संविदाकर्मियों ने जमकर किया हंगामा, एमडी को बनाया बंधक
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उत्तर प्रदेश पथ परिवहन निगम मुख्यालय के बाहर अनशन पर बैठे संविदाकर्मियों ने बृहस्पतिवार शाम को जमकर बवाल किया। उन्होंने प्रबंध निदेशक आशीष गोयल और कुछ कर्मचारियों को बंधक बनाकर मुख्यालय के गेट पर ताला जड़ दिया।
करीब दो घंटे बाद पुलिस ने ताला तोड़कर एमडी और अन्य कर्मचारियों को छुड़ाया। साथ ही मौके पर मौजूद सवा सौ संविदाकर्मियों को गिरफ्तार कर मोहनलालगंज थाने ले गई, जहां धारा 151 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद कर दिया।
उप्र रोडवेज संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष होमेंद्र कुमार मिश्र की अगुवाई में नौ मई से छह सूत्री मांगों को लेकर संविदाकर्मी धरने पर बैठे थे। जब 29 मई तक उनकी सुनवाई नहीं हुई तो उनमें से पांच संविदाकर्मी आमरण अनशन पर बैठ गए।
गेट पर ताला जड़ा बना लिया बंधक
बृहस्पतिवार को तबीयत बिगड़ने उन्हें बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी दौरान कुछ संविदाकर्मी मांगों के जल्द से जल्द निस्तारण के लिए प्रबंध निदेशक गोयल से मिलने गए, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इससे वे उग्र हो गए और शाम करीब 5.30 बजे गेट पर ताला जड़कर उन्हें बंधक बना लिया। वजीरगंज पुलिस ने शाम 7.30 बजे ताला तोड़कर एमडी व अन्य कर्मचारियों को बाहर निकाला।
काम न आई राज्यपाल की चिट्ठी
संविदाकर्मियों ने प्रदर्शन के दौरान प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक को भी मांगों से संबंधित ज्ञापन भेजा था। जिस पर राज्यपाल ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को तत्काल हस्तक्षेप कर मामले को निपटाने की बात कही थी, लेकिन राज्यपाल की चिट्ठी भी काम न आई।
शासन और परिवहन निगम ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे प्रबंध निदेशक को बंधक बनाने की नौबत आ गई।