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विरोध के बाद पार्षद कोटे की तीसरी किस्त को मंजूरी
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विरोध के बाद पार्षद कोटे की तीसरी किस्त को मंजूरी
नई प्रचार नियमावली सदन से पास, बढ़ेगी नगर निगम की आय
नगर निगम सदन ने सोमवार को नई प्रचार नियमावली, पार्षद कोटे की तीसरी किस्त और पूर्व राज्यपाल स्व. लालजी टंडन की आदम कम प्रतिमा लगाए जाने के प्रमुख प्रस्ताव पास कर दिए। तीसरी किस्त पास होने के बाद पार्षद अब अपने-अपने वार्डों में 32-32 लाख रुपये से विकास कार्य करा सकेंगे। वहीं सदन में इस बार फिर कचरा प्रबंधन का काम करने वाली चीनी कंपनी इकोग्रीन का हटाए जाने की मांग उठी। निगम प्रशासन फिर इस बाबत शासन पत्र भेजेगा।
पार्षद कोटे की तीसरी व चौथी किस्त एक साथ जारी करने की मांग मांग सपा के राजकुमार सिंह राजा ने की। उन्होंने यह प्रस्ताव भी रखा कि पार्षद कोटे को किस्तों में जारी करने की व्यवस्था बंद की जाए और एक साथ कोटा जारी किया जाए, ताकि काम ने अटकें। इसका कार्यकारिणी सदस्य मो. सलीम सहित सभी दलों के पार्षदों ने समर्थन किया। इसके बाद महापौर ने तीसरी किस्त जारी की। सदन ने दो साल से अटकी प्रचार नियमावली को भी पास कर दिया। अब नगर निगम प्रशासन शहर में होने वाले प्रचार से शुल्क वसूल कर सकेगा साथ ही अवैध प्रचार पर कार्रवाई भी कर सकेगा।
प्रतिमा के लिए कार्यकारिणी सदस्य देंगे पांच लाख की निधि
नगर निगम कार्यकारिणी सदस्य नागेंद्र सिंह चौहान और नामित पार्षद अनुराग मिश्रा अन्नू ने पूर्व राज्यपाल स्व. लालजी टंडन की शहर में आदम कद कांस्य प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव रखा, जिसे महापौर ने पास कर दिया। पार्षद नागेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि वह अपने वार्ड और अपनी बहन के वार्ड से पांच-पांच लाख रुपये की वार्ड विकास निधि कांस्य प्रतिमा के लिए देने का प्रस्ताव करते हैं। अन्नू ने महापौर से मांग की कि स्व. टंडन के नाम जिस चौक चौराहे का नामकरण करने की घोषणा महापौर ने पहले की थी वह अमृत लाल नागर के नाम पर पहले से है। ऐसे में किसी और चौराहे का नाम करण किया जाएगा।
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पता करें, कहां से दिया जा रहा जीआईएस सर्वे का पैसा
कांग्रेस पार्षद दल की नेता ममता चौधरी ने सदन में पूछा कि गृहकर जीआईएस सर्वे का पैसा तो स्थानीय निकाय दे रहा है, लेकिन यह पैसा कहीं नगर निगम को मिलने वाले बजट से ही काटकर तो नहीं दिया जा रहा है। जो कंपनी जीआईएस सर्वे कर रही है वह सही काम नहीं कर रही है। सपा पार्षद दल नेता यावर हुसैन रेशू ने कहा कि जो कंपनी सर्वे कर रही है वह डिफाल्टर हो गई है। इस पर नगर आयुक्त ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नही है। वहीं ममता के सवाल पर नगर आयुक्त ने कहा कि एजेंसी को भुगतान कहां से किया जा रहा है इस बारे में शासन से जानकारी ली जाएगी।
जांच होगी, बंगले में अस्पताल चलेगा कि नहीं
नियमों के विपरीत रिवर बैंक कॉलोनी में भाउराव देवरस सेवा न्याय को आवंटित आवासीय बंगले के मामले को कांग्रेस पार्षद अमित चौधरी, सपा पार्षद और कार्यकारिणी सदस्य शेलैंद्र सिंह बल्लू ने जोरशोर से उठाया। यह देख भाजपा के कुछ पार्षदों ने अड़ंगा डाल दिया और प्रस्ताव पर चर्चा होने से पहले ही सदन स्थगित कर दिया गया। इससे नाराज कांग्रेस और सपा पार्षदों ने हंगामा किया। आवासीय बंगले में अस्पताल चलाए जाने के प्रस्ताव को बिना चर्चा पास किए जाने के बाद नगर आयुक्त ने माना कि आवासीय बंगले में अस्पताल चल सकता है कि नहीं इस बारे में वह परीक्षण करेंगे।
छाए रहे जमीनों पर कब्जे के मामले
सदन में नगर निगम की जमीन पर कब्जे के मामले छाए रहे। तहसीलदार रत्नाकर मिश्रा और सविता शुक्ला ने पार्षदों के सवालों के सवाल के जवाब दिए, लेकिन वह संतुष्ट नहीं हुए। कुछ पार्षदों ने तहसीलदारों और लेखपालों पर गंभीर आरोप भी लगाए। इस मुद्दे को पार्षद देवेंद्र यादव जीतू, शिवपाल सावंरिया, रामनरेश रावत व तारा चंद्र आदि ने उठाया। इस बीच इंदिरा प्रियदर्शिनी वार्ड की मानस विहार कॉलोनी में नगर निगम की टुकड़ों में इधर उधर फैली जमीन के बदले बिल्डर द्वारा एक जगह जमीन दिए जाने का प्रस्ताव आया। इसे विरोध के बाद अगले सदन के लिए स्थगित कर दिया। यह प्रस्ताव पार्षद रामकुमार वर्मा लाए थे।
