देखते ही देखते तड़प कर मर गए दो भाई और मां, देखता रह गया मासूम
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सबसे छोटे बेटे ने तीनों को अंदर पड़ा देख गांव में सूचना दी। टैंक में छेद कर गैस निकाली गई तब रस्सी के सहारे तीनों को बाहर निकालकर हैलट ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गांव निवासी मजदूर रामकुमार सविता गुरुवार की सुबह काम पर गया था। घर का सीवर टैंक बारिश के कारण भरा था। इस पर सुबह नौ बजे के आसपास मंझला बेटा अरविंद (22) घर के पास खेत में बने टैंक की सफाई करने केलिए उतर गया।
भीतर जाने पर अरविंद को गैस के चलते बेचैनी महसूस हुई तो वह चीख पड़ा। उसे बचाने बड़ा बेटा कल्लू (24) भी टैंक में उतर गया। दोनों भाई जब कुछ देर तक बाहर नहीं निकले तो उनकी मां मालती (45) ने टैंक में झांककर देखा कि बेटे अंदर बेहोश पड़े हैं।
रस्से से खींचकर निकाली लाशें
मालती भी दोनों को बाहर निकालने के लिए टैंक में उतर गई। इसके बाद तीनों में से कोई बाहर नहीं निकला। सबसे छोटे बेटे नरेंद्र (10) ने जब तीनों को टैंक में पड़ा देखा तो चीख पड़ा। चीख सुन ग्रामीण पहुंचे लेकिन किसी की टैंक में उतरने की हिम्मत नहीं पड़ी।
ग्रामीणों ने टैंक में छेद कर पहले उसकी गैस निकाली, फिर रस्से के सहारे तीनों को बाहर निकाला। तब तक एंबुलेंस और दमकल भी पहुंच चुकी थी। तीनों को हैलट भेजा गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम हाउस में विधायक मुनींद्र शुक्ला के अलावा एसडीएम सदर डीडी वर्मा और तहसीलदार अनिल कुमार भी पहुंचे और पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 30-30 हजार की मदद दिलाने की बात कही।