81 दिन बाद भाजपाइयों को जेल से मिली आजादी
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चार जुलाई से जिला जेल में कैद भाजपा के साठ में दो कार्यकर्ताओं को गुरुवार को 81 दिन बाद सलाखों से आजादी मिल गई। हाईकोर्ट ने 16 सितंबर को सभी साठ भाजपाइयों की जमानत मंजूर कर ली थी।
गुरुवार को हाईकोर्ट का आदेश सीजेएम कोर्ट में दाखिल किया। जिस पर एसीजेएम- चतुर्थ मोना पंवार ने सुनवाई के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं को 70-70 हजार के दो-दो जमानती दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया।
मजिस्ट्रेट ने सभी जमानतियों को संबंधित थानों की पुलिस से सत्यापन कराने का भी आदेश दिया। दो कार्यकर्ताओं के जमानतियों का सत्यापन होने के बाद उनकी रिहाई का परवाना जारी कर दिया गया, जबकि बाकी की सत्यापन रिपोर्ट आना बाकी है।
कांठ के गांव अकबरपुर चैदरी में शिव मंदिर से लाउडस्पीकर उतारे जाने के विरोध में भाजपा ने चार जुलाई को कांठ में हिंदू महापंचायत बुलाई थी।
जमकर हुआ था बवाल
महापंचायत को पुलिस ने सफल नहीं होने दिया था जिसके चलते कांठ रेलवे स्टेशन पर बवाल हो गया था। जिसमें तत्कालीन जिलाधिकारी चंद्रकांत की आंख पत्थर लगने से फूट गई थी। इस मामले में पुलिस ने 62 भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। जिनमें से दो अधिवक्ता थे जिन्हें अदालत ने बाहर से बाहर ही अंतरिम जमानत दे दी थी। बाकी सभी तब से ही जेल में बंद हैं।
सेशन से जमानत याचिका खारिज होने के बाद भाजपाइयों ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। सोलह सितंबर को अर्जी मंजूर कर ली गई थी। गुरुवार को एसीजेएम-चतुर्थ मोना पंवार ने 70-70 हजार के दो जमानती दाखिल करने पर रिहाई का आदेश दिया।
जिसमें उन्होंने कहा कि सभी जमानतियों को संबंधित थानों से सत्यापन भी कराया जाए। लोकल होने की वजह से गुरुवार को ही देर शाम तक विकास जैन निवासी राम विहार सिविल लाइंस और राहुल द्विवेदी निवासी कोठीवाल नगर के जमानतनामे तस्दीक हो गए थे।
रात करीब साढ़े सात बजे परवाना पहुंचने पर दोनों को जेल से रिहा कर दिया गया। बाकी 58 कार्यकर्ताओं के 116 जमानतियों का सत्यापन शुक्रवार को होने की उम्मीद है।