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Lucknow News: पुलिस की निगरानी में था इंदिरानगर का सील रेस्टोरेंट, फिर भी चल रहा था कारोबार
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लखनऊ। इंदिरानगर के सेक्टर-12 में सोमवार को रेस्टोरेंट में आग लगने के बाद सील की गई बिल्डिंग में व्यावसायिक गतिविधि चलने का मामला सामने आया है। आवास विकास परिषद ने बिल्डिंग को सील करने के बाद पुलिस निगरानी में सौंपा था। अब परिषद ने पुलिस को दोबारा पत्र भेजकर सील बिल्डिंग में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने और सख्त निगरानी करने के लिए कहा है।
अलीगंज अग्निकांड के बाद आवास विकास परिषद ने तीन जुलाई को इंदिरानगर क्षेत्र में सात भवनों को सील किया था। इनमें सोमवार को आग लगने वाली बिल्डिंग भी शामिल थी। इन भवनों का निर्माण भू-उपयोग के विपरीत किया गया था। साथ ही फायर सेफ्टी और सेटबैक समेत अन्य मानकों का भी पालन नहीं किया गया था।
आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता अभिषेक तिवारी ने बताया कि किसी भवन को सील करने के बाद उसे पुलिस निगरानी में सौंप दिया जाता है। इसका उद्देश्य सील परिसर में किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधि रोकना है। इंदिरानगर की बिल्डिंग के मामले में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई थी।
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उन्होंने बताया कि अब जानकारी मिली है कि सेक्टर-12 की बिल्डिंग की सील तोड़कर उसमें अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। परिषद ने इस संबंध में पुलिस को दोबारा पत्र भेजकर भवन को सील कराने और वहां किसी भी गतिविधि पर रोक लगाने को कहा है।
इसके अलावा तीन जुलाई को सील किए गए अन्य भवनों की भी सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। परिषद के कर्मचारियों को इन भवनों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
रेस्टोरेंट में कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं हो रही थी। रेस्टोरेंट पुलिस की निगरानी में दिया गया था लेकिन वहां पुलिसकर्मी की तैनाती नहीं हो सकती है।
-अजय नारायण सिंह, इंस्पेक्टर इंदिरानगर
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अलीगंज अग्निकांड के बाद आवास विकास परिषद ने तीन जुलाई को इंदिरानगर क्षेत्र में सात भवनों को सील किया था। इनमें सोमवार को आग लगने वाली बिल्डिंग भी शामिल थी। इन भवनों का निर्माण भू-उपयोग के विपरीत किया गया था। साथ ही फायर सेफ्टी और सेटबैक समेत अन्य मानकों का भी पालन नहीं किया गया था।
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आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता अभिषेक तिवारी ने बताया कि किसी भवन को सील करने के बाद उसे पुलिस निगरानी में सौंप दिया जाता है। इसका उद्देश्य सील परिसर में किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधि रोकना है। इंदिरानगर की बिल्डिंग के मामले में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई थी।
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उन्होंने बताया कि अब जानकारी मिली है कि सेक्टर-12 की बिल्डिंग की सील तोड़कर उसमें अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। परिषद ने इस संबंध में पुलिस को दोबारा पत्र भेजकर भवन को सील कराने और वहां किसी भी गतिविधि पर रोक लगाने को कहा है।
इसके अलावा तीन जुलाई को सील किए गए अन्य भवनों की भी सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। परिषद के कर्मचारियों को इन भवनों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
रेस्टोरेंट में कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं हो रही थी। रेस्टोरेंट पुलिस की निगरानी में दिया गया था लेकिन वहां पुलिसकर्मी की तैनाती नहीं हो सकती है।
-अजय नारायण सिंह, इंस्पेक्टर इंदिरानगर