{"_id":"5d0e75168ebc3e67cc6d58ae","slug":"tractor-trolley-fall-down-in-minor-two-youth-dead-barabanki-desk-news-lko466745455","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ नहर में गिरे दो युवकों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ नहर में गिरे दो युवकों की मौत
विज्ञापन
22-बाराबंकी। फतेहपुर क्षेत्र के ग्राम साढ़ेमऊ में रोते बिलखते मृतक सुधीर के परिजन।
- फोटो : BARABANKI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहपुर (बाराबंकी)। लखनऊ के नगराम इलाके जैसा एक हादसा शुक्रवार देर रात फतेहपुर क्षेत्र में हुआ। धान लादी ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत दो युवक शारदा सहायक नहर में जा गिरे। इस हादसे में दो युवकों की मौत हुई है। पुलिस ने कड़ी मेहनत के बाद क्रेन द्वारा ट्रैक्टर-ट्राली व दोनों के शव बाहर निकवाए है। हादसे में मरने वाले युवकों के परिवारीजनों में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस के मुताबिक फतेहपुर क्षेत्र के ग्राम साढ़ेमऊ निवासी इंद्रेश यादव (35) पुत्र शिव सहाय और सुधीर यादव (25) पुत्र रामनरेश शुक्रवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर धान लादकर उसकी कुटाई कराने के लिए निकले थे। देर रात तक दोनों युवक घर नहीं लौटे तो परिवारीजनों ने उनकी तलाश शुरू की। आसपास जानकारी न मिलने पर परिवारीजन धान कुटाई मशीन संचालक के पास पहुंचे लेकिन तब भी दोनों युवकों के बारे में पता नहीं चला। अनहोनी की आशंका के मद्देनजर ग्रामीणों ने नहर के आसपास खोजबीन की।
ग्राम बुधियापुर के पास शरादा सहायक नहर पटरी पर ट्रैक्टर-ट्रॉली के पहियों के निशान नहर की ओर जाने को दिखाई दिए। गांव के कुछ लोगों ने नहर में छलांग लगाकर तलाश शुरू की तो नहर के गहरे पानी में ट्रैक्टर गिरने का पता चला। ग्रामीणों ने रात करीब 12 बजे पुलिस को हादसे की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को नहर से निकालने के लिए दो क्रेन मगांने के साथ मोहम्मदपुर खाला से गोताखोरों को बुलवाया। काफी देर तक मशक्कत करने के बाद क्रेन के माध्यम से टैक्टर-ट्रॉली को नहर से निकाला गया।
विज्ञापन
इस दौरान इंद्रेश व सुधीर के शव ट्रैक्टर के नीचे दबे मिले पुलिस ने युवकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। एएसपी उत्तरी आरएस गौतम ने बताया कि रात में अंधेरा होने के चलते नहर पटरी पर जा रहे ट्रैक्टर ट्रॉली का नियंत्रण बिगड़ने से उसके साथ दोनों युवक नहर गिर गए जिससे उनकी मौत हुई।
दो परिवारों में मचा कोहराम
इस हादसे से इंद्रेश और सुधीर के परिवारीजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों के मुताबिक इंद्रेश का विवाह 14 वर्ष पूर्व रेनू से हुआ था। उनके कोई संतान नहीं थी। पति की मौत के बाद रेनू रोते-रोते बदहवास हो गई है। अविवाहित सुधीर चार भाईयों में तीसरे नंबर पर था। व एक छोटा भाई सुभाष है। माता-पिता के देहांत के बाद सुधीर की देखभाल उसके बड़े भाई रामू व श्यामू करते थे। सुधीर बीए अंतिम वर्ष का छात्र था। दो युवकों की मौत की खबर से गांव में मातम छा गया।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक फतेहपुर क्षेत्र के ग्राम साढ़ेमऊ निवासी इंद्रेश यादव (35) पुत्र शिव सहाय और सुधीर यादव (25) पुत्र रामनरेश शुक्रवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर धान लादकर उसकी कुटाई कराने के लिए निकले थे। देर रात तक दोनों युवक घर नहीं लौटे तो परिवारीजनों ने उनकी तलाश शुरू की। आसपास जानकारी न मिलने पर परिवारीजन धान कुटाई मशीन संचालक के पास पहुंचे लेकिन तब भी दोनों युवकों के बारे में पता नहीं चला। अनहोनी की आशंका के मद्देनजर ग्रामीणों ने नहर के आसपास खोजबीन की।
विज्ञापन
ग्राम बुधियापुर के पास शरादा सहायक नहर पटरी पर ट्रैक्टर-ट्रॉली के पहियों के निशान नहर की ओर जाने को दिखाई दिए। गांव के कुछ लोगों ने नहर में छलांग लगाकर तलाश शुरू की तो नहर के गहरे पानी में ट्रैक्टर गिरने का पता चला। ग्रामीणों ने रात करीब 12 बजे पुलिस को हादसे की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को नहर से निकालने के लिए दो क्रेन मगांने के साथ मोहम्मदपुर खाला से गोताखोरों को बुलवाया। काफी देर तक मशक्कत करने के बाद क्रेन के माध्यम से टैक्टर-ट्रॉली को नहर से निकाला गया।
विज्ञापन
इस दौरान इंद्रेश व सुधीर के शव ट्रैक्टर के नीचे दबे मिले पुलिस ने युवकों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। एएसपी उत्तरी आरएस गौतम ने बताया कि रात में अंधेरा होने के चलते नहर पटरी पर जा रहे ट्रैक्टर ट्रॉली का नियंत्रण बिगड़ने से उसके साथ दोनों युवक नहर गिर गए जिससे उनकी मौत हुई।
दो परिवारों में मचा कोहराम
इस हादसे से इंद्रेश और सुधीर के परिवारीजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों के मुताबिक इंद्रेश का विवाह 14 वर्ष पूर्व रेनू से हुआ था। उनके कोई संतान नहीं थी। पति की मौत के बाद रेनू रोते-रोते बदहवास हो गई है। अविवाहित सुधीर चार भाईयों में तीसरे नंबर पर था। व एक छोटा भाई सुभाष है। माता-पिता के देहांत के बाद सुधीर की देखभाल उसके बड़े भाई रामू व श्यामू करते थे। सुधीर बीए अंतिम वर्ष का छात्र था। दो युवकों की मौत की खबर से गांव में मातम छा गया।