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UP News : आधार के लिए लगाया अंगूठा तो छह साल बाद मिला बच्ची के घर का पता 

Sun, 10 Jul 2022 05:42 AM IST
दुष्यंत शर्मा अतुल भारद्वाज, लखनऊ
अतुल भारद्वाज, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 10 Jul 2022 05:42 AM IST
सार

पीएम ने डिजिटल इंडिया वीक कार्यक्रम में किया घटना का जिक्र, बच्ची से की बात। 

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Thumb applied for Aadhaar, then after six years the address of the girl's house was found
रोशनी से बात करते पीएम मोदी... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वर्ष 2016 में लखीमपुर निवासी आठ साल की रोशनी सीतापुर स्टेशन पर मां से बिछड़ गई। वहां के अनाथालय से कुछ समय बाद उसे लखनऊ के मोतीनगर स्थित बालगृह (बालिका) भेज दिया गया। इस साल बच्ची का आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया के दौरान मिले पते ने उसे छह साल बाद अपने घर पहुंचा दिया। भावुक कर देने वाली इस घटना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल को भी छुआ। गांधीनगर में चार जुलाई को डिजिटल इंडिया वीक कार्यक्रम के तहत आयोजित प्रदर्शनी में पीएम ने बच्ची से उसकी दास्तां सुनी। उन्होंने मंच से इस घटना व डिजिटल इंडिया की मदद से आ रहे बदलाव को साझा भी किया।

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दिसंबर 2021 में पढ़ाई की जरूरत को देखते हुए बालगृह ने यूआईडीएआई से आधार कार्ड बनाने का शिविर लगाने की मांग की। फरवरी 2022 में लगे कैंप में कई प्रयासों के बाद भी रोशनी का आधार नहीं बन पा रहा था। अंगूठा लगाने पर ऑनलाइन सिस्टम बार-बार पहले से उसके बायोमीट्रिक का इस्तेमाल कर आधार बने होने का मैसेज दे रहा था। इस पर कार्यालय में मौजूद डाटा सर्वर से आधार कार्ड बनने की पूरी जानकारी ली गई।
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इसमें पता चला कि रोशनी का आधार वर्ष 2015 में लखीमपुर खीरी के गांव लंदनपुर ग्रांट, पोस्ट लीलापुर, तहसील गोला के पते पर बना था। पुलिस की मदद से इस पर संपर्क  किया तो पता चला कि यहां रोशनी के चाचा राजेश कुमार रहते हैं। इसके बाद उन्हें बच्ची सौंप दी गई। रोशनी के पिता सुरेंद्र कुमार की साल 2016 में ही मौत हो गई थी। इसके बाद मां उसे लेकर बिहार अपने घर लौट रही थी। रास्ते में सीतापुर में रोशनी मां से बिछड़ गई। राजेश रोशनी की मां के बारे में जानकारी नहीं दे सके।
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ढाई मिनट तक पीएम ने की रोशनी से बात
यूआईडीएआई के अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल इंडिया वीक में प्रधानमंत्री करीब 25 मिनट रहे। बच्ची की कहानी सुनने के बाद वह करीब छह मिनट तक आधार के शिविर पर ही रहे। इस दौरान उन्होंने ढाई मिनट तक बच्ची से ही बात की। उसकी पूरी कहानी सुनकर पीएम भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि यह तकनीक का सबसे भावुक पहलू है। उन्होंने रोशनी के सुखद भविष्य की कामना भी की। 
 

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