लखनऊ: मां पर थी बुरी नजर, बेटा बना बाधक तो कर दिया ये हाल
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एडीसीपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी का कहना है कि अयान की मां नजमा पर समीउल की बुरी नजर थी। वह अक्सर घर आता-जाता था, जो अयान को पसंद नहीं था। इसलिए समीउल हसन ने अयान को रास्ते से हटा दिया।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने बच्चे का शव बरामद कर लिया है। एडीसीपी पश्चिम ने बताया कि अयान मीरन साहब का इमामबाड़ा में रहने वाली नजमा का इकलौता बेटा था। वह इलाके के ही एक निजी स्कूल में कक्षा चार में पढ़ता था।
उसके पिता की चार साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। घर पर दो किरायेदार थे। किराये के पैसे से मां-बेटे गुजर-बसर कर रहे थे। 15 मई की दोपहर साढ़े 12 बजे अयान ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से निकला और गायब हो गया।
शादीशुदा है आरोपी
कई घंटे तलाश के बाद अयान नहीं मिला तो नजमा ने ठाकुरगंज थाने में सूचना दी। पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज बच्चे की खोज में टीम लगाई। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकाली तो एक जगह अयान के साथ सड़क पर खड़े होकर बात करते एक युवक दिखा।
बकौल एडीसीपी पश्चिम, युवक का फोटो नजमा व अन्य को दिखाया तो उसकी पहचान मुफ्तीगंज सुनारो निवासी व इलेक्ट्रिकल मिस्त्री व ई-रिक्शा चालक समीउल हसन उर्फ रिंकू के रूप में हुई।
पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने अयान की हत्या की बात कुबूल कर ली। समीउल ने बताया कि वह नजमा पर बुरी नजर रखता था। इसीलिए अक्सर उसके घर आता-जाता था। अयान इसमें बाधक बन रहा था, इसलिए उसे रास्ते से हटा दिया।
उसे मेहताबबाग में सिकंदर सिद्दीकी के घर के सामने अर्द्धनिर्मित मकान में ले जाकर उसका गला दबा दिया और शव वहीं छिपा दिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर शव बरामद कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी शादीशुदा है, लेकिन संपत्ति हड़पने के लिए नजमा से शादी करना चाहता था।
पतंग के बहाने ले गया
एसीपी चौक दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि समीउल ने जिस कपड़े से अयान का गला कसा था, वही अपनी गर्दन में डालकर बच्चे को तलाश करने का नाटक कर रहा था। वह दो दिन तक नजमा और उनके करीबियों के साथ बच्चे को तलाशने का नाटक करता रहा।