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Lucknow News: दुबई से तस्करी कर लाया गया 30 लाख का सोना लेकर भागे, दो गिरफ्तार
Wed, 05 Aug 2026 02:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 05 Aug 2026 02:27 AM IST
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
सरोजनीनगर। दुबई से शरीर में छिपाकर करीब 30 लाख रुपये का सोना लेकर अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे तस्कर का ट्राॅली बैग तीन लोगों ने चोरी कर लिया। बैग में 203.92 ग्राम सोने का कैप्सूल, पासपोर्ट और कपड़े थे। तस्कर की शिकायत पर सरोजनीनगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। करीब 130 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने मंगलवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से चोरी किया गया सोना भी बरामद हुआ है।
डीसीपी दक्षिणी मुश्ताक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में लुधियाना के डाबा स्थित गोविंदनगर शिमलापुरी निवासी दीपक वर्मा और बलरामपुर के श्रीदत्तगंज निवासी राम प्रताप दुबे शामिल हैं। तीसरा आरोपी पंजाब के मोगा निवासी अर्शदीप है जो भागा हुआ है। बलिया के कुभाव निवासी महबूब आलम ने तीन अगस्त को सरोजनीनगर थाने में तहरीर दी थी। महबूब के मुताबिक, वह 27 जुलाई को दुबई से 203.92 ग्राम सोने का कैप्सूल लेकर अमौसी एयरपोर्ट पहुंचा था। एयरपोर्ट से बाहर निकलने पर दीपक, राम प्रताप और अर्शदीप उससे मिले। तीनों उसे एसयूवी में बैठाकर इधर-उधर घुमाते रहे। इसके बाद आलमबाग बस अड्डे के पास उसे उतार दिया और उसका ट्राॅली बैग लेकर भाग गए।
रेक्टम के जरिये शरीर में प्रवेश कराया जाता था सोना
डीसीपी के मुताबिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि उनका गिरोह दुबई से सोने की तस्करी कराता है। इसके लिए ऐसे लोगों की तलाश की जाती है, जो जल्दी भारत आना चाहते हैं। उन्हें शॉपिंग, रकम और मुफ्त टिकट का लालच दिया जाता है। इसके बाद उनके शरीर में रेक्टम (मलाशय) के जरिये सोना छिपाकर भारत भेजा जाता है। एयरपोर्ट के बाहर गिरोह के बदमाश सोना रिसीव करते हैं। गिरोह का नेटवर्क दुबई से लेकर पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश में फैला हुआ है। आरोपियों ने बताया कि इस बार सोने की तस्करी के लिए महबूब को चुना गया था। राजस्थान में बैठे गिरोह के लोगों ने उन्हें सोने को रिसीव करने की जिम्मेदारी दी थी। मन में लालच आने पर दोनों ने महबूब से सोना चुरा लिया और उसे धोखे से बस अड्डे पर उतार दिया था।
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12 से अधिक लोग गिरोह में हैं शामिल
डीसीपी के मुताबिक गिरोह में 12 से अधिक लोग शामिल हैं। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर राजस्थान में बैठे गिरोह के लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें भेजी गई हैं। आरोपियों के मोबाइल और आपराधिक रिकाॅर्ड की भी जांच की जा रही है।
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डीसीपी दक्षिणी मुश्ताक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में लुधियाना के डाबा स्थित गोविंदनगर शिमलापुरी निवासी दीपक वर्मा और बलरामपुर के श्रीदत्तगंज निवासी राम प्रताप दुबे शामिल हैं। तीसरा आरोपी पंजाब के मोगा निवासी अर्शदीप है जो भागा हुआ है। बलिया के कुभाव निवासी महबूब आलम ने तीन अगस्त को सरोजनीनगर थाने में तहरीर दी थी। महबूब के मुताबिक, वह 27 जुलाई को दुबई से 203.92 ग्राम सोने का कैप्सूल लेकर अमौसी एयरपोर्ट पहुंचा था। एयरपोर्ट से बाहर निकलने पर दीपक, राम प्रताप और अर्शदीप उससे मिले। तीनों उसे एसयूवी में बैठाकर इधर-उधर घुमाते रहे। इसके बाद आलमबाग बस अड्डे के पास उसे उतार दिया और उसका ट्राॅली बैग लेकर भाग गए।
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रेक्टम के जरिये शरीर में प्रवेश कराया जाता था सोना
डीसीपी के मुताबिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि उनका गिरोह दुबई से सोने की तस्करी कराता है। इसके लिए ऐसे लोगों की तलाश की जाती है, जो जल्दी भारत आना चाहते हैं। उन्हें शॉपिंग, रकम और मुफ्त टिकट का लालच दिया जाता है। इसके बाद उनके शरीर में रेक्टम (मलाशय) के जरिये सोना छिपाकर भारत भेजा जाता है। एयरपोर्ट के बाहर गिरोह के बदमाश सोना रिसीव करते हैं। गिरोह का नेटवर्क दुबई से लेकर पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश में फैला हुआ है। आरोपियों ने बताया कि इस बार सोने की तस्करी के लिए महबूब को चुना गया था। राजस्थान में बैठे गिरोह के लोगों ने उन्हें सोने को रिसीव करने की जिम्मेदारी दी थी। मन में लालच आने पर दोनों ने महबूब से सोना चुरा लिया और उसे धोखे से बस अड्डे पर उतार दिया था।
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12 से अधिक लोग गिरोह में हैं शामिल
डीसीपी के मुताबिक गिरोह में 12 से अधिक लोग शामिल हैं। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर राजस्थान में बैठे गिरोह के लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें भेजी गई हैं। आरोपियों के मोबाइल और आपराधिक रिकाॅर्ड की भी जांच की जा रही है।