Lucknow News: ओडिशा रेल हादसे से ट्रेनों का शेड्यूल बिगड़ा, कई ट्रेनों का बदला रूट; यात्रियों को परेशानी
पुरी और आनंद विहार टर्मिनल के बीच दौड़ने वाली नीलांचल एक्सप्रेस बालासोर के रास्ते गुजरती है। हादसे की वजह से ओडिशा में सभी गाड़ियों का संचालन प्रभावित हुआ।
विस्तार
रायबरेली। ओडिशा में हुए रेल हादसे के बाद ट्रेनों का संचालन बिगड़ गया है। जिस जगह दुर्घटना घटी, उस स्टेशन से होकर नीलांचल एक्सप्रेस भी गुजरती है। इससे नीलांचल की रफ्तार धीमी हो गई है। बाकी ट्रेनों पर भी असर पड़ा है। गर्मी की छुट्टी के कारण ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ी है। इसका असर रेलवे स्टेशन पर भी दिखा। शनिवार को भीषण गर्मी में यात्रियों की भीड़ को ट्रेनों का इंतजार करना पड़ रहा है।
नीलांचल एक्सप्रेस का बदला रूट, यात्रियों को हुई देरी
रेल हादसा ओडिशा के बालासोर में हुआ था। पुरी और आनंद विहार टर्मिनल के बीच दौड़ने वाली नीलांचल एक्सप्रेस बालासोर के रास्ते गुजरती है। हादसे की वजह से ओडिशा में सभी गाड़ियों का संचालन प्रभावित हुआ। इसी बीच पुरी से रायबरेली की ओर आ रही नीलांचल एक्सप्रेस की रफ्तार धीमी हो गई। रास्ते में लेटलतीफी दो घंटे से ज्यादा हो गई। हालांकि इस ट्रेन की रफ्तार बाद में तेज हुई, जिससे यह गाड़ी शनिवार को एक घंटे की देरी से रायबरेली पहुंची। आनंद विहार टर्मिनल से शुक्रवार को रायबरेली आई नीलांचल एक्सप्रेस पुरी जा रही थी, लेकिन बालासोर में हादसे की वजह से ट्रेन को टाटा नगर में रोक दिया गया। काफी देर बाद इसे बदले हुए मार्ग से चलाया गया।
कई ट्रेनें चल रही लेट, कई का बदला टाइम टेबल
शनिवार को सहारनपुर से प्रयागराज जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस पौने दो घंटे लेट रही। दिल्ली से प्रतापगढ़ जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस, देहरादून से बनारस जाने वाली जनता मेल, अमृतसर से हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल, शक्ति नगर से टनकपुर जाने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस, प्रयागराज से लखनऊ जाने वाली गंगा गोमती एक्सप्रेस एक-एक घंटे विलंब से पहुंची। बनारस से देहरादून जाने वाली जनता मेल पौन घंटे तो हावड़ा-अमृतसर मेल और आगरा-कोलकाता एक्सप्रेस आधे-आधे विलंब से आई। स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार का कहना है कि बालासोर के रास्ते सिर्फ नीलांचल एक्सप्रेस चलती है। हादसे का असर यहां की ट्रेनों के संचालन पर बहुत ज्यादा नहीं है।
गर्मी की छुट्टियों की वजह से बड़ी यात्रियों की संख्या
गर्मी की छुट्टियों की वजह से ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ी है। छुट्टियां खत्म होने पर लोग वापसी के लिए आरक्षण कराने की जद्दोजहद में लगे हैं। लेकिन यात्रियों की मुश्किलें कम होने के बजाए बढ़ती ही जा रही हैं। एक तरफ किसी भी ट्रेन में सीट कंफर्म नहीं मिल रही है तो आरक्षण के लिए कई घंटों तक लाइन में लगना पड़ रहा है। वजह यह कि शहर के रेलवे स्टेशन पर सिर्फ एक आरक्षण काउंटर खुलता है। कहने को चार काउंटर बने हैं, लेकिन स्टाफ न होने का बहाना बनाकर एक काउंटर खोला जाता है। इससे लाइन में लगे यात्रियों के बीच धक्कामुक्की होती रहती है। कुछ ऐसा ही हाल अनारक्षित टिकट के काउंटर पर नजर आती है। अनारक्षित टिकटों के लिए बने चार में से सिर्फ एक काउंटर चलता है, जबकि दो ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) में सिर्फ एक काम करती है। ट्रेन के आने पर टिकट लेने के लिए यात्री परेशान नजर आते हैं। वाणिज्य निरीक्षक डीडी शुक्ला दावा करते हैं कि भीड़ ज्यादा होने पर काउंटर बढ़ा दिए जाते हैं।