि स्लीपर ग्राउंड निवासी शांति देवी (65) के पति रेलवे में थे। उनकी मौत के बाद शांति देवी बेटे धर्मा व गुड्डू के साथ रह रही थीं।
शुक्रवार को मुहल्ले के लोगों ने संदिग्ध हालात में शांति देवी की मौत होने और बेटों के गुपचुप दाह संस्कार करने की सूचना दी तो पुलिस मौके पर पहुंची।
एसओ ने बताया कि शांति देवी का शव काफी खराब हो चुका था। बेटे शराब के नशे में बुरी तरह से धुत थे। पूछताछ पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। यहां तक कि पंचनामा में भी दोनों में से कोई साइन नहीं कर पाया।
गुरुवार से ही उठ रही थी घर से दुर्गंध
धर्मा को पिता की जगह नौकरी मिली थी। हालांकि, नौकरी जॉइन करने के छह दिन बाद ही वह वापस आ गया। वह और गुड्डू दिनरात शराब पीते और नशे में धुत होकर मुहल्ले में अराजकता फैलाते थे। उधर, शांति देवी को पेंशन मिलने लगी। इसी से तीनों का गुजारा चल रहा था।
मुहल्ले के लोगों ने पूछताछ में बताया कि शांति देवी अक्सर बीमार रहती थीं। कई दिन से वह बिस्तर पर थीं। पड़ोसियों ने बताया कि बृहस्पतिवार से शांति देवी के घर से दुर्गंध उठनी शुरू हो गई थी।
एसओ का कहना है कि शांति देवी की मौत बीमारी से होने की आशंका है। चूंकि दोनों बेटे शराब के नशे में धुत रहते थे। उन्हें मां का जरा भी खयाल नहीं था इसलिए वह कब मर गईं, उन्हें पता नहीं चला। एसओ ने कहा कि होश में आने के बाद दोनों से पूछताछ की जाएगी।
शाम को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शांति देवी के सिर पर चोट का जिक्र आया है। हालांकि, मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। जांच के लिए बिसरा सुरक्षित रखा गया है।