{"_id":"456ab4d18c6526ab735cd6e19813dc12","slug":"two-and-a-half-million-people-received-water","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाखों लोगों का दुख क्यों नहीं दिखता सीएम को?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाखों लोगों का दुख क्यों नहीं दिखता सीएम को?
प्रवेंद्र/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 09 Jul 2014 03:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अभी एलडीए के एक फ्लैट में जाकर निरीक्षण करने वाले आखिलेश को इन लोगों का दुख क्यों नहीं दिखाई दे रहा है।
विज्ञापन
अक्सर ट्रांसफार्मर फुंक जाने के कारण शहर के लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ता है।
ऐसे ही सोमवार देर रात एक बजे 10 हजार केवीए का ट्रांसफार्मर फुंक जाने के कारण ऐशबाग जलकल से जुड़े इलाकों की करीब ढाई लाख की आबादी को मंगलवार को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा।
विद्युत आपूर्ति बाधित होने से यहां पर लगे पांच में से तीन पम्प ठप हो गए।
सिर्फ दो पम्प ही दूसरे ट्रांसफार्मर से मिलने वाली बिजली से चल सके। इससे कुछ इलाकों में थोड़ा पानी पहुंचा तो कुछ में बिल्कुल नहीं पहुंचा।
ऐशबाग जलकल से राजेंद्र नगर, ऐशबाग, गढ़ी कनौरा, अम्बेडकर नगर, मोती नगर, हैवलक रोड, केकेसी, चारबाग और लालबाग तक पानी की आपूर्ति की जाती है।
देर रात ट्रांसफार्मर फुंक जाने के कारण पूरे ऐशबाग जलकल से जोनल पम्पिंग स्टेशनों को पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं की जा सकी।
इससे ऐशबाग जलकल से जुड़े करीब दर्जन भर इलाकों को मंगलवार को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा।
जलकल विभाग की ओर से वैकल्पिक इंतजाम न किए जाने के कारण लोगों को अधिक परेशानी हुई। लोगों ने आस-पड़ोस में लगे सबमर्सिबल से पानी लेकर काम चलाया।
देर रात तक ट्रांसफार्मर ठीक नहीं हो सका था।