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शामली में चुनाव में खाप की भूमिका अहम : किसानों की कसौटी पर खरा उतरने की चुनौती

Mon, 31 Jan 2022 04:26 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव गौरव त्यागी, अमर उजाला, शामली
गौरव त्यागी, अमर उजाला, शामली Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 31 Jan 2022 04:26 AM IST
सार

रिम-धुरा उद्योग के लिए देश-विदेश में पहचाने जाने वाले शामली के चुनावी चौसर में किसान प्रत्याशियों को कई कसौटियों पर कस रहे हैं। भाजपा के लिए इस सीट को बचाए रखना बड़ी चुनौती है।

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The role of Khap in the elections in Shamli is important: challenge to meet the criteria of farmers
ईवीएम(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

                                
                
                
                 
                    
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रिम-धुरा उद्योग के लिए देश-विदेश में पहचाने जाने वाले शामली के चुनावी चौसर में किसान प्रत्याशियों को कई कसौटियों पर कस रहे हैं। भाजपा के लिए इस सीट को बचाए रखना बड़ी चुनौती है। बहुचर्चित कैराना से सटे इस विधानसभा क्षेत्र में भी ध्रुवीकरण की कोशिशें हो रही हैं। इस बार किसान आंदोलन का असर साफ नजर आ रहा है। किसानों के मुद्दे और उनकी नाराजगी चुनाव में बड़ा असर डालेगी। आंदोलन के दौरान गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र सिंह मलिक सरकार के पक्ष में थे। खाप के थांबेदार श्याम सिंह बहावड़ी अंत तक आंदोलन के साथ बने रहे। यहां से भाजपा समेत चार दलों के प्रत्याशी जाट बिरादरी से हैं। भाजपा से विधायक तेजेंद्र निर्वाल, सपा रालोद गठबंधन से प्रसन्न चौधरी, बसपा से बिजेंद्र मलिक कुड़ाना और आम आदमी पार्टी से बिजेंद्र मलिक कुरमाली।
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वहीं, कांग्रेस से अय्यूब मैदान-ए-जंग में हैं। ऐसे में यहां खाप का रुख बहुत कुछ तय करेगा। वर्ष 2012 में बनी इस सीट पर कांग्रेस के पंकज मलिक जीते थे। फिर 2017 में तेजेंद्र निर्वाल विधायक बने। बात मतदाताओं की करें तो सीबी गुप्ता कॉलोनी के अजय शर्मा कहते हैं कि भाजपा सरकार में विकास काफी हुआ है। आपराधिक घटनाओं में कमी आई है। सभी को कसौटी पर कसने के बाद ही वोट करेंगे।
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दयानंद नगर के हरपाल मलिक कहते हैं कि किसान आंदोलन का असर इस बार इस सीट पर दिखाई देगा। कोरोना से हुई मौतें भी असर डालेंगी। एमएसके रोड के दुकानदार महेश कहते हैं कि हाईवे का जाल बिछ रहा है। सुरक्षा की भावना बढ़ी है, लेकिन महंगाई व बेरोजगारी से परेशान भी हैं। माजरा रोड निवासी अनिल चौधरी कहते हैं कि गन्ना मूल्य का समय से भुगतान, डीजल के दाम व बिजली की दरों में वृद्धि अहम मुद्दे होंगे। आजाद नगर निवासी जाकिर भी महंगाई व बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार की आलोचना करतेे नजर आए।
ये मुद्दे भी अहम गन्ना का बकाया भुगतान समय पर न होना, निर्माणाधीन दिल्ली-देहरादून हाईवे, अंबाला-शामली इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण से मिलने वाले मुआवजे का मुद्दा भी अहम है। वर्ष 2017 का हाल प्रत्याशी दल वोट तेजेंद्र निर्वाल भाजपा 70,085 पंकज मलिक कांग्रेस 40,365 बिजेंद्र मलिक रालोद 33,551 मनीष कुमार निर्दलीय 31,824 मोहम्मद इस्लाम बसपा 17,114 वोटों का गणित जाट 68000 मुस्लिम 70000 वैश्य 38000 एससी 35000 कश्यप 23000 ब्राह्मण 22000 गुर्जर 21000 अन्य 28000
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