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नई प्रचार नियमावली सदन से पास, बढ़ेगी नगर निगम की आय
नगर निगम सदन ने सोमवार को नई प्रचार नियमावली, पार्षद कोटे की तीसरी किस्त और पूर्व राज्यपाल स्व. लालजी टंडन की आदम कम प्रतिमा लगाए जाने के प्रमुख प्रस्ताव पास कर दिए। तीसरी किस्त पास होने के बाद पार्षद अब अपने-अपने वार्डों में 32-32 लाख रुपये से विकास कार्य करा सकेंगे। वहीं सदन में इस बार फिर कचरा प्रबंधन का काम करने वाली चीनी कंपनी इकोग्रीन का हटाए जाने की मांग उठी। निगम प्रशासन फिर इस बाबत शासन पत्र भेजेगा।
पार्षद कोटे की तीसरी व चौथी किस्त एक साथ जारी करने की मांग मांग सपा के राजकुमार सिंह राजा ने की। उन्होंने यह प्रस्ताव भी रखा कि पार्षद कोटे को किस्तों में जारी करने की व्यवस्था बंद की जाए और एक साथ कोटा जारी किया जाए, ताकि काम ने अटकें। इसका कार्यकारिणी सदस्य मो. सलीम सहित सभी दलों के पार्षदों ने समर्थन किया। इसके बाद महापौर ने तीसरी किस्त जारी की। सदन ने दो साल से अटकी प्रचार नियमावली को भी पास कर दिया। अब नगर निगम प्रशासन शहर में होने वाले प्रचार से शुल्क वसूल कर सकेगा साथ ही अवैध प्रचार पर कार्रवाई भी कर सकेगा।
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प्रतिमा के लिए कार्यकारिणी सदस्य देंगे पांच लाख की निधि
नगर निगम कार्यकारिणी सदस्य नागेंद्र सिंह चौहान और नामित पार्षद अनुराग मिश्रा अन्नू ने पूर्व राज्यपाल स्व. लालजी टंडन की शहर में आदम कद कांस्य प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव रखा, जिसे महापौर ने पास कर दिया। पार्षद नागेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि वह अपने वार्ड और अपनी बहन के वार्ड से पांच-पांच लाख रुपये की वार्ड विकास निधि कांस्य प्रतिमा के लिए देने का प्रस्ताव करते हैं। अन्नू ने महापौर से मांग की कि स्व. टंडन के नाम जिस चौक चौराहे का नामकरण करने की घोषणा महापौर ने पहले की थी वह अमृत लाल नागर के नाम पर पहले से है। ऐसे में किसी और चौराहे का नाम करण किया जाएगा।
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पता करें, कहां से दिया जा रहा जीआईएस सर्वे का पैसा
कांग्रेस पार्षद दल की नेता ममता चौधरी ने सदन में पूछा कि गृहकर जीआईएस सर्वे का पैसा तो स्थानीय निकाय दे रहा है, लेकिन यह पैसा कहीं नगर निगम को मिलने वाले बजट से ही काटकर तो नहीं दिया जा रहा है। जो कंपनी जीआईएस सर्वे कर रही है वह सही काम नहीं कर रही है। सपा पार्षद दल नेता यावर हुसैन रेशू ने कहा कि जो कंपनी सर्वे कर रही है वह डिफाल्टर हो गई है। इस पर नगर आयुक्त ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नही है। वहीं ममता के सवाल पर नगर आयुक्त ने कहा कि एजेंसी को भुगतान कहां से किया जा रहा है इस बारे में शासन से जानकारी ली जाएगी।
जांच होगी, बंगले में अस्पताल चलेगा कि नहीं
नियमों के विपरीत रिवर बैंक कॉलोनी में भाउराव देवरस सेवा न्याय को आवंटित आवासीय बंगले के मामले को कांग्रेस पार्षद अमित चौधरी, सपा पार्षद और कार्यकारिणी सदस्य शेलैंद्र सिंह बल्लू ने जोरशोर से उठाया। यह देख भाजपा के कुछ पार्षदों ने अड़ंगा डाल दिया और प्रस्ताव पर चर्चा होने से पहले ही सदन स्थगित कर दिया गया। इससे नाराज कांग्रेस और सपा पार्षदों ने हंगामा किया। आवासीय बंगले में अस्पताल चलाए जाने के प्रस्ताव को बिना चर्चा पास किए जाने के बाद नगर आयुक्त ने माना कि आवासीय बंगले में अस्पताल चल सकता है कि नहीं इस बारे में वह परीक्षण करेंगे।
छाए रहे जमीनों पर कब्जे के मामले
सदन में नगर निगम की जमीन पर कब्जे के मामले छाए रहे। तहसीलदार रत्नाकर मिश्रा और सविता शुक्ला ने पार्षदों के सवालों के सवाल के जवाब दिए, लेकिन वह संतुष्ट नहीं हुए। कुछ पार्षदों ने तहसीलदारों और लेखपालों पर गंभीर आरोप भी लगाए। इस मुद्दे को पार्षद देवेंद्र यादव जीतू, शिवपाल सावंरिया, रामनरेश रावत व तारा चंद्र आदि ने उठाया। इस बीच इंदिरा प्रियदर्शिनी वार्ड की मानस विहार कॉलोनी में नगर निगम की टुकड़ों में इधर उधर फैली जमीन के बदले बिल्डर द्वारा एक जगह जमीन दिए जाने का प्रस्ताव आया। इसे विरोध के बाद अगले सदन के लिए स्थगित कर दिया। यह प्रस्ताव पार्षद रामकुमार वर्मा लाए थे।