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सपा सरकार के एक और भर्ती घोटाले की एसआईटी ने तेज की जांच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 27 Feb 2018 02:39 PM IST
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अखिलेश यादव
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सपा शासन में हुए एक और भर्ती घोटाले की जांच एसआईटी ने तेज कर दी है। यह घोटाला पशुधन विभाग में 1005 पशुधन प्रसार अधिकारियों की भर्ती में हुआ था। इस मामले में एसआईटी ने फिरोज गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एफजीआईटी) रायबरेली के डायरेक्टर आरपी शर्मा का बयान दर्ज किया है।
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एसआईटी के सूत्रों के मुताबिक इस भर्ती में इस्तेमाल ओएमआर शीट की जांच एफजीआईटी में हुई थी। लेकिन जब रिजल्ट घोषित हुआ तो डायरेक्टर ने न तो हस्ताक्षर किया और न ही अपना नाम व पदनाम लिखा।
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इस संबंध में बयान दर्ज करने के लिए एसआईटी ने शर्मा को लखनऊ बुलाया था। एसआईटी इससे पहले भी उनका बयान दर्ज कर चुकी है। शर्मा से जिन चीजों को लेकर सवाल हुए थे, उसका वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
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17 मंडलों में हुई थी भर्ती
यह भर्ती 2014 में प्रदेश के 17 मंडलों में हुई थी। भर्ती प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए कुछ अभ्यर्थी हाईकोर्ट गए थे। हाईकोर्ट ने पूरे मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराने के निर्देश सरकार को दिए थे। सरकार ने एसआईटी को दिसंबर में यह जांच सौंपी। शुरुआती जांच में एसआईटी ने सभी मंडल के अपर निदेशक ग्रेड 2 के अधिकारियों से पूछताछ की थी। साथ ही तत्कालीन पशुधन विभाग के निदेशक रुद्र प्रताप से भी पूछताछ की थी। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी धांधली से संबंधित और ब्योरा जुटाने के बाद तत्कालीन निदेशक से दोबारा पूछताछ कर सकती है।