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Lucknow News: सीएम से मिले व्यापारी, बताईं समस्याएं
Fri, 27 Dec 2024 01:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 27 Dec 2024 01:33 AM IST
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सीएम योगी आदित्यनाथ से समस्या बताते व्यापारी।
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लखनऊ। जीएसटी, नगर निगम, मंडी समिति व बिजली विभाग से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए बुधवार को लखनऊ व्यापार मंडल के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। यहां विभिन्न मांगों से जुड़ा पत्र भी सौंपा।
सीएम आवास पर हुई मुलाकात में अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने जीएसटी की समस्या रखी। कहा, पोर्टल पर सिर्फ ई वे बिल निरस्त की सूची देखकर नोटिस जारी करना सही नहीं है। फैक्टरी मालिकों के गेट पर लगे कैमरे का बिना लिखीपढ़ी के एक्सेस मांगना अनुचित है। वर्ष 2017 में जीएसटी लागू हुई थी, राज्य में अभी तक राज्यकर के ट्रिब्यूनल का गठन भी नहीं हो पाया है। इससे व्यापारियों को हाईकोर्ट जाना पड़ता है।
अधिकारी मौखिक स्क्रुटनी कर रहे हैं, जबकि जीएसटी अधिनियम में 25 प्रतिशत स्क्रुटनी उनकी होती है। इन्हें कंप्यूटर सॉफ्टवेयर खुद चिह्नित करता है। अन्य प्रदेशों की तरह यूपी में भी मंडी गेट पास खत्म हो। मनमाना कर निर्धारण कर वर्ष 2022 में जीआईएस सर्वे के अनुसार टैक्स बढ़ा दिए गए हैं। लखनऊ इंप्रूवमेंट के तमाम औद्योगिक एवं आवासीय स्थानों की लीज समाप्त हो चुकी है, उसका मूल्य निर्धारित कर फ्री होल्ड की व्यवस्था हो।
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वेंडिंग जोन शीघ्र चिह्नित किए जाएं। निगरानी समिति रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर दे, आम आदमी को भी अतिक्रमण की फोटो भेजने का अधिकार हो। चेयरमैन राजेन्द्र कुमार अग्रवाल, अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र, अनिल वर्मानी, कोषाध्यक्ष देवेन्द्र गुप्ता, महामंत्री विनोद अग्रवाल, अनुराग मिश्र, अभिषेक खरे, उमेश शर्मा, जितेन्द्र सिंह चौहान, युवा अध्यक्ष मनीष गुप्ता मौजूद रहे।
सीएम आवास पर हुई मुलाकात में अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने जीएसटी की समस्या रखी। कहा, पोर्टल पर सिर्फ ई वे बिल निरस्त की सूची देखकर नोटिस जारी करना सही नहीं है। फैक्टरी मालिकों के गेट पर लगे कैमरे का बिना लिखीपढ़ी के एक्सेस मांगना अनुचित है। वर्ष 2017 में जीएसटी लागू हुई थी, राज्य में अभी तक राज्यकर के ट्रिब्यूनल का गठन भी नहीं हो पाया है। इससे व्यापारियों को हाईकोर्ट जाना पड़ता है।
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अधिकारी मौखिक स्क्रुटनी कर रहे हैं, जबकि जीएसटी अधिनियम में 25 प्रतिशत स्क्रुटनी उनकी होती है। इन्हें कंप्यूटर सॉफ्टवेयर खुद चिह्नित करता है। अन्य प्रदेशों की तरह यूपी में भी मंडी गेट पास खत्म हो। मनमाना कर निर्धारण कर वर्ष 2022 में जीआईएस सर्वे के अनुसार टैक्स बढ़ा दिए गए हैं। लखनऊ इंप्रूवमेंट के तमाम औद्योगिक एवं आवासीय स्थानों की लीज समाप्त हो चुकी है, उसका मूल्य निर्धारित कर फ्री होल्ड की व्यवस्था हो।
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वेंडिंग जोन शीघ्र चिह्नित किए जाएं। निगरानी समिति रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर दे, आम आदमी को भी अतिक्रमण की फोटो भेजने का अधिकार हो। चेयरमैन राजेन्द्र कुमार अग्रवाल, अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र, अनिल वर्मानी, कोषाध्यक्ष देवेन्द्र गुप्ता, महामंत्री विनोद अग्रवाल, अनुराग मिश्र, अभिषेक खरे, उमेश शर्मा, जितेन्द्र सिंह चौहान, युवा अध्यक्ष मनीष गुप्ता मौजूद रहे।