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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   This time Haj pilgrimage will be expensive up to 85 thousand each passenger will have to pay 3.75 lakh rupees

कोरोना के कारण इस बार 85 हजार तक महंगी होगी हज यात्रा, प्रत्येक यात्री को देने होंगे 3.75 लाख रुपये

Sun, 08 Nov 2020 09:39 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 08 Nov 2020 09:39 PM IST
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This time Haj pilgrimage will be expensive up to 85 thousand each passenger will have to pay 3.75 lakh rupees
हज यात्रा - फोटो : amar ujala

कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी के कारण 2020 में हजयात्रा निरस्त होने के बाद अब हजयात्रा 2021 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। कोविड-19 के चलते सोशल डिस्टेंसिंग व अन्य प्रोटोकॉल की वजह से हजयात्रा अधिक महंगी होगी। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने इस बार 3.75 लाख रुपये हज खर्च की उम्मीद जताई है, जो 2019 के मुकाबले करीब 85 हजार रुपये ज्यादा है। 

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आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही हजयात्रा के संभावित खर्च का ब्योरा सेंट्रल हज कमेटी की वेबसाइट www.hajcommittee.com पर अपलोड कर दिया गया है। हजयात्रा का खर्च बढ़ने से देश की सर्वाधिक मुस्लिम आबादी वाले उत्तर प्रदेश के आजमीनों पर सबसे अधिक असर पड़ेगा क्योंकि देश में सबसे ज्यादा आजमीन यूपी से ही हज करने जाते हैं।  
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वर्ष 2019 में राजधानी लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट से हज पर जाने वाले आजमीनों (हजयात्रियों) ने ग्रीन श्रेणी में 2,90,850 और अजीजिया में 2,53,800 रुपये हज कमेटी के बैंक खाते में जमा किए थे। तब पहली किस्त के तौर पर केवल 81 हजार रुपये ही जमा किए गए थे, वहीं इस बार हजयात्रियों को 1.5 लाख रुपये जमा कराने होंगे। पहली किस्त में 69 हजार की बढ़ोतरी के साथ ही हजयात्रा महंगी होने की आशंका लगने लगी थी। 

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जनवरी 2022 तक के पासपोर्ट वाले ही कर सकेंगे आवेदन 

नई गाइडलाइन के मुताबिक इस बार 18 से 65 वर्ष के बीच की उम्र के 10 जनवरी 2022 तक की वैधता वाले पासपोर्ट धारक ही हजयात्रा के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।  
  
इसलिए कम हो रहे आवेदन
प्रदेश से आवेदनों में कमी की दो वजहें हैं। ऑनलाइन आवेदन की अनिवार्यता और हजयात्रा महंगी होना। सेंट्रल हज कमेटी बीते साल से ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं कर रही है। ऑनलाइन आवेदन की अनिवार्यता की वजह से जिलों में बेहतर इंटरनेट सुविधा न होने से 50 फीसदी से कम फॉर्म ही जमा हो सके हैं। 
 

यूं महंगी हो रही हजयात्रा

वर्ष                      ग्रीन                     अजीजिया 
2019               2,90,850                2,53,800    
2018               2,60,100                2,25,950
2017               2,36,350                2,02,950
2016               2,18,400                1,84,500
2015               2,02,550                1,69,800
 
 

साल दर साल कम हो रहे आवेदन 

वर्ष                       कोटा               आवेदन 
2019                  30,237             34,397
2018                  29,851             42,914
2017                  29,017             51,375
2016                  21,800             48,708
2015                  22,000             41,705
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